टोंक में बरसाती नाले में बहने से पति-पत्नी की मौत, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का कहर, SDRF की टीमें मौके पर पहुँची

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(Husband and wife died due to flowing in a rainy drain in Tonk, rain wreaks havoc in South-East Rajasthan, SDRF teams reached the spot)

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 22 अगस्त 2022 | जयपुर-टोंक-कोटा-उदयपुर : बंगाल की खाड़ी से आये डीप डिप्रेशन सिस्टम की आज राजस्थान के पूर्वी हिस्से में एंट्री हो गयी। इसके कारण जयपुर, झालावाड़, कोटा, बूंदी, बारां, टोंक, दौसा, करौली, उदयपुर जिलों में तेज बारिश हुई। बारिश से सड़कें दरिया बन गयी, कॉलोनियाँ जलमग्न हो गयीं। जगह-जगह पानी भरने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ।

टोंक में बरसाती नाले में बहने से पति-पत्नी की मौत हो गयी। खेत पर जाने के लिए दोनों नाला पार कर रहे थे। वहीं उदयपुर में बाइक से पुलिया पार कर रहे दो युवक बह गये। दोनों की तलाश की जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश कोटा शहर में हुई। यहाँ 9 इंच तक पानी बरसा, जिससे बाढ़ के हालात पैदा हो गये। प्रशासन ने स्कूल-कॉलेजों में छुटि्टयाँ घोषित कर दी। जयपुर में भी रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक बरसात हुई।

टोंक में 12 घंटे में रिकॉर्ड 7 इंच बारिश
टोंक शहर में 9 साल बाद 7 इंच से अधिक (180MM) बारिश हुई। इससे शहर की कुछ कॉलोनियों में पानी भर गया। सड़कें दरिया बन गयीं। करीब आधा दर्जन कच्चे घर गिर गये हैं। हालांकि इससे कोई जनहानि नहीं हुई। रविवार रात से सुबह दस बजे तक हुई बारिश से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ। बीसलपुर में भी पानी की आवक रविवार के मुकाबले बढ़ गयी है। आज बीसलपुर डैम का जलस्तर 12 घंटे में सात सेंटीमीटर बढ़ गया है। सुबह 8 बजे तक बांध का जलस्तर 13.02 आरएल मीटर हो गया है। इधर, मध्य प्रदेश (MP) में हो रही भारी बरसात से कालीसिंध, चंबल, परवन नदियाँ का जलस्तर बढ़ने से राजस्थान की टेंशन बढ़ गयी। इन नदियों पर बने सभी बांधों के गेट खोल दिये हैं।

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टोंक शहर में 9 साल बाद 7 इंच से अधिक (180MM) बारिश

जल संसाधन विभाग के मुताबिक आज गांधी सागर के 8 गेट खोलकर चंबल में पानी छोड़ा गया, इस कारण राणा प्रताप सागर बांध के 6, जवाहर सागर के 7 और कोटा बैराज के 16 गेट खोले गये हैं। कोटा बैराज से 3 लाख 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे चंबल नदी से लगते गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गये हैं। कालीसिंध बांध के 10 गेट खोले गये, जिससे 1 लाख 46,843 क्यूसेक पानी, जबकि भीम सागर के 4 गेट खोलकर 14 हजार 400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कालीसिंध बांध के 10 गेट खोले गये हैं, जिससे 1 लाख 46,843 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

कोटा का MP से संपर्क कटा
कोटा शहर में पिछले 24 घंटे के दौरान 224MM (9 इंच) बरसात हुई, जो पिछले 6 साल में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड है। इससे पहले 7 अगस्त 2016 को कोटा में सर्वाधिक 193MM बारिश दर्ज हुई थी। तेज बारिश के कारण कोटा शहर की कई बस्तियाँ जलमग्न हो गयी। पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कोटा के इटवा स्थित खातोली की पुलिया पर पानी आने के कारण कोटा-श्योपुर राजमार्ग बंद हो गया।

खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी परवन, कालीसिंध नदी
झालावाड़ प्रशासन ने कोटा, बूंदी, बारां जिलों को अलर्ट भेजा है। SDRF और प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, कालीसिंध और परवन नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बारां के बड़ौद में कालीसिंध नदी का जलस्तर 210.25 मीटर तक चला गया है, जबकि इस नदी का उच्चतम लेवल 223.80 मीटर है। परवन नदी भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है, नदी का जलस्तर 310.35 मीटर है। कोटा में चंद्रलोई नदी का जलस्तर भी 244.04 मीटर तक पहुँच गया है, जो खतरे के निशान से 1.96 मीटर कम है। बूंदी में तेज बारिश से सड़क पर नदी की तरह पानी बहने लगा।

hqdefault 2 टोंक में बरसाती नाले में बहने से पति पत्नी की मौत, दक्षिण पूर्वी राजस्थान में बारिश का कहर, SDRF की टीमें मौके पर पहुँची
खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी परवन, कालीसिंध नदी

उदयपुर में बाइक समेत नदी में बहे 2 युवक
उदयपुर में बाइक सवार दो युवक पानी में बह गये। डबोक इलाके में पुलिया पार करते वक्त रविवार देर रात हादसा हुआ। लोगों की सूचना पर नागरिक सुरक्षा विभाग और SDRF की टीमें मौके पर पहुँची। सोमवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हादसा ओरडी-नांदवेल मार्ग पर बनी पुलिया पर हुआ। दोपहर 12 बजे तक रेस्क्यू टीम ने बाइक को नदी से बाहर निकाला।

इन जिलों में हुई भारी बारिश
मौसम केन्द्र जयपुर और जल संसाधन विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान जयपुर, झालावाड़, कोटा, बूंदी, बारां, टोंक, दौसा, करौली, उदयपुर जिलों के कई इलाकों में 2 से लेकर 9 इंच तक बरसात हुई। झालावाड़, कोटा में तो बाढ़ जैसे हालात हो गये। मौसम केंद्र जयपुर की मानें तो ये सिस्टम (डीप डिप्रेशन) धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर से बढ़ रहा है। संभावना है कि आज देर रात से या कल से जोधपुर, अजमेर संभाग के जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो जायेगा।

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