UPSCTOPPER : पेट्रोलपंप पर काम करनेवाले का बेटा प्रदीप सिंह आईएस–2019टॉपर्स, पिता ने घर बेचकर पढ़ाया

3 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 04 अगस्त 2020 | जयपुर-दिल्ली-इंदौर : UPSC Result 2019: यूपीएससी का रिजल्ट मंगलवार को घोषित कर दिया गया। देश की टॉप परीक्षाओं में से एक इस परीक्षा में प्रदीप सिंह ने ऑल इंडिया रैंक वन हासिल की है। इसी लिस्ट में 26वें स्थान पर भी एक नाम प्रदीप सिंह का है। आईआरएस अफसर के तौर पर अपनी सेवाएँ दे रहे इस प्रदीप सिंह ने भी अपने पिता और परिवार का मान बढ़ाया है। आइए जानते हैं प्रदीप सिंह के संघर्ष और सफल होने की कहानी। बता दें, उनके पिताजी इंदौर में निरंजनपुर देवास नगर के डायमंड पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। उनकी माँ हाउस वाइफ और उनके भाई प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं। उन्होंने बताया तीनों मेरी हर मुश्किल में प्रोटेक्शन वॉल की तरह खड़े रहे। उन्होंने बताया कि पापा और भाई ने मेरी पढ़ाई का काफी ख्याल रखा। जब मेरी यूपीएससी की मेंस परीक्षा चल रही थी उस दौरान मेरी माँ अस्पताल में एडमिट थी। लेकिन इस बात की जानकारी मुझे नहीं दी गयी। ताकि मैं किसी भी तरह से टेंशन ना लूँ, जिसका असर मेरी पढ़ाई पर ना पड़े। प्रदीप ने बताया पिता ने घर ही नहीं बल्कि गांव की बिहार के गोपालगंज की पुश्तैनी जमीन भी मेरी पढ़ाई की खातिर बेच दी ताकि दिल्ली में मुझे किसी भी तरह से पैसों की दिक्कत ना हो। बता दें, प्रदीप का जन्म बिहार में हुआ था, जिसके बाद वह इंदौर शिफ्ट हो गये थे। प्रदीप सिंह ने CSE 2018 में ऑल इंडिया रैंकAIR 93 हासिल की थी 22 साल के प्रदीप ने पहले ही प्रयास में ये परीक्षा पास की थी। पास होने के बाद प्रदीप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मैंने जितना संघर्ष अपने जीवन में किया है, उससे कहीं ज्यादा संघर्ष मेरे-माता पिता ने किया है। बता दें प्रदीप सिंह के पिता पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। प्रदीप का सपना बड़ा था। ऐसे में उन्होंने दिल्ली आने का फैसला किया। वह 2017 में जून के महीने में दिल्ली आये थे, जहाँ उन्होंने वाजीराव कोचिंग ज्वॉइन की। प्रदीप का कहना है कि आर्थिक रूप से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके माता – पिता ने ये सब उनकी पढ़ाई के बीच में नहीं आने दिया। प्रदीप ने बताया कि उनके घर में पैसों की काफी दिक्कतें थीं, लेकिन मेरे माता- पिता का जज्बा मुझसे कहीं ज्यादा ऊपर था। न्यूज एजेंसी ANI को प्रदीप के पिता ने कहा था कि “मैं इंदौर में एक पेट्रोल पंप पर काम करता हूँ। मैं हमेशा अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहता था ताकि वे जीवन में अच्छा कर सकें। प्रदीप ने बताया कि वह यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, मेरे पास पैसे की कमी थी। ऐसे में मैंने अपने बेटे की पढ़ाई की खातिर अपना घर बेच दिया। उस दौरान मेरे परिवार को काफी संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन आज मैं बेटे की सफलता से खुश हूँ।” प्रदीप ने एक मीडिया चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा था कि उनकी कोचिंग की फीस करीब 1.5 लाख रुपये थी। इसी के साथ ऊपर का खर्चा अलग था। मेरी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न आये। इसके लिए पिताजी ने घर बेच दिया। प्रदीप ने बताया कि- मेरे पिताजी की जीवन भर की संपत्ति उनका इंदौर का मकान था। लेकिन मेरी पढ़ाई की खातिर उसे बेच दिया और एक क्षण भी ये नहीं सोचा कि ऐसा क्यों कर रहा हूँ। उन्होंने कहा जब मुझे इस बारे में मालूम चला तो मेरा मेहनत करने का जज्बा डबल हो गया। पिता जी के इस त्याग ने मुझे और सक्षम बना दिया। और मैंने ठान लिया कि ये यूपीएससी की परीक्षा हर हाल में पास करनी है।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This