आरएएस साक्षात्कार की प्रक्रिया और बेहतर अंक पाने की रणनीति, साक्षात्कार में अंकों का विभाजन कैसे ?

(सौजन्य : ‘द ड्रीमलैंड अकैडमी’ जयपुर) मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 10 जुलाई 2020 | जयपुर-अजमेर : मुख्य परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को सामान्यत: एक माह पश्चात आयोग के समक्ष साक्षात्कार के लिएउपस्थित होना होता है। साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है, जिसमें आयोग के सदस्यों द्वारा आयोग में निर्धारित स्थान पर साक्षात्कार की प्रक्रिया संपन्न होती है। मुख्य परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को सामान्यत: एक माह पश्चात आयोग के समक्ष साक्षात्कार के लिए उपस्थित होना होता है। साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है, जिसमें आयोग के सदस्यों द्वारा आयोग में निर्धारित स्थान पर मौखिक प्रश्न पूछे जाते हैं जिसका उत्तर अभ्यर्थी को मौखिक रूप से देना होता है। यह प्रक्रिया अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार एक से अधिक दिनों तक चलती है। आर.पी.एस.सी. की इस परीक्षा में साक्षात्कार के लिएकुल 100 अंक निर्धारित किये गये हैं। मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्राप्त किये गये अंकों के योग के आधार पर अंतिम रूप से मेरिट सूची (मेरिट लिस्ट) तैयार की जाती है। सम्पूर्ण साक्षात्कार समाप्त होने के सामान्यत: एक सप्ताह पश्चात अंतिम रुप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाती है। आरएएस के लिए रणनीति की आवश्यकता क्यों? राजस्थान लोक सेवा आयोग (आर.पी.एस.सी.), जयपुर द्वारा आयोजित परीक्षा में सफलता सुनिश्चित करने के लिए उसकी प्रकृति के अनुरूप उचित एवं गतिशील रणनीति बनाने की आवश्यकता है। यह वह प्रथम प्रक्रिया है जिससे आप की आधी सफलता प्रारंभ में ही सुनिश्चित हो जाती है। ध्यातव्य है कि राजस्थान राज्य सेवा परीक्षा सामान्यत: तीन चरणों (प्रारंभिक, मुख्य एवं साक्षात्कार) में आयोजित की जाती है, जिसमें प्रत्येक अगले चरण में पहुँचने के लिएउससे पूर्व के चरण में सफल होना आवश्यक है। इन तीनों चरणों की परीक्षा की प्रकृति एक दूसरे से भिन्न होती है। अत: प्रत्येक चरण में सफलता सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग रणनीति बनाने की आवश्यकता है। आरएएस साक्षात्कार की रणनीति मुख्य परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों (सामान्यत: विज्ञप्ति में वर्णित कुल रिक्तियों की संख्या का 3 गुना) को सामान्यत: एक माह पश्चात आयोग के समक्ष साक्षात्कार के लिए उपस्थित होना होता है। साक्षात्कार किसी भी परीक्षा का अंतिम एवं महत्त्वपूर्ण चरण होता है। अंकों की दृष्टि से कम लेकिन अंतिम चयन एवं पद निर्धारण में इसका विशेष योगदान होता है। साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है, जिसमें आयोग के सदस्यों द्वारा आयोग में निर्धारित स्थान पर मौखिक प्रश्न पूछे जाते हैं जिसका उत्तर अभ्यर्थी को मौखिक रूप से देना होता है। वर्ष 2014 में आरपीएससी की इस परीक्षा में साक्षात्कार के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किया गया (पूर्व में यह 250 अंकों का होता था)। आपका अंतिम चयन मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्राप्त किये गये अंकों के योग के आधार पर तैयार किये गये मेरिट सूची के आधार पर होता है। साक्षात्कार में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए‘साक्षात्कार की तैयारी’ (interview preparation) शीर्षक का अध्ययन करें। साक्षात्कार अंक विभाजन आयोग ने 100 अंकों के साक्षात्कार को पृथक-पृथक विभाजित किया है। संवीक्षा परीक्षा में प्राप्तांकों का चालीस प्रतिशत भरांक की गणना (40 अंक), अकादमिक के 20 अंक और साक्षात्कार के 40 अंक (Interview Number) होंगे। अकादमिक 20 अंकों का भी वर्गीकरण भी किया गया है। इसके तहत विशिष्ट योग्यता (75 प्रतिशत), प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी और केवल उत्तीर्ण की श्रेणी शामिल की गयीहै। साक्षात्कार के वक्त अभ्यर्थियों को सभी मूल प्रमाण पत्र, उपाधियाँ साथ लानी होंगी। सहायक कृषि अधिकारी भर्ती के साक्षात्कार में इसकी शुरुआत हो चुकी है। अब सभी भर्तियों के साक्षात्कार में यही नीति लागू की जायेगी।

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