पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन का आज ट्विटर पर नेशनल ट्रेंड

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मूकनायक ब्यूरो / जयपुर-दिल्ली-मुंबई-आगरा : एनएमओपीएस ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने आज ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म को मंच बनाया। एनएमओपीएस के अध्यक्ष दीपक कुमार बंधु ने 26 जून 2020 को ट्विटर ट्रेंड का आह्वान किया था जिसको कर्मचारियों ने पूरी ताकत दी और जैसे ही दोपहर के 12 बजे एनएमओपीएस के अध्यक्ष के ट्विट के साथ ही यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर छाने लगा और देखते-ही-देखते ट्विटर पर ट्रेंड कर गया । अनेकों कर्मचारियों ने हाथों पर पोस्टर लेकर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें पोस्ट की हैं। इसके माध्मय से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से पुरानी पेंशन बहाल करने की पुरजोर मांग की है। कोरोना वॉरियर्स के लिए पेंशन की माँग से ट्रेंड आरंभ हुए जिनमें सेना पर फूल बरसाने के बजाय जवानों को पुरानी पेंशन बहाल करने की माँग की गयी । देशभर में चले ट्रेंड में हजारों कर्मचारियों ने भागीदारी की है। सामाजिक और कर्मचारियों के मुद्दों को उठाने वाले ट्विटर किंग हंसराज मीना ने भी इस ट्रेंड को नेशनल स्वरूप देने में महती भूमिका निभायी राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजकों ने कोरोना की वजह से लॉकडाउन के चलते आंदोलन का रुख भी बदला गया है। कर्मचारी अपने घरों पर रहकर ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर ऑनलाइन विरोध दर्ज करा रहे हैं। इसके तहत पूर्व में दीपक जलाओ कार्यक्रम कराया गया। जो बेहद सफल रहा था। अधिकांश ट्विटस में पीएम मोदीजी और पीएमओ को भी टैग किया गया । ऐसे ही एक ट्विटर हैंडल प्रकाश मंडावत ने कहा कि सांसद – विधायकों को पांच साल में पेंशन मिल जाती है तो 30 की सेवा के बाद कर्मचारियों को क्यों नहीं ? यह भी पढ़ें : ‘सांसद-विधायक को पेंशन, कर्मचारियों को क्यों नहीं’ आज सोशल मीडिया पर पोस्टर के माध्यम से विरोध दर्ज कराने के कार्यक्रम को भी भरपूर सफलता मिल रही है। प्रदेश भर से हजारों कर्मचारियों ने इसमें भागीदारी की है। इसमें सभी विभागों में 2005 के बाद तैनात कर्मचारी भागीदारी कर रहे हैं। पुरानी पेंशन को हटाकर एनडीए सरकार ने कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय किया है। अनेकों पोस्ट्स में बिरसा मुंडा के संघर्ष को भी याद किया गया कि मात्र सत्र 25 साल का जीवन काल और झारखण्डियों के लिए भगवान के आंदोलन से सीख लेनी होगी। पेंशन आंदोलन के लिए भी, हमें भगवान बिरसामुंडा का अनुसरण करना चाहिए। यह भी पढ़ें : ‘अबुआ दिशोम रे अबुआ राज’ बिरसा मुंडा का सपना कब पूरा होगा! बाजार आधारित इस पेंशन से सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। इसके अलावा विभिन्न संगठनों के कर्मचारी पूर्व से ही आंदोलन में शामिल होकर संघर्ष कर रहे हैं। इस आंदोलन ने आँकड़ों के लिहाज से भी 209 हजार ट्विट्स दर्ज हो गये। ये भी पढ़ें :कब टूटेगा राज्यों में नयी पेंशन स्कीम का तिलस्म सोशल मीडिया ट्रेंड के मनोभावों से साफ झलकता है कि जब तक सरकार उनकी जायज माग को पूरा नहीं कर देती आंदोलन जारी रहेगा। कई बैनर-पोस्टरों भविष्य में मांग मनवाने के लिए आंदोलन को उग्र करने की भी चेतावनी दी। ये भी पढ़ें :ओपीएस पेंशन ऑप्ट का एक और तोहफा, केंद्र देगा मौका पुरानी पेंशन को फिर से लागू करने के लिए मोर्चा लगातार संघर्षरत है और कोरोना महामारी में भी नियमों का पालन करते हुए पेंशन की बहाली को लेकर आंदोलन किये जा रहे हैं।

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