राजस्थान में गिरते लिंगानुपात के बीच जिला कलेक्टर की पहल पर झुंझुनूं में ‘लाडो सम्मान वाटिका’ होगी

3 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो || सितंबर 24, 2020 || जयपुर : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की बात आये और झुंझुनूं का जिक्र ना हो, ऐसा कतई संभव नहीं है। दस वर्ष पूर्व जब गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने इस अभियान का श्रीगणेश किया था। तब से अब तक झुंझुनूं जिले ने इस दिशा में ना केवल कई नवाचार कर रहा है। बल्कि इन नवाचारों का असर भी जमीनी हकीकत के रूप में सामने आया है। अब सरकारी स्कूलों में पढ़कर टॉप करने वाली बेटियों का सम्मान ताउम्र किया जा सके। इसके लिए झुंझुनूं ने एक बार फिर नवाचार किया है। इसके लिए अब झुंझुनूं में लाडो सम्मान वाटिका विकसित होगी। यादें चिरस्थायी रखने के लिए पहल
जिला कलेक्टर यूडी खान ने बताया कि मार्च माह में तय किया गया था कि सरकारी स्कूल में पढ़कर बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाली टॉपर छात्रा को 21 हजार रुपए तथा अन्य 9 छात्रों को 11—11 हजार रुपए का इनाम दिया जायेगा। लेकिन इस इनाम के साथ—साथ इन बेटियों की सफलता की यादें चिरस्थायी हो। इसके लिए झुंझुनूं के जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय के सामने लाडो सम्मान वाटिका का विकास होगा। खुद कलेक्टर यूडी खान ने इसमें पौधा लगाकर इसका शुभारंभ किया है। बेटियाँ खुद लगायेगी अपने नाम का पौधा
कलेक्टर यूडी खान के अनुसार अब इस पार्क में टॉपर बेटियाँ खुद आकर यहाँ पर अपने नाम का पौधा लगायेंगी, जिसकी सार संभाल महिला अधिकारिता विभाग करेगा। वहीं बेटियाँ भी समय—समय पर आकर अपने नाम से लगे पौधे को सार संभाल कर सकती है। जब तक वह पौधा रहेगा। बेटियों का सम्मान रहेगा। इसलिए पौधा सालों तक जीवित रहे। इसके लिए विशेष प्रबंध किये जायेंगे। लाडो सम्मान योजना लागू की
महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला ने बताया कि जब कलेक्टर यूडी खान ने ‘लाडो सम्मान योजना’ जिले में लागू की थी। तो सामने आया कि ऐसी प्रेरणा देने वाली टॉपर बेटियों का सम्मान एक दिन होता है। लोग और खुद बेटियाँ भी भूल जाती है। इसलिए उन्होंने जिला कलेक्टर यूडी खान की प्रेरणा से ‘लाडो सम्मान वाटिका’ स्थापित करने का मन बनाया और आज यह सपना साकार हो गया है। रूप में आयी है। लगेगी विवरण की पूरी पट्टिका अधिकारी ने बताया कि जो पौधा भी टॉपर बच्चियों के नाम से लगेगा। उस पौधे के पास ही बेटी का नाम, उसके माता—पिता का नाम, गाँव का नाम और स्कूल का नाम आदि विवरण की पट्टिका होगी। ताकि एक बेटी की उपलब्धि के कारण उनके माता—पिता, गाँव, स्कूल और समाज भी खुद को गौरवान्वित समझें। इससे और बेटियों को अच्छा पढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। साथ ही समाज भी बेटियों की पढ़ाई का मोल समझ पायेगा। जिले में ‘लाडो’ का रखा जा रहा है खयाल
आपको बता दें कि झुंझुनूं में जब बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान को दस साल पहले शुरू किया गया था। तब लिंगानुपात में काफी अंतर था। लेकिन झुंझुनूं ने पहले बेटी बचाने पर जोर दिया और लिंगानुपात को सुधारा। इसके बाद बेटियों को पढाने पर जोर दिया तो अब करीब 148 बेटियाँ एक साल में ऐसी सामने आयी है। जो सरकारी स्कूलों में पढ़कर 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किये है। इन बेटियों के सम्मान में झुंझुनूं ने ना केवल पुरस्कारों की घोषणा की है। बल्कि पिछले दिनों तो ऐसी टॉपर बेटियों को एक दिन का कलेक्टर तक बनाकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कई कार्यक्रमों के जरिए भी बेटियों का सम्मान बढ़ाने की कोशिश की गयी है।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This