पीएच-डी दूसरी उच्चतम शैक्षणिक डिग्री है जबकि सर्वोच्च शैक्षणिक डिग्री है डी लिट् , प्रवेश प्रक्रिया व पात्रता मानदंड

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 10 मई, 2023 | जयपुर-दिल्ली : उच्च शिक्षा में करियर बनाने के लिए पीएच-डी एक महत्वपूर्ण कोर्स है। नई शिक्षा नीति और यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार कॉलेज में और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्य करने के लिए पीएचडी को लागू करने की योजना है। PhD  एक डॉक्टरेट की डिग्री है जो अकेडमिक और रिसर्च पर केंद्रित है। PhD  प्रवेश 2022 एक राष्ट्रीय या विश्वविद्यालय स्तर की प्रवेश परीक्षा पर आधारित है। PhD  प्रवेश यूजीसी नेट/सीएसआईआर यूजीसी नेट, गेट, आईआईटी जैम आदि जैसे प्रवेश परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाता है। पीएच-डी दूसरी उच्चतम शैक्षणिक डिग्री है। सर्वोच्च शैक्षणिक डिग्री डी लिट् (DLit) है।

पीएच-डी  : परिचय

पीएच-डी (Ph-D) Doctorate of Philosophy – पोस्ट ग्रेजुएशन होने के बाद किया जाने वाला एक रिसर्च कोर्स है, जो 5 वर्षों का होता है। इसे पूरा करने के बाद आपको डॉक्टर की उपाधि मिलती है। यह उचित शिक्षा के सभी विषयों में होता है।

पीएच-डी में प्रवेश लेने के चरण

पीएचडी में प्रवेश कैसे लें इसके बारे में आपको विस्तृत जानकारी चरणबद्ध तरीके से नीचे दी गई है इससे आप बारी-बारी ध्यान से पढ़ें और समझें कि किन बातों को ध्यान में रखना है और अनुसरण करना है। शुरू करते हैं पहले चरण से

पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी करना 
  • पीएचडी करने के लिए आपको संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी करना अनिवार्य है।
  • यदि आप पोस्ट ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में है तो भी आप पीएचडी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • जिस विषय में आपकी पोस्ट ग्रेजुएशन हुई है उसी से संबंधित विषय में आपको किसी एक शोध समस्या को चुनना होगा जिसके बारे में आगे जानकारी दी गई है।
  • अपनी ग्रेजुएशन ना सिर्फ अच्छे अंकों से पूरी करें बल्कि आपको उस विषय के बारे में गहन जानकारी होना आवश्यक है। क्योंकि पीएचडी में प्रवेश लेने के लिए प्रोफेसर आपके गहन ज्ञान को देखते हैं।
  • Post graduation में अच्छी लेखन क्षमता विकसित करें। जो अध्ययन सामग्री आप पढ़ रहे हैं वह किस प्रकार से खोज करके लिखी गई है इसके बारे में भी जानकारी लें।
  • कुछ विश्वविद्यालयों में शोध प्रविधि के कोर्स होते हैं जो आगे पीएचडी में सहयोग करते हैं। इसे आप ध्यान से पढ़ें ताकि शोध प्रक्रिया की जानकारी से अवगत हो सकें।
  • पीएचडी करने के लिए आपको पोस्ट ग्रेजुएशन में यूजीसी के अनुसार सामान्य वर्ग में न्यूनतम 55 और आरक्षित वर्ग में न्यूनतम 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा की तैयारी करें 
  • Post graduation के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा और जूनियर रिसर्च फैलोशिप नाम से एक परीक्षा यूजीसी द्वारा आयोजित की जाती है जो पीएचडी में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • इस विशेष परीक्षा में आपको पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ी गई सामग्री का ही वस्तुनिष्ठ तरीके से अध्ययन करना होता है और कंप्यूटर आधारित टेस्ट देना होता है।
  • यह परीक्षा दो प्रकार से पास होती है-
    • NET – यह कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्य करने की न्यूनतम योग्यता होती है। प्रति परीक्षा जितने विद्यार्थी परीक्षा देते हैं उनमें से सबसे अधिक अंक लाने वालों का 6% इस परीक्षा में सफल माना जाता है।
    • जेआरएफ इसमें जो विद्यार्थी सफल होते हैं उन्हें पीएचडी करने के दौरान ₹40000 प्रति माह छात्रवृत्ति मिलती है। यहां कुल परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में ऊपरी 1% विद्यार्थी होते हैं। इसके लिए अधिकतम आयु सामान्य वर्ग के लिए 30 वर्ष रखी गई है।
  • इस परीक्षा में जेआरएफ करने के बाद आपको निश्चित छात्रवृत्ति पीएचडी के दौरान मिलती है जो कि आपको आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
  • इसलिए इस परीक्षा की तैयारी बहुत ही गंभीरता से करें।

