बसपा कांग्रेस विलय : राजस्थान हाईकोर्ट आज सुना सकता है फैसला, सुप्रीमकोर्ट से कांग्रेस को मिली राहत

3 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 24 अगस्त 2020 | जयपुर : राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान (Rajasthan) के बाद अब प्रदेश में गहलोत सरकार को एक और पड़ाव पार करना है, जिसका फैसला सोमवार को यानी आज आ सकता है। खास बात यह है कि इस फैसले के आने के बाद कांग्रेस के लिए राजनैतिक समीकरण कैसे रहेंगे। राजस्थान में सियासी संकट टलने के बाद कांग्रेस का एक और पड़ाव बाकी है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित है बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय संबंधी बीजेपी विधायक मदन दिलावर की याचिका आज ख़ारिज का दी है। कांग्रेस में शामिल हुए बसपा विधायकों को लेकर मदन दिलावर और बसपा की ओर से लगायी हुई है याचिका। ऐसी ही एक याचिका राजस्थान हाईकोर्ट में भी लगायी हुई है। दोनों याचिकाओं में विलय की संवैधानिकता को लेकर चुनौती दी गयी है। सुप्रीम कोर्ट के बाद आज राजस्थान हाईकोर्ट इस मामले में फैसला दे सकता है। प्रदेश में जहाँ एक ओर कांग्रेस का सियासी घमासान थम गया है। वहीं उसके साथ ही प्रदेश में अभी भी गहलोत सरकार को एक और पड़ाव पार करना है, जिसके फैसले की घड़ी आज यानी सोमवार की है। आपको बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट में कांग्रेस में बीएसपी विधायकों के विलय के मामले में सुनवाई को लेकर फैसला किया जाना है। राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस महेन्द्र गोयल की बेंच इस मामले में फैसला सुनाएगी। लेकिन यदि इस मामले में फैसला कांग्रेस के पक्ष में नहीं आता है, तो कांग्रेस के लिए राजस्थान की राजनीति में क्या संभावनाएँ रहेगी। फैसला कांग्रेस के खिलाफ आया तो घट जायेगी 10 प्रतिशत सीट, आँकड़ा 101 रह जायेगा प्रदेश में कांग्रेस के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि फैसला बीएसपी विधायकों के पक्ष में नहीं आता है, तो राजस्थान में कांग्रेस के पास जादुई गणित का आँकड़ा 101 रह जायेगा। ऐसे में सरकार पर संकट बने रहने की संभावनाए हैं। बीएसपी विधायकों के जाने से कांग्रेस को 10 फीसदी सीटों का नुकसान होगा। गहलोत पर सचिन पायलट खेमे का बना रहेगा डर भले की सियासी संकट टल गया हो, लेकिन अभी भी राजस्थान में सचिन और गहलोत समर्थकों की खींचतान जारी है। बार -बार राजस्थान कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई का संभावनाएँ दिखायी दे रही है। ऐसे में यदि बीएसपी विधायकों की सीटों को नुकसान होता है, तो सचिन पायलट खेमा का डर गहलोत सरकार और कांग्रेस में बना रहेगा। बीएसपी विधायक सुप्रीम कोर्ट से कर सकते हैं गुहार फिलहाल सभी की निगाहें राजस्थान हाईकोर्ट की ओर दिखायी दे रही है। वहीं बीएसपी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मदन दिलावर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका लगायी गयी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि वो सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट ने निर्णय के बाद करेंगे। फैसला पक्ष में आने से कांग्रेस की स्थिति हो सकती है मजबूत राजस्थान हाईकोर्ट यदि फैसला बीएसपी विधायकों के पक्ष में देता है, तो इससे जहाँ बीएसपी को एक बड़ा झटका लगेगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होगी, जिसका फायदा कांग्रेस 2023 में होने वाले चुनावों में भी उठाने का प्रयास करेगी। फैसला पक्ष में आने पर सीएम गहलोत आगामी चुनावों को लेकर बनायेंगे सोची-समझी रणनीति राजस्थान में आये सियासी भूचाल और बीएसपी विधायकों के विलय को कोर्ट में चुनौति मिलने के बाद अब यह तय है कि सीएम अशोक गहलोत की रणनीति पहले से तेज और तर्रार होगी। बीएसपी विधायकों के पक्ष या विपक्ष दोनों की सूरत के फैसलों से अशोक गहलोत की रणनीति पर बड़ा फर्क पड़ेगा, जिसकी बानगी मूल रूप से 2023 के इलेक्शन में देखने को मिलेगी।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This