इंद्र मेघवाल को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा का ज्ञापन

जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का आरोपियों के समर्थन में खड़े होकर खुलेआम तालियाँ बजाकर उन्हें भयभीत करना,
4 min read

जालौर के गांव सुराणा निवासी श्री देवाराम मेघवाल जी के 9 वर्षीय बेटे इंद्र कुमार मेघवाल की छुआछूत और जातिवाद के कारण घड़े से पानी पीने पर स्कूल के अध्यापक छैल सिंह के द्वारा पीट-पीटकर की गयी हत्या की न्यायिक / सीबीआई जाँच हेतु ज्ञापन

माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी

विषय : जालौर के गांव सुराणा निवासी श्री देवाराम मेघवाल जी के 9 वर्षीय बेटे इंद्र कुमार मेघवाल की छुआछूत और जातिवाद के कारण घड़े से पानी पीने पर स्कूल के अध्यापक छैल सिंह के द्वारा पीट-पीटकर की गयी हत्या की न्यायिक / सीबीआई जाँच हेतु

महोदय,

जैसा आपको विदित है कि प्रदेश के सभी जिलों में गांव-गांव तक छुआछूत और जातिवाद के कारण अत्याचारों की बाढ़ सी आ गयी है। अभी हाल ही में, राजस्थान के जालौर जिले के गांव सुराणा निवासी श्री देवाराम मेघवाल जी के 9 वर्षीय बेटे इंद्र कुमार मेघवाल को छुआछूत और जातिवाद के कारण घड़े से पानी पीने पर स्कूल के अध्यापक छैल सिंह के द्वारा पीट-पीटकर मारे जाने के कारण उसकी हत्या हुई, प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा के नेतृत्व में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) राजस्थान का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला।

प्रतिनिधिमंडल की पीड़ित परिवार के साथ हुई वार्तालाप के आधार पर इस दुर्दांत और जघन्य अपराध की न्यायिक / सीबीआई जाँच करवाने के हेतु इस घटना से संबंधित तथ्य निम्नांकित है, जिन्हें आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं ताकि मासूम बालक इंद्र मेघवाल और उनके पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके;

  • हर रोज की भांति बालक इंद्र मेघवाल सुराणा के सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ने के लिए गये। स्कूल के लंच के समय मासूम बालक इंद्र मेघवाल ने अपना लंच खाकर (इंद्र के बड़े भाई नरेश के अनुसार इंद्र को तेज मिर्च लगी थी) अध्यापक छैल सिंह के लिए रखी गयी मटकी में से पानी पी लिया क्योंकि स्कूल की एकमात्र पानी की टंकी पर लंच टाइम की वजह से बहुत भीड़ थी।
  • अध्यापक छैल सिंह ने मासूम इंद्र मेघवाल को कनपटी पर टारगेट करके इतना बुरा मारा कि इंद्र मेघवाल के दिमाग की नस फट गयी जिससे उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ, आधे शरीर में लकवा फैला और एक आँख बाहर निकल आयी ।
  • मासूम बालक इंद्र मेघवाल का उनके परिवार ने सुराणा, सायला, उदयपुर और अंत में डॉक्टर्स की सलाह पर अहमदाबाद इलाज करवाया। इलाज के दौरान बालक इंद्र कुमार की मौत हो गयी।
  • दर्दनाक मौत के बाद स्थानीय प्रशासन ने मनमानी की और घोर अमानवीयता और असंवेदनशीलता का परिचय देते हुए परिवार की इच्छा के विरुद्ध मृतक बालक इंद्र मेघवाल के मृत शारीर को ट्रेक्टर-ट्रोली में डालकर रात को उनका दाह-संस्कार कर दिया।
  • मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों ने स्वाभाविक रूप से इसका विरोध किया और स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया कि वे रश्मों-रिवाज के अनुसार उनका दाह-संस्कार दिन में करना चाहते हैं।
  • स्थानीय प्रशासन ने परिजनों और नजदीकी रिश्तेदारों की कतई नहीं सुनी बल्कि उन पर डंडे बरसाना शुरू कर दिया जिसमें मृतक के चाचा को लहूलुहान कर दिया, उनके सिर में गहरी चोटें आई, इलाज के दौरान कई टांके लगे हैं।
  • महोदय, आपको स्मरण होगा कि यह घटना उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड की याद दिलाती हैं जहाँ एक दलित लड़की के बलात्कार के बाद हत्या कर पुलिस ने रात के अँधेरे में दाह संस्कार किया था।
  • पीड़ित परिवार की व्यथा सुनने के आधार पर आपसे कहना चाहते हैं कि पीड़ित परिवार दोहरे-तिहरे सकंट से गुजर रहा है ; एक मासूम होनहार बालक दुर्दांत मौत, स्थानीय पुलिस प्रशासन का का दबाव और धमकियाँ, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का आरोपियों के समर्थन में खड़े होकर खुलेआम तालियाँ बजाकर उन्हें भयभीत करना, और स्थानीय दबंग समुदायों द्वारा सामूहिक बैठकों का आयोजन कर उनकी जर, जोरू और जमीं को नुकसान पहुँचाने और परिणाम भुगतने की चेतावनियों ने उनका जीना हराम कर दिया है । आरोपी प्रशासन के सहयोग से सबूत मिटने में लगे हैं । मीडिया ट्रायल जारी है ।
  • इन तथ्यों के बारे में प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल जोधपुर रेंज के आईजी श्री पी. रामजी और वहीं पोस्टेड आईपीएस डॉ अमृता जी को दिनांकः18 अगस्त 2022 को लिखित में अवगत करवा दिया है।

महोदय, आप स्वयं महसूस कर सकते हैं कि जब स्थानीय जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक आरोपियों की सभा में जाकर उनके समर्थन में तालियाँ बजावे तो क्या इस दुर्दांत और जघन्य मामले की तटस्थ और पारदर्शी जाँच संभव है ? महोदय, जब सूबे के उच्चाधिकारियों द्वारा सरेआम इस तरह का बर्ताव किया जावे, जिन्हें किसी का डर ना हो, शायद आपका भी नहीं, तो पारदर्शी जाँच कतई संभव नहीं है।

इसलिए इसके लिए एक उच्च स्तरीय जाँच बिठायी जावे जिसमें हम चाहते हैं कि दलित वर्ग के प्रतिनिधि के रूप में राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व सदस्य श्री आर के आकोदिया जी को रखा जावे ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

त्वरित न्याय की अपेक्षा में

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This