विश्वविद्यालयों की पीएचडी की प्रवेश सूचना की जानकारी प्राप्त करें

  • Post graduation के अंतिम वर्षों से ही आपको पीएचडी में प्रवेश के लिए प्रकाशित होने वाली सूचनाओं की जानकारी लेना शुरू कर देना चाहिए।
  • देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों की नियमित रूप से प्रवेश परीक्षा होती है। इस परीक्षा के फॉर्म निकलते ही आपको उसे भर देना चाहिए।
  • इन जानकारियों प्राप्त करने के लिए आपको सोशल मीडिया जैसे फेसबुक ग्रुप टेलीग्राम चैनल और यूट्यूब आदि से भी जानकारी लेते रहना चाहिए।
  • यदि आप विदेश से पीएचडी करने की इच्छुक हैं तो आपको दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों का पता कर लेना चाहिए और उन पर आने वाली सूचनाओं को नियमित रूप से देखते रहना चाहिए।
शोध प्रस्ताव की तैयारी शुरू कर दें
  • पीएचडी करने के लिए आपको किसी विषय पर शोध करना होता है और निष्कर्ष निकालने होते हैं।
  • PhD के इंटरव्यू के दौरान ही आपको शोध प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। आपके शोध प्रस्ताव से प्रोफेसर आपको प्रश्न पूछेंगे और आपके ज्ञान का परीक्षण करेंगे।
  • इसलिए आपको एक अच्छा शोध प्रस्ताव बना लेना चाहिए।
  • शोध प्रस्ताव बनाने के लिए आपको इंटरनेट की मदद ले लेनी चाहिए और पहले से उपलब्ध थिसिस और शोध प्रश्नों को देख लेना चाहिए।
  • सबसे पहले आप अपने पोस्ट ग्रेजुएशन सिलेबस से एरिया चुने और उसमें से एक शोध समस्या को चुनकर आगे बढ़े।
  • शोध समस्या क्या होती है : इसमें कुछ मूल प्रश्न होते हैं जिन पर आप 5 वर्षों तक शोध करके परिणाम निकालना चाहते हैं। उदाहरण के लिए
    • एक समाजशास्त्र का पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी सामाजिक संघर्षों को एक समस्या मानकर उसके समाधान के लिए शोध करना चाहता है तो उसे किसी एक क्षेत्र की सामाजिक संघर्षों की घटना को लेकर उस पर शोध प्रश्न बनाने होंगे और कार्य करना होगा
    • विज्ञान का विद्यार्थी एमएससी करने के बाद भौतिकी में किसी नियम पर नवीन खोज करना चाहता है तो उसे बहुत ही घटना की किसी समस्या को स्पष्ट करना होगा और उस पर भौतिकी के नियमों के आधार पर शोध किया जाएगा।
    • इसी प्रकार साहित्य कला और इतिहास जैसे विषयों में भी शोध समस्याओं को स्पष्ट करके उन पर शोध किया जा सकता है।
  • शोध समस्या चुनने के बाद आपको विषय से संबंधित पहले से उपलब्ध शोध साहित्य का अध्ययन करना चाहिए जिससे आपको पता लगे कि इस विषय पर क्या-क्या शोध हो चुके हैं और आपके शोध किस तरह से इसे आगे बढ़ाएंगे।
  • आपको शोध के अंदर अंतराल को क्या करना होता है। उदाहरण के लिए सामाजिक विज्ञान में किसी एक क्षेत्र में यदि रिसर्च हो रखा है परंतु जिस क्षेत्र को आप जोड़ना चाहते हैं वहां रिसर्च नहीं हुआ है अथवा जो रिसर्च पहले से हुआ है उनमें वह प्रश्न शामिल नहीं है जो आप शामिल करना चाहते हैं तो आप उसे अंतराल के रूप में देखकर अपने शोध प्रश्न बना सकते हैं।
  • शोध प्रस्ताव बनाने के लिए सबसे पहले आपको विषय की सामान्य जानकारी लेना चाहिए और जो विषय आपके दिमाग में चल रहे हैं उन्हें एक सूची बनाकर लिख लेना चाहिए।
  • शोध प्रस्ताव में एक विषय पर केंद्रीय कार्य होता है इसलिए आपको अपनी सूची में से एक बेहतर विषय को चुन लेना चाहिए जिस पर आप आगे कार्य करना चाहते हैं।
  • एक शोध प्रस्ताव में शीर्षक, साहित्य की समीक्षा, शोध प्रश्न, शोध प्रविधि और संदर्भ सूची जैसी सामग्री होती है।

पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तैयारी करें

  • देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय स्वयं की पीएम की प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाते हैं तथा कुछ विश्वविद्यालय नेट जेआरएफ के आधार पर ही इंटरव्यू लेते हैं।
  • इसलिए जिस विश्वविद्यालय में लिखित परीक्षा होती है उसके लिए आपको पढ़ाई करनी आवश्यक है।
  • पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 50% प्रश्न विषय से संबंधित होते हैं तथा शेष प्रश्न शोध प्रविधि से संबंधित होते हैं।
  • इसके लिए आपको नेट जेआरएफ की तरह पूरी तैयारी करनी होगी।
  • अवध विश्वविद्यालय के परास्नातक का सिलेबस देखें और उसके आधार पर तैयारी की शुरुआत करें।
  • प्रश्नों का रूप जाने के लिए आपको पुराने प्रश्न पत्र का अवलोकन जरूर करना चाहिए जिसके आधार पर आप अपनी तैयारी बेहतर कर सकें।
PhD के इंटरव्यू की तैयारी करना
  • जब आप पीएचडी की प्रवेश परीक्षा पास कर लेते हैं अथवा नेट जेआरएफ करने के बाद सीधा इंटरव्यू देते हैं तो आपको पीएचडी के इंटरव्यू की तैयारी कर लेना जरूरी है।
  • PhD का इंटरव्यू सामान्यता 10 से 20 मिनट के बीच का होता है जिसमें आपको आपके विषय से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं तथा आपको आपके शोध प्रश्नों के बारे में आपको विस्तृत जानकारी देनी होती है।
  • आपको इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास के साथ बातचीत करनी चाहिए।
  • पूछे गए प्रश्नों का विवेकपूर्ण तरीके से उत्तर देना चाहिए।
अंतिम चयन प्रक्रिया
  • यदि आप पीएचडी के इंटरव्यू को पास कर लेते हैं तो आपका पीएचडी में अंतिम चयन हो जाता है।
  • PhD में प्रवेश होने के बाद आपको शोध प्रविधि का अध्ययन करवाया जाता है।
  • आप को आप के विषय में शोध के लिए एक गाइड मार्गदर्शक के रुप में मिलते हैं जो कि प्रोफेसर होते हैं।
  • यह गाइड निरंतर मार्गदर्शन करते रहते हैं और पीएचडी पूरी होने तक आपके साथ बने रहते हैं।

आप अपनी पसंद के विषय में पीएचडी कर सकते हैं। जिसके बाद बेहतरीन करियर बना सकते हैं।

साइंस स्ट्रीम में बेस्ट पीएचडी कोर्स

  • पीएचडी इन फिजिक्स
  • पीएचडी इन केमिस्ट्री
  • पीएचडी इन मैथमेटिक्स
  • पीएचडी इन बायोसाइंस
  • पीएचडी इन क्लिनिकल रिसर्च
  • पीएचडी इन बायोटेक्नोलॉजी
  • पीएचडी इन जूलॉजी
  • पीएचडी इन बायो इनफॉर्मेटिक
  • पीएचडी इन एनवायरोमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग

ह्यूमैनिटी में बेस्ट पीएचडी कोर्स

  • पीएचडी इकोमिक्स
  • पीएचडी इन ह्यूमैनिटी
  • पीएचडी इन जियोग्राफी
  • पीएचडी इन इंग्लिश
  • पीएचडी इन साइकोलॉजी
  • पीएचडी इन फिजियोलॉजी
  • पीएचडी इन आर्ट्स
  • पीएचडी इन सोशल वर्क
  • पीएचडी इन पब्लिक पॉलिसी

