UPSC TOPPERS : हरियाणा के एक किसान का बेटा ‘प्रदीप सिंह’ कैसे बना आईएएस टॉपर (संक्षिप्त इंटरव्यू)

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 06 अगस्त 2020 | जयपुर-सोनीपत : सोनीपत के पास तेवड़ी गांव के रहने वाले प्र‍दीप सिंह मलिक ने यूपीएससी की परीक्षा में पूरे देश में पहली रैंक हासिल की है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर प्रदीप सिंह का कहना है कि उनके लिए नौकरी और परीक्षा की तैयारी में संतुलन कायम करना काफी कठिन रहा। कई बार ऐसा लगा कि उनका ध्यान हट रहा है, लेकिन ऐसे में उनके पिता उन्हें हमेशा प्रेरित करते थे। एक साधारण किसान पर‍िवार में जन्मे प्रदीप के लिए ये सफर आसान नहीं था। हरियाणा के सोनीपत जिले के निवासी 29 वर्षीय प्रदीप सिंह का सिविल सेवा परीक्षा में यह चौथा प्रयास था। 2019 में वह भारतीय राजस्व सेवा (सीमाशुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के लिए चुने गये थे। वह फरीदाबाद में राष्ट्रीय अकादमी सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं स्वापक विभाग में परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर थे। एक तरफ नौकरी करके घर चलाने की गरज थी तो दूसरी ओर आईएएस बनकर ख्वाब पूरा करने की उम्मीद। नौकरी के साथ कोचिंग कर पाना उनके लिए मुश्कि‍ल था, क्योंकि नौकरी वो छोड़ नहीं सकते थे। प्रदीप सिंह ने प्रतिष्ठित सिविल सेवा के लिए चुने गये 829 अभ्यर्थियों में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जिसमें आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसी सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। प्रदीप कहते हैं, ‘यह सबकुछ सपना सच होने जैसा था।’ मंगलवार को प्रदीप ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए पढ़ाई में निरंतरता और फोकस बहुत जरूरी है। सिंह ने कहा, ‘यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा है। यह मेरे लिए सुखद आश्चर्य है। मैं हमेशा से आईएएस अधिकारी बनना चाहता था। मैं समाज के गरीब और वंचित तबके के लिए काम करना चाहूँगा।’ उन्होंने कहा कि आजकल यूपीएससी का ट्रेंड बदल चुका है। उन्होंने कहा कि अब यूपीएससी में भी करंट सवाल पूछे जाते हैं। अब अपने आसपास की चीजों से अवेयर रहकर उन पर अपने विचार बनाएं, उसी से सवाल पूछे जाते हैं. इसके लिए मेरी स्मार्ट स्टडी ने मदद की। ‘फोकस करना बहुत जरूरी’ प्रदीप के पिता सुखबीर सिंह किसान हैं और वह सिंह के दिल के बेहद करीब हैं। सिंह ने कहा, ‘यूपीएससी के लिए अध्ययन में निरंतरता और साथ में फोकस चाहिए। जब मैं नौकरी कर रहा था तो एक समय ऐसा आया जब मुझे लगा कि मैं परीक्षा में ध्यान लगाने में विफल हो सकता हूँ। लेकिन मेरे पिता मुझे प्रेरित करते रहे।’ उन्होंने कहा, ‘आज मेरे पिता बहुत खुश हैं। मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है।’ सिंह की माँ गृहणी हैं, उनके बड़े भाई बीमा क्षेत्र में काम करते हैं और छोटी बहन गणित में एमएससी कर रही हैं। आईएएस टॉपर प्रदीप का पूरा इंटरव्यू आजतक के इस लिंक पर सुनें- ‘…तो चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं’ प्रदीप ने कहा,‘मैं अपनी बहन को भी बिना किसी दबाव के अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता हूँ।’ सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जब कोई पढ़ाई और नौकरी के बीच तालमेल बैठाता है तो चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ‘ध्यान केंद्रित रखना मुश्किल लग सकता है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए किसी को भी दृढ़ निश्चयी होना होता है।’ सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले हरियाणा के प्रदीप सिंह का यह भी कहना है कि पढ़ाई और नौकरी के बीच तालमेल बैठाते हुए एक ऐसा भी वक्त आया जब उन्हें लगा कि वह ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन उनके पिता उन्हें लगातार प्रेरित करते रहे। सोनीपत जिले के सिंह को चौथे प्रयास में यह सफलता मिली है। सिंह ने कहा कि यह एक सपने के साकार होने जैसा है क्योंकि वह हमेशा से आईएएस अधिकारी बनना चाहते थे और समाज के कमजोर वर्गों के लिये काम करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए स्थिरता बनाये रखना और ध्यान केंद्रित रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा,‘‘ यह एक सपने के साकार होने जैसा है । यह सुखद आश्चर्य है । मैं हमेशा से आईएएस अधिकारी बनना चाहता था । मैं समाज के कमजोर वर्गों के लिये काम करना चाहूँगा।’’ उनकी किसान परिवार की पृष्ठभूमि है और इस लिए वह किसानों की भलाई के लिए भी काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यूपीएससी के लिए स्थिरता बनाये रखना और ध्यान केंद्रित रखना जरूरी है। जब मैं यह नौकरी कर रहा था, तब एक वक्त मुझे लगा कि मैं परीक्षाओं पर ध्यान नहीं केंद्रित कर पाऊँगा लेकिन मेरे पिता मुझे लगातार प्रेरित करते रहे।’’ सिंह ने कहा,‘‘ मेरे पिता आज बेहद खुश हैं, मेरा पूरा परिवार बहुत प्रसन्न है।’’ सिंह की माँ गृहणी हैं, उनके बड़े भाई बीमा क्षेत्र में काम करते हैं और छोटी बहन गणित में एमएससी कर रही है। उन्होंने कहा,‘‘ मैं अपनी बहन को भी बिना किसी दबाव के अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता हूँ।’’ एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जब कोई पढ़ाई और नौकरी के बीच तालमेल बैठाता है तो चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा,‘‘ ध्यान केंद्रित रखना मुश्किल लग सकता है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए किसी को भी दृढ़ निश्चयी होना होता है।’’ सिविल सेवा की तैयारी करने वालों के लिए अपने संदेश में सिंह ने कहा,‘‘ अपना ध्यान हमेशा केंद्रित रखिए और एकाग्रता बनाये रखें। ऐसा वक्त भी आएगा जब आपको लगेगा कि आप नहीं कर पायेंगे, लेकिन उस वक्त आपका दृढ़ निश्चय आपकी मदद करेगा।’’

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