राजस्थान ऑनलाइन नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का बड़ा खुलासा, प्रदेश के 20 कोचिंग संचालक भी थे शामिल, होगी कार्रवाई

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 29 अगस्त 2022 | जयपुर-दिल्ली : डिस्कॉम की ओर से शनिवार को हुई टेक्निकल असिस्टेंट की परीक्षा के लिए हाईटेक नकल गिरोह तैयार किया गया। इस गिरोह को तैयार करने वाला खुद IT एक्सपर्ट है, जो जयपुर के कानोता में कम्प्यूटर सेंटर चलाता है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने शनिवार को इसका खुलासा किया।

नकल गिरोह में शामिल 7 लोग ऑनलाइन होने वाली इस परीक्षा में नकल की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले SOG ने इसका खुलासा करते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि इसमें प्रदेश के 20 कोचिंग संचालक भी शामिल थे।

इन लोगों को किया गिरफ्तार

SOG के ADG अशोक राठौड़ ने बताया कि नकल गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता रावल मीणा उर्फ राहुल मीणा (27) पुत्र कैलाश चंद मीणा नवासी महुवा दौसा हाल जामडोली कानोता जयपुर, अजीत सिंह (34) पुत्र बिजेन्द्र कुमार निवासी मुण्डावर अलवर, जस्साराम (41) पुत्र सूरजनाराम निवासी नसीराबाद अजमेर, भाग्यशाली चंद (32) पुत्र छोटेलाल मीना निवासी राजगढ़ अलवर, विनोद कुमार मीणा (34) पुत्र श्रीराम मीणा निवासी विजय नगर महेश नगर जयपुर, गिर्राज शर्मा (34) पुत्र बाबूलाल शर्मा निवासी गांव बालकिशनपुरा जयसिंहपुरा जयपुर और महेश मीणा (29) पुत्र जगदीश प्रसाद मीणा निवासी रामगढ़ पचवारा दौसा को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से ऑनलाइन परीक्षा को हैक करने के लिए यूज लिए 8 लेपटॉप, 10 मोबाइल और 3 कार जब्त की गई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह सभी राजस्थान के 5 जिलों में नकल करवाने की तैयारी कर चुके थे। यह इतने शातिर थे कि मोबाइल पर लेपटॉप से सेंटर के सर्वर को हैक कर चुके थे। लेकिन, इससे पहले पकड़े गए। पढ़िए- इस हाईटेक नकल गिरोह का कारनामा, कैसे करते थे सिस्टम हैक।

कैसे 7 लोगों का गिरोह इस नेटवर्क को कर रहा था ऑपरेट

  • मुख्य साजिशकर्ता रावल मीणा उर्फ राहुल मीणा : आगरा रोड पर आर.जे.स्टेडी पोइंट कोचिंग संस्थान का संचालक है। इसके कोचिंग संस्थान पर ही ऑनलाइन एग्जाम का पेपर हैक करने के लिए सिस्टम सेटअप किए गए थे।
  • अजीत सिंह : रावल मीणा के कोचिंग सेंटर पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के जरिए VPN और रिमोट कंट्रोल एप्लिकेशन से अभ्यर्थी के कम्प्यूटर सिस्टम को हैक कर क्यूशन पेपर मिलने की कोशिश करते। परीक्षा के एग्जाम सेंटर अलवर स्थित नेशनल एकेडमी में कैंडिडेट की अपने साथी के साथ मिलकर मदद की।
  • जस्साराम : अजमेर स्थित भगवान महावीर ऑनलाइन एग्जाम सेंटर के अभ्यर्थी की मदद करने के लिए अजमेर से आना था। इसके साथ ही कॉलेज के CCTV एक्सेस कर वहां की गतिविधियां देखकर वहां के चिन्हित अभ्यर्थियों को अपने सहयोगियों की जरिए मदद करना।
  • भाग्यशाली चंद: इस परीक्षा में अपने पूर्व में चिन्हित अभ्यर्थियों की मदद करने का काम करता।
  • विनोद कुमार मीणा: बनीपार्क जयपुर में स्थित राजकीय ITI में कार्यरत स्टाफ है। इसे मुख्य साजिशकर्ता रावल मीणा ने अपने कोचिंग में बुलाकर एग्जाम पेपर को सॉल्व करने की जिम्मेदारी दी थी।
  • गिर्राज शर्मा: इनको भी क्यूशन पेपर सॉल्व करने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह रावल उर्फ राहुल मीणा के कोचिंग सेंटर में स्टाफ के पद पर है।
  • महेश मीणा: एजेंट के रूप में मुख्य साजिशकर्ता के सहयोगियों के साथ मिलकर अभ्यर्थियों की व्यवस्था करता।

प्रदेश के 20 कोचिंग संचालक भी थे शामिल, होगी कार्रवाई

नकल गिरोह ने एग्जाम सेंटर्स में मौजूद स्टाफ से सांठ-गांठ की। परीक्षा में प्रत्येक सेंटर में मौजूद सर्वर और इससे जुड़े कम्प्यूटर सिस्टम (LAN से जुड़े हुए थे) को हैक करने की कोशिश की गई। एक्सेस नहीं हो पाने के कारण सफलता नहीं मिली। SOG को मिले टेक्निकल इनपुट के आधार इस गिरोह के बारे में पता चला।

जांच में सामने आया कि जयपुर के कानोता में बैठकर प्रदेश के 5 जिलों बीकानेर, जोधपुर, अलवर, अजमेर और कोटा सहित जयपुर में अभ्यर्थियों को पेपर में नकल करवाने वाले थे। इस गिरोह में प्रदेश के 20 कोचिंग संचालक शामिल थे। पेपर हल करवाने के लिए कानोता के राहुल मीणा के आरजे कोचिंग सेंटर को मुख्य केन्द्र बनाया गया था।

अब इसकी जांच एंटी चीटिंग सेल एसओजी को सौंप दी है। IG विकास कुमार की मॉनिटरिंग में जयपुर में 7, जोधपुर में 1, अजमेर में 2, बीकानेर में 2, कोटा में 3 और अलवर में 3 जगह दबिश दी गई थी। इस दबिश में RSEB के अधिकारियों को भी शामिल किया गया था।

एक्सपर्ट टीचर सॉल्व करते पेपर

SOG सूत्रों का कहना है कि तकनीकी सहायक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी को ऑनलाइन एग्जाम देने के लिए एक सिस्टम अलॉट हुआ था। जो अभ्यर्थी तय रकम दे देता तो उसके सिस्टम को ये शातिर हैकर कानोता स्थित मुख्य सेंटर से हैक कर लेते। अभ्यर्थी के कम्प्यूटर पर दिखाई देने वाला पेपर हैकिंग के बाद उनके कम्प्यूटर पर भी आ जाता। इसके लिए एक्सपर्ट टीचर को भी सेंटर पर बैठा दिया गया था।

रिमोट सॉफ्टवेयर से एक्सेस लेते, जयपुर में बैठे सिस्टम कंट्रोल करते

जो एग्जाम ऑनलाइन होते हैं, वे लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) पर चलते हैं। एग्जाम के दौरान इंटरनेट को यूज नहीं कर पाते। ये लोग डेरेकेटिट इंटरनेट कनेक्शन सेटअप करते हैं। वे अपने इंटरनेट कनेक्शन से एग्जाम सेंटर वाले सिस्टम को जोड़ते। यह भी एक तरह का नेटवर्क पार्ट होता है। इस एक कम्प्यूटर से बाकी कम्प्यूटर को भी कंट्रोल कर लिया जाता है।

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