साजिश या संयोग : 6 महीने में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के करीबी सातअरबपतियों की संदिग्ध मौत, ज्यादातर तेल के बड़े कारोबारी

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(Заговор или совпадение: подозрительная смерть семи миллиардеров, близких к президенту России Путину, за 6 месяцев, в основном крупных нефтяных бизнесменов)

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 13 सितंबर 2022 | जयपुर-मास्को : 3 मार्च 2022 को रूस के सबसे बड़े तेल व्यवसायी और व्लादिमीर पुतिन के करीबी रविल मगनोव ने यूक्रेन पर हमले की आलोचना की। साथ ही बातचीत के जरिए जंग जल्द खत्म करने की अपील की। अभी इस बात को 6 महीने भी नहीं बीते थे कि 31 अगस्त को 67 साल के रविल की मॉस्को के एक अस्पताल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई।

पिछले 6 महीने में रूस के 7 ओलिगार्क की संदिग्ध हालातों में मौत हुई है। ये ज्यादातर तेल और गैस के बिजनेस से जुड़े हुए लोग थे। ओलिगार्क ऐसे रईसों को कहा जाता है, जिनका किसी देश की राजनीति और कुछ विशेष नेताओं से गहरे संबंध होते हैं। उस देश की तकरीबन पूरी अर्थव्यवस्था पर इन गिने-चुने रईसों का कब्जा होता है। ये कुछ बड़े नेताओं को लाभ देकर अर्थव्यवस्था में एकाधिकार स्थापित करते हैं और अपने फायदे के लिए राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल करते हैं।

अब एक-एक कर इन बिजनेसमैन की मौत और उस पर उठ रहे सवालों को जानते हैं…

  • 3 मार्च 2022 को रविल मगनोव ने एक कार्यक्रम में रूस और यूक्रेन जंग की आलोचना की थी। साथ ही उन्होंने बातचीत के जरिए जल्द से जल्द इस जंग को खत्म करने की अपील भी की थी।
  • 31 अगस्त 2022 यानी यह बयान देने के 6 महीने बाद मॉस्को के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
  • रूसी समाचार एजेंसी तास ने अपनी खबर में बताया कि मॉस्को के एक अस्पताल की खिड़की से नीचे गिरकर रविल मगनोव की मौत हुई है।
  • वहीं, तेल कंपनी ‘लुकोइल’ ने अपने बयान में कहा कि रविल मगनोव की मौत एक गंभीर बीमारी से हुई है।

इस मौत को लेकर सवाल उठने की 4 वजहें हैं…

पहला: रविल की मौत को लेकर ‘लुकोइल’ और रूसी मीडिया एजेंसी ने अलग-अलग बयान जारी किए हैं।

दूसरा: मॉस्को में ठंड पड़ रही है। अस्पताल की खिड़की मजबूत शीशे से बंद होती है, उसे खोलने के लिए काफी ताकत लगानी होती है। ऐसे में बीमार शख्स के खिड़की खोलकर सिगरेट पीने और फिर अचानक नीचे गिरने का तर्क संदेह को बढ़ाता है।

तीसरा: जंग को लेकर बयान देने के बाद से ही उन पर क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति भवन) की नजर थी। ऐसे में उनकी मौत को क्रेमलिन से जोड़कर देखा जा रहा है।

चौथा: बिल्डिंग के सभी CCTV कैमरे बंद हैं। इसके पीछे अस्पताल की मरम्मती को वजह बताया गया है।

  • 19 जुलाई 2022 को सेंट पीटर्सबर्ग स्थित अपने घर के स्विमिंग पूल में 61 साल के यूरी वोरोनोव का मृत शरीर पानी में तैरता हुआ मिला था।
  • यूरी वोरोनोव के शरीर पर गोली का निशान मिला। पुलिस के मुताबिक किसी ने उनकी गोली मारकर हत्या की है।
  • रूसी जांच एजेंसी ने बताया कि मृत शरीर मिलने से करीब 14 घंटे पहले उनकी मौत हुई थी।
  • वोरोनोव की पत्नी ने पुलिस को बताया कि पैसे को लेकर बिजनेस पार्टनर के साथ उनका झगड़ा हुआ था। इसके बाद ही 1 जुलाई को वह सेंट पीटर्सबर्ग स्थित अपने घर गए थे।

इस मौत को लेकर सवाल उठने की 2 वजहें हैं…

पहला: यूरी वोरोनोव से पहले 6 बड़े रूसी बिजनेसमैन की इसी साल मौत हुई है। इसके बाद भी रूसी प्रशासन अपने बिजनेसमैन की सुरक्षा करने में क्यों असफल साबित हो रहा है?

