पब्लिक हेल्थ रिपोर्ट् : फ्लू और कोरोना एक साथ होने से बढ़ेगा जान का खतरा, सर्दी में होगी डबल टेंशन

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || सितंबर 24, 2020 || जयपुर : मानसून की विदाई के बाद अब गुलाबी ठंड दस्तक देने वाली है। लेकिन सर्दी का मौसम इस बार सर्द बनने वाला है। वजह कोरोना वायरस है। सदी के मौसम में फ्लू आम बीमारी होती है। सर्दी-खांसी से लोग परेशान रहते हैं। चिंता का सबब ये है कि अगर कोई शख्स फ्लू और कोरोना वायरस (Coronavirus) दोनों की चपेट में एक साथ आता है तो उसकी जान को ज्यादा खतरा हो सकता है। कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप पहले से ही तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अब आगे सर्दियों में और मुश्किल बढ़ सकती है। कोरोना वायरस के साथ साथ सर्दियों में फ्लू की वजह से लोगों पर खतरा डबल होने वाला है। कोरोना और फ्लू की चपेट में एक साथ आने से मरीज की जान को ज्यादा खतरा हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट ने सर्दियों में दोहरा झटका लगने की चेतावनी दी है। ‘पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड’ (PHE) की एक रिपोर्ट के अनुसार, को-इंफेक्शन से इंसान की मौत का खतरा डबल होने की पूरी संभावना होती है। दोनों इंफेक्शन के साथ मरीजों की जान को दोनों टेस्ट में नेगेटिव पाये जाने वाले व्यक्ति की तुलना में 6 गुना ज्यादा खतरा होता है। रिपोर्ट के अनुसार, सर्दियों में लोग फ्लू से खुद को बचा नहीं पाये तो अस्पतालों में मरीजों की संख्या काफी बढ़ जायेगी। इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि मरीज को फ्लू है या कोविड-19 या दोनों। बता दें कि फ्लू एक वायरल इंफेक्शन होता, जो खाँसने या छींकने से अन्य दूसरे लोगों में फैलता है। आप यह जानते हैं कि कोविड-19 की बीमारी भी ऐसे ही फैलती है। हालांकि फ्लू से संक्रमित मरीज लगभग एक हफ्ते में ठीक हो जाता है, मगर कोरोना मरीज की रिकवरी में लंबा समय लग जाता है। वायरल इंफेक्शन फ्लू ज्यादातर सर्दियों में फैलना शुरू होता है। लेकिन फिलहाल कोरोना के बारे में ये कहना मुश्किल है कि ये एक सीजनल बीमारी है, क्योंकि अभी तक हर मौसम में यह वायरस फैलता ही गया है। फ्लू और कोरोना के लक्षण लगभग एक जैसे ही हैं, इसलिए बिना मेडिकल जाँच दोनों में फर्क ढूंढना काफी मुश्किल काम है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) की रिपोर्ट की मानें तो 20 जनवरी से 25 अप्रैल के बीच इंग्लैंड में 20,000 ऐसे मामले दर्ज किये गये, जहाँ मरीज फ्लू और कोरोना दोनों से संक्रमित पाये गये। इनमें से ज्यादातर मरीजों की हालत काफी गंभीर थी। कोविड-19 और फ्लू की चपेट में आने के बाद 43 प्रतिशत लोगों की मौत हुई, जबकि इसकी तुलना में कोविड-19 से मरने वाले केवल 27 प्रतिशत थे। एक्सपर्ट का कहना है कि सर्दी के मौसम में अब आपको ज्यादा ख्याल रखना होगा। अगर लोग फ्लू से खुद की रक्षा नहीं करत पाते हैं तो अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा होगा। लोग एक समय में दो बीमारियों का प्रकोप नहीं झेल पायेंगे।

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