आँखों की अच्छी सेहत : बच्चों में बढ़ रही है आँखों की समस्या, ऑनलाइन क्लासेज में बरतें सावधानियाँ

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || सितंबर 24, 2020 || जयपुर : कोरोना महामारी के चलते स्कूल वगैरह बंद हैं। ऐसे में पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लासेज और बाहर ज्यादा न निकलने की अवस्था में गेमिंग में बच्चे अपना अधिक समय बिता रहे हैं और इन सारी चीजों का प्रभाव उनकी आँखों पर पड़ रहा है। मोटे तौर पर, हाल के सप्ताहों में करीब 40 प्रतिशत बच्चों में आँखों व देखने की तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ा है। जाने-माने नेत्र विशेषज्ञ अनिल रस्तोगी के मुताबिक, इनमें से अधिकतर बच्चों में अभिसरण अपर्याप्तता की समस्या देखी गयी – यह एक ऐसी अवस्था है, जहाँ निकट स्थित किसी चीज को देखने के दौरान आँखें एक साथ काम करने में असक्षम रहती हैं। इस स्थिति के चलते एक आँख के अंदर रहने के दौरान दूसरी बाहर की ओर निकल आती है, जिससे चीजें या तो दो या धुंधली लगती हैं। उन्होंने आगे कहा कि बच्चे कंप्यूटर के आगे लंबे समय तक बैठे रहते हैं, स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं जिससे आँखों में खुजली और जलन की समस्या पैदा हो जाती है, ध्यान लगाने में परेशानी होती है, सिर दुखता है, आँखों में दर्द होता है। नेत्र विशेषज्ञ शिखा गुप्ता भी यही कहती हैं कि लॉकडाउन के चलते बच्चे आठ से दस घंटे तक का समय इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में बिताते हैं। “वे या तो ऑनलाइन क्लासेज कर रहे हैं या कार्टून देख रहे हैं या वीडियो गेम्स खेल रहे हैं। माता-पिता को लगता है कि यह उन्हें व्यस्त रखने का सबसे बेहतर तरीका है, लेकिन इतना ज्यादा वक्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में बिताने से आँखों को नुकसान पहुँचता है।” इनसे बचने के लिए डॉक्टर्स का सुझाव है कि आँखों की एक्सरसाइज पर ध्यान दें, टीवी / कंप्यूटर / मोबाइल फोन के स्क्रीन से कुछ-कुछ देर का ब्रेक लेते रहें, ताकि आँखों की अच्छी सेहत बरकरार रखी जा सकें। आइए, आपको 6 तरह से आँखों के व्यायाम के बारे में बताते हैं, जिन्हें करने से आँखों की रोशनी बढ़ेगी – काम करने के दौरान हर 3 से 4 घंटे में अपनी आँखों को कुछ मिनट के लिए बंद कर लीजिए। यह प्रक्रिया आपको पूरे दिन कंप्युटर के सामने बैठे होने पर दोहराते रहना चाहिए। ऐसा करने से आपकी आँखों को आराम मिलता है, जो बहुत जरूरी है। अपनी आँख की पुतलियों को दाएँ-बाएँ और ऊपर-नीचे करने के साथ ही चारों ओर घुमाएँ, इससे आँखों का व्यायाम होता है। अपने अंगूठे को आँखों की सीध में दोनों भौंओं के बीच रखें और कुछ समय तक आँखों को उसी बिंदु पर टिकाये रखें। दीवार पर आँखों की सीध में किसी बिंदु पर ध्यान केंद्रित करें और इसे कम समय से लेकर धीरे-धीरे अधि‍क समय तक करने का प्रयास करें। दीपक की लौ को एकटक निहारने की प्रक्रिया को त्राटक कहते हैं। यह प्रक्रिया आँखों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ एकाग्रता में भी वृद्धि‍ करती है। सुबह के समय हरी घास पर चलना आँखों के लिए फायदेमंद होता है। खास तौर से जब घास पर ओस जमी हो। कुछ समय घास पर चहलकदमी के लिए भी जरूर निकालें।

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