दूसरा: यह मौत सुसाइड है या मर्डर, रूसी प्रशासन इस गुत्थी को क्यों नहीं सुलझा पा रहा है?

ये वो सवाल हैं जिसकी वजह से यूरी वोरोनोव की मौत के बाद से ही पुतिन प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • 7 मई 2022 को रूसी तेल कंपनी लुकोइल के पूर्व महाप्रबंधक अलेक्जेंडर सुबोटिन की मौत एक तहखाने में हुई थी।
  • मौत के बाद उनके शरीर में जहर मिला था। जांच में पता चला कि उन्हें जहर का इंजेक्शन दिया गया था।
  • यही नहीं मौत से पहले अलेक्जेंडर शराब और ड्रग्स के नशे में भी थे।

इस मौत को लेकर सवाल उठने की 2 वजहें हैं…

पहला: अलेक्जेंडर सुबोटिन की मौत क्यों हुई, किसने की और इसके पीछे किसका हाथ था? कुछ भी सामने नहीं आया है।

दूसरा: रूसी अधिकारियों ने कहा कि मौत से कुछ महीने पहले सुबोटिन दिल की बीमारी से पीड़ित थे। ऐसे में कहा जा रहा है कि अधिकारी मौत की गुत्थी को सुलझाने की बजाय घटना को नया मोड़ दे रहे हैं।

  • 19 अप्रैल 2022 को स्पेन के कैटालोनिया पुलिस के पास रूसी बिजनेसमैन सर्गेई प्रोटोसेन्या के बेटे का कॉल आया। उसने पुलिस से कहा कि कई घंटों से वो अपने माता-पिता को कॉल कर रहे हैं, लेकिन कोई कॉल नहीं उठा रहा है।
  • पुलिस सर्गेई प्रोटोसेन्या के कैटालोनिया वाले घर पहुंची तो हैरान रह गई। दरअसल, धारदार चाकू से सर्गेई की पत्नी और बेटी की हत्या हुई थी। जबकि घर के बगीचे में बिजनेसमैन का मृत शरीर एक पेड़ से लटका हुआ था।

इस मौत को लेकर सवाल उठने की 2 वजहें हैं…

पहला: इस घटना को लेकर जिम्मेदार एजेंसियों का बयान आया कि प्रोटोसेन्या ने पहले पत्नी और बेटी की हत्या की और फिर फांसी लगा ली। डीडब्ल्यू रिपोर्ट के मुताबिक प्रोटोसेन्या के शरीर पर खून का कोई दाग नहीं था।
दूसरा: घटना के ठीक एक दिन पहले स्पेन से 3000 किलोमीटर दूर मॉस्को में बिजनेसमैन व्लादिस्लाव अवायव के पूरे परिवार की मौत हुई थी। एक ही ट्रेंड पर 24 घंटे के अंदर घटी इस घटना के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • 18 अप्रैल को रूसी गैस कंपनी के बैंक गजप्रॉमबैंक के पूर्व उपाध्यक्ष व्लादिस्लाव अवायव, उनकी पत्नी और बेटी की मॉस्को के एक अपार्टमेंट में मौत हो गई।
  • अपार्टमेंट अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर सबसे पहले पुलिस की नजर मरे हुए अवायव पर पड़ी जिनके हाथ में बंदूक थी।
  • उनकी गर्भवती पत्नी और उनकी बेटी उनके बगल में फर्श पर थीं और दोनों की गोली मारकर हत्या की गई थी।
  • अधिकारियों ने कहा कि एक पारिवारिक विवाद में अवायव ने खुद को गोली मारने से पहले दोनों की हत्या की थी।

इस मौत को लेकर सवाल उठने की 2 वजहें हैं…

पहला: बिजनेसमैन व्लादिस्लाव अवायव रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के काफी करीबी थे। पुतिन के दोस्त होने के बावजूद उनके परिवार की मौत पर जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

दूसरा: पुलिस ने इस घटना को पारिवारिक विवाद बताया, लेकिन इन सवालों के जवाब नहीं मिल सके- किस मुद्दे पर विवाद था? विवाद की वजह क्या थी? आखिर यह घटना कैसे घटी? घटना के वक्त उनके घर के CCTV कैमरे में क्या कैद हुआ?

  • रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू होने के कुछ दिनों बाद 28 फरवरी को दक्षिण पूर्व इंग्लैंड के अपने घर में वाटफोर्ड मृत मिले थे।
  • वाटफोर्ड का मृत शरीर उनके ही घर के गैराज में फांसी के फंदे से झूलता हुआ मिला था। घर के माली की नजर सबसे पहले वाटफोर्ड के मृत शरीर पर पड़ी थी।
  • रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में जांच जारी है, लेकिन पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है।

इस मौत को लेकर सवाल उठने की 2 वजहें हैं…

पहला: वाटफोर्ड मूल रूप से यूक्रेन के बिजनेसमैन थे। रूस में भी उनका बिजनेस था। रिपोर्ट के मुताबिक जंग शुरू होने के बाद से ही उन पर रूसी एजेंसियों की नजर थी।

दूसरा: घटना से 3 दिन पहले इसी तरह गैराज में फांसी पर झूलते हुए एक और रूसी बिजनेसमैन की लाश मिली थी। ऐसे में हफ्ते भर में एक ही तरह से हुई इस हत्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

  • रूस और यूक्रेन जंग शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही अलेक्जेंडर ट्युलाकोव का शव उनके घर के गैराज में फंदे पर झूलते हुए मिला था।
  • इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस जांच कर रही है। अभी तक इस केस में कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है।

इस मौत को लेकर सवाल उठने की 2 वजहें हैं…

पहला: घटना के बाद पुलिस जांच करने पहुंची, तो गजप्रॉम सुरक्षा एजेंसी ने उन्हें एंट्री देने से मना कर दिया। काफी समय बाद पुलिस को गैराज यानी घटनास्थल पर एंट्री मिली।

दूसरा: इस घटना के तीन दिन बाद इसी तरह गैराज में ही फांसी के फंदे से लटके एक और रूसी बिजनेसमैन मिखाइल वाटफोर्ड का शव मिला था। इसके बाद ही इस मौत पर सवाल खड़ा होने लगा।

सिर्फ तेल और गैस से जुड़े बिजनेसमैन की हो रही है रहस्यमयी मौत

आपने ऊपर जिन 7 बिजनेसमैन की मौत के बारे में पढ़ा, ये सभी तेल और गैस के बिजनेस से जुड़े हैं। जंग के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस की तेल और गैस कंपनियों पर पाबंदी लगा दी है।इसका परिणाम ये हुआ कि रूस का 30 लाख बैरल यानी 47 करोड़ लीटर तेल उत्पादन हर रोज प्रभावित हुआ है। एनर्जी सेक्टर से जुड़े रूसी कारोबारियों की आमदनी तेजी से गिरी है। कई बड़े रूसी बिजनेसमैन ने जंग और पाबंदी की आलोचना की है।

6 महीने के अंदर रूस के एनर्जी सेक्टर से जुड़े 7 बड़े बिजनेसमैन की मौत पर सवाल उठने की तीन बड़ी वजहें ये भी हैं-

1. जिन 7 रूसी बिजनेसमैन की मौत हुई, उनमें रविल मगनोव और व्लादिस्लाव अवायव भी थे। ये दोनों पुतिन के काफी करीबी थे। इसके बावजूद उनकी तरफ से देश के टॉप बिजनेसमैन की मौत पर मर्डर केस की जांच आदि को लेकर कोई बयान नहीं आया है।

2. सरकार ने देश के टॉप कारोबारियों की संदिग्ध हालात में मौत की जांच केजीबी या दूसरी इंटेलिजेंस एजेंसी को क्यों नहीं सौंपा है? आखिर रूसी जांच एजेंसी इन मौतों का खुलासा क्यों नहीं कर पा रही है?

3. देश के टॉप कारोबारियों की हो रही मौत के बाद भी यह रूस का पॉलिटिकल मुद्दा क्यों नहीं बना है?

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