राजस्थान दहलाने की साजिश, विस्फोटक सामग्री मिलने से पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप, सोम नदी में मिली डेढ़ क्विंटल जिलेटिन की छड़ें

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | नवंबर 16, 2022 | जयपुर : आसपुर पुलिस थाना क्षेत्र के गडा नाथजी के पास भबराना पुल के नदी के पानी में मंगलवार करीब 3 बजे जिलेटिन की छड़ों से भरे कट्टो के मिलने पर हड़कंप मच गया है। सूचना पर डिप्टी मय जाब्ता मौके पर पहुंचे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मुखबिर की सूचना पर गडा नाथजी के पास भबराना पुल के नदी के पानी में ग्रामीणों द्वारा कट्टे भरे हुए देखे गये। जिसमें विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी। पुलिस को जानकारी दी तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और पानी में गिरे 7 कट्टो को पानी से बाहर निकलवाया।

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इन कट्टो में देखा तो जिलेटिन की छडे़ मिली। पुलिस हरकत में आई और तत्काल इन कट्टों में भरी छडे़ को लेकर थाने पहुंची। जिसका वजन करवाया तो करीब डेढ़ क्विंटल की छड़े मिली। पुलिस इस विस्फोटक सामग्री को लेकर 2 दिन पूर्व रेलवे पुल को उड़ाने को साजिश के तहत देख रही है।

इधर पुलिस ने विस्फोटक सामग्री मिलने को लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। मौके पर डिप्टी कमल कुमार, थानाधिकारी सवाई सिंह सोढा ने पहुंच कर इन कट्टों को अपने कब्जे में ले लिया है।

उदयपुर में ओढ़ा रेलवे ब्रिज पर ब्लास्ट में बड़ी साजिश की आशंका और गहरी हो गई है। ब्लास्ट के तीसरे दिन इस जगह से करीब 70 किमी दूर आसपुर में जिलेटिन से भरे सात कट्‌टे मिले हैं।

इनका वजन करीब 186 किलो है। ये कट्‌टे डूंगरपुर जिले के गडा नाथजी के पास सोम नदी पर बने भबराना पुल के नीचे से बरामद हुए हैं। जिलेटिन का उपयोग ब्लास्ट में किया जाता है।

इतनी भारी मात्रा में जिलेटिन मिलने के बाद यहां हड़कंप मच गया और सूचना मिलते ही डीएसपी कमल कुमार मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार आसपुर से दस किमी दूर भबराना गांव में सोम नदी पर बने पुल के पास कुछ ग्रामीणों ने नदी में पड़े कट्‌टों को देखा। शक होने पर उन्होंने आसपुर थाने को सूचना दी। इसके बाद कट्‌टों को बाहर निकाला।

जब कट्‌टों को खोला गया तो पुलिस भी चौंक गई। इन कट्‌टों में जिलेटिन की छड़ें भरी हुई थी। इसके बाद आला अधिकारियों को सूचना दी गई है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले को उदयपुर के पास पुल पर हुए ब्लास्ट से जोड़कर नहीं देख रही है। जिलेटिन की छड़ों से भरे कट्‌टे नदी में पड़े मिले। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी।

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नदी से बरामद सात कट्‌टों में मिली जिलेटिन की इन छड़ों का वजन 186 किलो था। पुलिस को अभी यह पता नहीं लग पाया है कि ये कहां से आई और कौन इन्हें यहां फेंक कर गया है। जिस जगह ये जिलेटिन मिली हैं, वहां आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं है।

पैकेट पर राजस्थान का पता
जिलेटिन की छड़ें जिस पैकेट में रखी थीं, उस पर राजस्थान का पता लिखा हुआ है। हालांकि गीला होने की वजह से पैकेट का कागज गल गया है, जिससे पैकेट पर लिखा हुआ स्पष्ट नहीं दिख रहा है। आसपुर एसएचओ सवाई सिंह सोढ़ा ने बताया कि हमें बड़ी मात्रा में जिलेटिन की छड़े मिली हैं। इन्हें जब्त कर लिया गया है।

किसी ने निष्क्रिय करने के लिए इन्हें यहां डाला होगा। हम इसकी हर एंगल से जांच कर रहे हैं। मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिलेटिन की छड़ें इन पैकेट में रखी थीं, इन्हें फेंकने वालों के बारे में पता नहीं चल सका है।

ढाई किलो जिलेटिन 200 वर्ग फीट क्षेत्र को बर्बाद कर सकती है
विशेषज्ञों के मुताबिक ढाई किलो जिलेटिन की छड़ में इतनी ताकत होती है कि यह 200 वर्ग फीट क्षेत्र को बर्बाद कर सकती है। ढाई किलो जिलेटिन की छड़ें ही मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली थीं। उदयपुर के पास 186 किलो छड़ें मिली हैं, यानी इससे करीब 75 गुना ज्यादा।

इस हिसाब से यह जिलेटिन 15 हजार वर्ग फीट एरिया को बर्बाद कर सकती है। इतनी जिलेटिन उस पुल को बहुत आसानी से नेस्तनाबूद कर सकती है, जहां रविवार को ब्लास्ट हुआ था। हालांकि ब्लास्ट के लिए जिलेटिन के साथ डेटोनेटर की भी जरूरत होती है।

नक्सली करते हैं जिलेटिन छड़ों का उपयोग
आमतौर पर नक्सली हमले के लिए जिलेटिन छड़ों का उपयोग करते हैं। इसके अलावा खदानों में भी जिलेटिन छड़ों का यूज किया जाता है। जिलेटिन की छड़ाें की ताकत का अंदाजा कुछ साल पहले मप्र के झाबुआ में हुए एक हादसे से लगाया जा सकता है। झाबुआ के पेटलावद के एक घर में जिलेटिन और डेटोनेटर फटने से करीब 78 लोग मारे गए थे और कई घर तबाह हो गए थे।

आतंकी या नक्सली हमला या किसी की शरारत
दरअसल, उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन ट्रैक पर शनिवार रात सुपर पावर 90 डेटोनेटर से हुए ब्लास्ट ने पूरे राजस्थान को हिला दिया। पुलिस को रेलवे ट्रैक पर बारूद भी मिला है। NSG, NIA, IB की टीमें उदयपुर में आतंकी और नक्सली हमले की आशंका को लेकर जांच कर रही हैं। इसके अलावा रेलवे पुलिस और उदयपुर पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है।

मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील है कि पीएम मोदी ने 31 अक्टूबर को ही इस लाइन का उद्घाटन किया था। इसके अलावा धमाके से चार घंटे पहले ही इसी ट्रैक से ट्रेन निकली थी। साजिश को लेकर कुछ अहम जानकारियां भी मिलने की बात है। सूत्रों के अनुसार ब्लास्ट करने वाले की हाइट करीब पांच फीट है। हालांकि, एजेंसियां फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहीं हैं।

उदयपुर-अहमदाबाद ट्रैक से अहमदाबाद-उदयपुर-असरवा ट्रेन नंबर 19703 और 19704 रोजाना गुजरती है। ट्रेन गुजरने के दौरान ब्लास्ट होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। धमाके के बाद ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेन को डूंगरपुर में ही रोक दिया। ट्रेन में 665 यात्री सफर कर रहे थे।

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