बीजेपी बूथ स्तर पर मंदिर-मस्जिद का डाटा बैंक तैयार करने में जुटी, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का काम कर रही बीजेपी: कांग्रेस

4 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 01 सितंबर 2022 | जयपुर-दिल्ली-भोपाल : मध्यप्रदेश में बीजेपी बूथ स्तर पर मंदिर-मस्जिद, गुरुद्वारा-चर्च से जुड़ी हर बारीक सूचना अपने डाटा बैंक में ला रही है। इतना ही नहीं, धार्मिक आयोजन के कर्ताधर्ता, किस राजनीतिक दल को सपोर्ट करते हैं, उनका डेटा भी तैयार किया जा रहा है। यह जिम्मेदारी सांसद और विधायकों को दी गई है। भाजपा इस प्रयोग को इसलिए भी सफल मान रही है, क्योंकि इससे उसे यूपी चुनाव में सफलता मिल चुकी है। यह जानकारी सरल एप के जरिए जुटायी जा रही है।

2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए मास्टर प्लान को लेकर एक्शन मोड पर है। फोकस कमजोर और लगातार हारे हुए बूथों पर है। ऐसे बूथों के तहत कितने धार्मिक स्थल, जातियाँ और सामाजिक नेताओं का राजनीतिक प्रभाव है, यह जानकारी जुटायी जा रही है।

पिछले लोकसभा-विधानसभा परिणामों को बनाया आधार

पार्टी नेतृत्व ने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के परिणाम पर कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के मुताबिक कमजोर बूथों की सूची सांसदों और विधायकों को उपलब्ध करा दी है। उसी आधार पर डाटा अपलोड करने का कार्य किया जा रहा है। डाटा अपलोड होने के बाद पार्टी नेतृत्व संबंधित बूथों के कमजोर होने की वजह को दूर करने के लिए मार्गदर्शन करेगा। एप पर पूरी जानकारी उपलब्ध रहने से बूथ स्तर की मॉनिटरिंग प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी हो सकेगी।

बूथ अध्यक्ष की नियुक्ति तक एप बेस्ड सिस्टम से होगी

बीजेपी अब पार्टी को आगे बढ़ाने से लेकर प्रत्याशियों के चयन तक में एप बेस्ड सिस्टम का प्रयोग करेगी। पन्ना प्रमुख से लेकर बूथ अध्यक्ष की नियुक्ति और प्रत्याशियों का चयन इसी के जरिए किया जायेगा। गुजरात में पहले ही इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। हाल में हैदराबाद में आयोजित बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्य की इकाइयों को अपने चुनाव के प्रबंधन के लिए गुजरात मॉडल को अपनाने की सलाह दी है।

हर सदस्य का ब्योरा, कार-बाइक की कंपनी तक पूछ रहे हैं

बीजेपी अपने हर कार्यकर्ता और उसके परिवार की एक-एक बारीक जानकारी जुटा रही है। इसमें परिवार के सदस्यों के मोबाइल नंबर से लेकर उनके व्यवसाय और कार या बाइक की कंपनी तक की जानकारी जुटायी जा रही है। इसकी सरल पोर्टल में एंट्री की जायेगी, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर भी किसी भी कार्यकर्ता के संबंध में एक क्लिक पर सभी जानकारी उपलब्ध हो सके।

मंदिर और मस्जिदों की जानकारी भी जुटा रही

कुछ दिन पहले ही बीजेपी में विधायक और सांसदों को सरल एप की ट्रेनिंग दी गई थी। इस एप में विधायक और सांसदों को उनके विधानसभा और संसदीय क्षेत्र के कमजोर बूथ की जानकारी देनी थी, लेकिन अब जो जानकारी सामने आयी है उसके मुताबिक बीजेपी विधायक और सांसदों से उनके इलाके के मंदिर और मस्जिदों की जानकारी भी जुटा रही है। इतना ही नहीं उनके विधानसभा क्षेत्र में होने वाले प्रमुख धार्मिक आयोजनों की डिटेल भी विधायक और सांसदों को एप के जरिए देनी होगी।

क्या है सरल एप?

बीजेपी ने विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए सरल एप बनाया है। इस एप में सभी विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्र के 10 ऐसे बूथ की जानकारी देनी है जो कमजोर हैं या पिछले विधानसभा चुनाव में हार गये थे। सरल एप पर काम कर रहे बीजेपी के एक पदाधिकारी ने बताया कि पूरी कवायद युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने की है। उनके परिवार की जानकारी होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पार्टी यह भी ध्यान रखेगी कि देश के ज्वलंत मुद्दों पर उनका ध्यान कितना है। किस तरह के पोस्ट कर रहे हैं या शेयर कर रहे हैं। इस तरह यह समझना आसान होगा कि किसी मुद्दे पर अपनी विचारधारा के लोगों में क्या प्रतिक्रिया है। इसे ध्यान में रखकर आगे की प्लानिंग की जायेगी। सरल एप को फुल-प्रूफ बनाने के लिए OTP प्रोटेक्टेड किया गया है। केवल अधिकृत व्यक्ति ही एप को ओपन कर सकते हैं। इसके लिए हर सांसद की तरफ से 20 और विधायक के 10 लोगों को अधिकृत किया गया है।

जानकारी का ऐसे होगा उपयोग

बीजेपी सूत्रों ने बताया कि धार्मिक स्थलों की जानकारी जुटाने के बाद उनके संचालकों और उनसे जुड़े प्रभावशाली पदाधिकारियों को पार्टी से जोड़ा जायेगा। जिन धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों में ज्यादा आस्था है, वहाँ बीजेपी आयोजन करेगी। इसी तरह जातिगत वोटर्स को साधने के लिए सामजिक संगठनों में पैठ बनायी जायेगी। उन्हें पार्टी के आयोजन में महत्व दिया जायेगा। सभी वर्गों के धार्मिक आयोजन में पार्टी के नेता शामिल होंगे।

सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का काम कर रही बीजेपी: कांग्रेस

इधर, कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा का कहना है कि बीजेपी सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने, धर्म और जाति पर लोगों को बांटने और डरा-धमकाकर लोगों को खरीदने का काम कर रही है। इसके अलावा इनका और कोई काम नहीं है, जितनी भी बुराइयाँ और ऐब हो सकते हैं, भाजपा ये सब चुनाव में इस्तेमाल करेगी।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This