Save Your Mobile Privacy : मैलवेयर का शिकार तो नहीं हो गया आपका फोन, वायरस से संक्रमित होने पर अपने मोबाइल को ठीक कैसे करें

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 26 अगस्त 2022 | दिल्ली-मुंबई-जयपुर : कंप्यूटर वायरस एक आम घटना है लेकिन यह आपके पॉकेट कंप्यूटर यानी फोन के लिए काफी सेंसटिव है। निंदक कोडर्स आपके फोन के कीमती डेटा को चुराने के लिए मैलेशियस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं और इसे डार्क वेब पर बेचकर रेवेन्यू जनरेट करते हैं। फोन इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों तरह के नुकसान की चपेट में हैं। इंटरनल नुकसान आमतौर पर ऐप्स, ऐड आदि के रूप में सामने आता है। हैकर और  डिवाइस को लॉक करने और पर्सनल डेटा को एन्क्रिप्ट करने के लिए रैंसमवेयर का इस्तेमाल करते हैं।

जबकि अधिकांश लोगों का मानना ​​है कि एंड्रॉइड डिवाइस मैलवेयर के लिए बेहद सेंसटिव हैं, एक पेंसर रिपोर्ट से पता चलता है कि मैलेशियस ऐप्स में तेजी आयी है जो आयी फोन के लिए भी गंभीर खतरे पैदा कर रहे हैं। लेकिन आपको कैसे पता चलेगा कि आपके फोन में वायरस है? एंटीवायरस कंपनियाँ सुझाव देती हैं कि मैलवेयर ‘बार-बार फंक्शन करता है जो आपके डिवाइस पर रिसोर्स ले सकता है’। यहाँ कुछ जरूरी सिग्नल दिये गये हैं कि जिनसे ये पता लगाया जा सकता है कि आपका फोन मैलवेयर से इन्फेक्टेड है या नहीं।

Malware Save Your Mobile Privacy : मैलवेयर का शिकार तो नहीं हो गया आपका फोन, वायरस से संक्रमित होने पर अपने मोबाइल को ठीक कैसे करें
वायरस से संक्रमित होने पर अपने मोबाइल को ठीक कैसे करें?

कहीं आपका स्मार्टफोन भी अलग तरह से बर्ताव तो नहीं कर रहा? अपने फोन की सेटिंग्स और बैटरी आइकन को ध्यान से देखें इसमें कुछ अलग तो नहीं दिख रहा या एक जैसे दो आइकन तो नहीं नजर आ रहे हैं? अगर आपको लग रहा है यह सवाल क्यों ? या आपके फोन में ऐसा क्यों होगा?  तो हम आपको बता दें कि Bitdefender नाम की मशहूर वेबसाइट की रिपोर्ट सामने आयी है। इसने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किये हैं।

आइये जानते हैं क्या कह रही है Bitdefender मशहूर कंपनी

एंड्रॉयड स्मार्टफोन में मालवेयर की खबरें बहुत आम हैं। कई बार अगर कुछ बड़ा नहीं है तो वह खबर भी नहीं बनती। जिसका एक कारण गूगल के स्पैम प्रोडक्शन और मालवेयर सेफ्टी भी है। अक्सर एसे होने वाले मालवेयर अटैक को गूगल खुद ही निपटा लेता हैं। कुछ समय पहले एक रिपोर्ट आयी जिसमें कहा गया 35 मालवेयर ऐप गूगल ने धर लिए हैं। मालवेयर की यह कहानी अब इतनी आम हो गयी है कि यह रिपोर्ट ज्यादा ध्यान नहीं खींच पायी।  लोगों की आँखें तब खुली जब Bitdefender की एक रिपोर्ट सामने आयी।

क्या है रिपोर्ट में

मशहूर कंपनी Bitdefender ने काफी हैरान करने वाले खुलासे किये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मालवेयर ने फोन में दाखिल होने के नए रास्ते ढूंढ लिए हैं, साथ ही अपना रूप भी बदल लिया हैं। बिल्कुल किसी छलावे की तरह, आप की नजर से बचने के लिए अब यह किसी ऐप तरह नहीं बल्कि अब यह स्मार्टफोन यूजर इंटरफेस की सेटिंग या बैटरी आयीकॉन में बदल चुकी हैं। जब तक गूगल को खबर लगती तब तक लगभग 2 मिलियन यानी 20 लाख से ज्यादा डाउनलोड हो चुके थें। और इसका मतलब यह है कि यदि आपने ऐप डिलीट भी कर दिया हो तो भी यह मालवेयर आपके फोन में फिर भी जमा रह सकता है।