इंजीनियरिंग में बेस्ट पीएचडी कोर्स

  • पीएचडी इन सिविल इंजीनियरिंग
  • पीएचडी इन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी
  • पीएचडी कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग
  • पीएचडी इन इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
  • पीएचडी इन केमिकल इंजीनियरिंग
  • पीएचडी इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • पीएचडी इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग

बिजनेस और मैनेजमेंट में बेस्ट पीएचडी कोर्स

  • पीएचडी इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
  • पीएचडी इन मैनेजमेंट
  • पीएचडी इन कॉमर्स
  • पीएचडी इन मार्केटिंग / ब्रांड मैनेजमेंट
  • पीएचडी इन अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल मैनेजमेंट

मेडिकल में बेस्ट पीएचडी कोर्स

  • पीएचडी इन फिजियोलॉजी
  • पीएचडी इन पैरामेडिकल
  • डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (कार्डियोलॉजी)
  • पीएचडी इन मेडिसिन
  • पीएचडी इन रेडियोलॉजी
  • पीएचडी इन मेडिकल फिजिक्स
  • पीएचडी इन पैथोलॉजी
  • पीएचडी इन न्यूरोसाइंस
  • डॉक्टर ऑफ मेडिसिन इन होम्योपैथी

यहां पर बताए गए कोर्सेज के अलावा भी ऐसे बहुत से बेस्ट कोर्स हैं जिनके बाद बेहतर करियर बना सकते हैं। मेडिकल फील्ड, लॉ (law), एग्रीकल्चर, कॉमर्स आदि में बहुत से बेस्ट पीएचडी कोर्स हैं। पीएचडी उसी विषय से करें जिसमे आपका इंटरेस्ट हो। क्योंकि पीएचडी करना उतना आसान नहीं है जितना आसान हम समझते हैं।

डॉक्टर ऑफ लेटर्स की डिग्री, सर्वोच्च पोस्ट-डॉक्टोरल डिग्री है जो उन उम्मीदवारों को प्रदान की जाती है जिन्होंने पहले पीएच-डी. डिग्री प्राप्त के ली हो।

डी.लिट कोर्स की अवधि दो वर्ष है। इस पाठ्यक्रम में विषय अधिक नहीं हैं क्योंकि यह एक शोध-आधारित कार्यक्रम है। D.Litt का पूर्ण रूप डॉक्टर ऑफ लिटरेचर है। यह एक शोध-आधारित डिग्री है और आज तक शिक्षा की डिग्री का उच्चतम रूप है।

डॉक्टर ऑफ लेटर्स (D. Litt.) : परिचय 

डॉक्टर ऑफ साइंस (D. Sc.), डॉक्टर ऑफ लेटर्स (D. Litt.), डॉक्टर ऑफ लॉज़ (LL. D.) अध्यादेश, 2020 और अकादमिक परिषद के अनुमोदन की तारीख से प्रभावी होंगे। डी. एससी की डिग्री। / डी. लिट इन अध्यादेशों में निर्दिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को प्रदान किया जाएगा।

पात्रता

D. Sc./ D. Litt./ LL में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार। विश्वविद्यालय के कार्यक्रम, संबंधित विषय में उत्कृष्ट शोध का अनुसरण किया जाना चाहिए और प्रवेश के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता प्राप्त की है जैसा कि नीचे उल्लेख किया गया है।

उम्मीदवार को आवेदन की तिथि से कम से कम 4 (चार) शैक्षणिक वर्ष पहले संबंधित विषय में इस विश्वविद्यालय से पीएचडी या समकक्ष डिग्री प्राप्त करनी चाहिए। या

आवेदन की तारीख से कम से कम 4 (चार) शैक्षणिक वर्ष पहले संबंधित विषय में किसी अन्य मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या स्थायी विदेशी विश्वविद्यालय से पीएचडी या समकक्ष डिग्री प्राप्त की हो और मास्टर और/या इस विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री, या

इस विश्वविद्यालय का एक स्थायी शिक्षक होना चाहिए, जिसने आवेदन की तिथि से पहले इस विश्वविद्यालय में कम से कम 4 (चार) साल की सेवा की हो, और पीएचडी या समकक्ष प्राप्त की हो। इस से या किसी अन्य मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से या किसी विदेशी विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में डिग्री।

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