दबंग ने संबंध बनाने का दबाव बनाया, इंकार करने पर डायन बताया, अपना मल खाने और पेशाब पीने के लिए करते हैं मजबूर

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 16 मई, 2023 | जयपुर-दिल्ली- रांची : झारखंड की रहने वाली आदिवासी महिला दुर्गा महतो पर उनके ही गांव के एक दबंग ने संबंध बनाने का दबाव बनाया। पहले से शादीशुदा दुर्गा ने इससे साफ इनकार कर दिया। जिसके बाद से ही वह दबंग दुर्गा से बदला लेना चाहता था। उसे जल्दी ही मौका भी मिल गया।

गांव में हुए एक-दो पशुओं की मौत को उसने जादू-टोने से की गई हत्या बताकर इसके लिए दुर्गा को जिम्मेदार ठहराया। पूरे गांव में ऐसी बात फैला दी कि दुर्गा महतो डायन है। फिर एक दिन लाठी-डंडों से लैस होकर भीड़ दुर्गा महतो के घर पहुंची और पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। बेहोश होने तक दुर्गा और उसके पति की पिटाई की गई। उसके सारे कपड़े फाड़ दिए गए। इसी स्थिति में उसे पंचायत के सामने पेश किया गया। जहां पंचों ने उसके सामाजिक बहिष्कार का फैसला सुनाया। दुर्गा काफी समय तक अस्पताल में भर्ती रहीं।

जब वह ठीक होकर गांव लौटीं तो स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई। गांव में उनका बहिष्कार कर किया गया। उन्हें सार्वजनिक चापाकल से पानी भरने और गांव के तालाब में नहाने की भी इजाजत नहीं है। अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने दुर्गा देवी की कहानी छापी है। इसके बाद एक बार फिर से देश-दुनिया में भारत में डायन बिसाही के शक में होने वाली हत्याओं और प्रताड़नाओं पर बात की जा रही है।

अपना मल खाने और पेशाब पीने के लिए करते हैं मजबूर

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लात-घूसों से पिटाई, डायन का आरोप

देश के कई पिछड़े इलाकों में आज भी डायन बिसाही और जादू-टोने के शक में हत्याएं होती हैं। आमतौर पर इसकी शिकार महिलाएं ही होती हैं। कुछ मामलों में पुरुषों को भी प्रताड़ित किया जाता है। डायन बिसाही के आरोप में महिलाओं को अपना ही मल खाने या पेशाब पीने के लिए मजबूर किया जाता है। देश में हर साल 100 से अधिक लोगों की हत्या डायन होने के शक में की जाती है। इसमें अधिकतर महिलाएं होती हैं।

झारखंड, ओडिशा और असम में सबसे ज्यादा मामले

मौजूदा वक्त में देश में डायन बिसाही के सबसे ज्यादा मामले झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम जैसे राज्य में देखने को मिलते हैं। अलग-अलग राज्य में इसे लेकर कठोर कानून बनाए गए हैं। झारखंड में तो इस अपराध के लिए उम्र कैद तक का प्रावधान है। बावजूद इसके इन इलाकों में आज भी डायन होने के शक में महिलाओं की हत्याएं हो रही हैं।

डायन बताकर देश में 10 साल में हुई 1500 हत्याएं

एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक साल 2011 से लेकर 2022 के बीच में देश भर में लगभग 1500 लोगों की हत्या डायन होने के शक में की गई। इनमें से सबसे ज्यादा हत्याएं झारखंड में हुईं। एक समय यूरोपीय देशों में भी डायन होने के शक में महिलाओं की हत्याएं की जाती थी। लेकिन अब वहां से यह कुप्रथा पूरी तरह मिट चुकी है।

अंग्रेजों ने डायन होने के शक में लाखों महिलाएं जलाईं

आज के समय में पश्चिमी देशों में भारत में होने वाली ऐसी हत्याओं को यहां के पिछड़ेपन और अंधविश्वासी के जोड़कर देखा जाता है। लेकिन सैकड़ों सालों तक यूरोपीय देश खुद भी इस समस्या से ग्रस्त रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक 1560 से लेकर 1660 के बीच ही यूरोप में लगभग 50 हजार महिलाओं को डायन होने के शक में मारा गया। इतिहासकारों का मानना है कि मध्यकाल में यूरोप में ऐसी लाखों हत्याएं हुईं। यूरोप में ऐसा होना कॉमन था। कई जगह कथित डायन को सजा देने के लिए चर्च में स्पेशल कोर्ट तक बनाए गए थे।

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