किस तरह काम कर रहा है या मालवेयर

सबसे पहले यह खुद को रिनेम कर रहा है जरा सोचिए कि अगर यह मालवेयरआप की सेटिंग्स में जाकर खुद को रिनेम कर ले तो आपको क्या ही पता चलना है। दूसरा तरीका जो इस मालवेयर के द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है वह यह है कि आपके फोन में मौजूदा किसी ऐप के आइकन में खुद को बदलना। किसी भी ऐसे ऐप जैसा आइकन में बदल जाना जो आपके फोन में लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं हैं। तीसरा तरीका है “हिडन” मतलब छुप जाना एक आम यूजर इस बात को कभी सोच भी नहीं पाएगा कि उसके फोन में एक मालवेयर कुंडली मार कर बैठा है।

सिग्नल जो बताते हैं कि आपके फोन में मैलवेयर है

  • तेजी से डेटा का इस्तेमाल क्योंकि वायरस बहुत सारे बैकग्राउंड टास्क को चलाने की कोशिश करता है और इंटरनेट के साथ ‘कम्यूनिकेट’ करता है।
  • बैटरी तेजी से खत्म होती है क्योंकि मैलेशियस ऐप्स बहुत अधिक एनर्जी लेते हैं।
  • सस्पीशियस पॉप-अप ऐड वायरस का एक और सिग्नल हैं। जबकि कई साइट्स में पॉप-अप ऐड होते हैं, ज्यादा नजर आ रहे ऐड डिवाइस के लिए सही इशारा नहीं होते हैं।
  • होम स्क्रीन पर नए ऐप्स की अजीब उपस्थिति जिन्हें आपने ऐप स्टोर से डाउनलोड नहीं किया है। अनचाहे रूप से दिखाई देने वाले इन नए ऐप्स में मैलवेयर हो सकते हैं।
  • परफॉर्मेंस में कमी एक और सिग्नल है कि आपका डिवाइस मैलवेयर से ग्रस्त है।

वायरस से संक्रमित होने पर अपने मोबाइल को ठीक कैसे करें

  • यदि इनमें से कोई भी सिग्नल आपके फोन में पाया गया है तो आप इसे ठीक करने के लिए ये कदम उठा सकते हैं।
  • सबसे हाल ही में इंस्टॉल किए गये ऐप्स की जांच करें, अगर आपको कम डाउनलोड और खराब रिव्यू वाला कोई ऐप मिलता है तो उस ऐप को हटाने की सलाह दी जाती है।
  • कुछ मैलवेयर आपके ब्राउजर में भी छिप सकते हैं। उस स्थिति में, आपको अपनी फोन सेटिंग में कैशे क्लियर करना चाहिए।
  • एक और सबसे अच्छा प्रैक्टिस ऑथेंटिक एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना है जो आपके डिवाइस पर किसी भी मैलेशियस ऐप को स्कैन कर सकता है।

अगर इनमें से कोई भी सॉल्यूशन बैटरी/डेटा ड्रेनेज को कम करने या परफॉर्मेंस में सुधार करने में मदद नहीं करता है, तो आखिरी तरीका फैक्टरी रीसेट के लिए जाना होगा लेकिन इससे पहले कि आप प्रोसेस शुरू करें और तय करें कि आपने अपनी सभी जरूरी फाइलों को डिवाइस से सहेज लिया है।

बचाव

अगर आपने हाल फिलहाल में कोई ऐप इंस्टॉल करा है तो उसे तुरंत डिलीट करें। यदि फोन में गड़बड़ नजर आये, सेटिंग्स या बैटरी में के व्यवहार में कोई बदलाव नजर आये तो अपने पास के सर्विस सेंटर में जा कर संपर्क करें या फोन को रिसेट करने का विकल्प चुनें।

इन दिनों मैलेशियस ऐप्स में तेजी आयी है जो आयीफोन के लिए भी गंभीर खतरे पैदा कर रहे हैं। यहाँ कुछ जरूरी सिग्नल दिये गये हैं कि जिनसे ये पता लगाया जा सकता है कि आपका फोन मैलवेयर से इन्फेक्टेड है या नहीं।

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