मोदी के मंत्रिमंडल में फेरबदल, राजस्थान आदिवासी और दलित वोटर्स पर पूरी नजर, किरोड़ी लाल मीणा और दीया कुमारी के मंत्री बनने की संभावना

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 17 जून 2023| जयपुर-अजमेर : राजस्थान विधान सभा चुनाव से पहले मोदी के मंत्रिमंडल में फेरबदल कर जातिगत समीकरण को मजबूत करने की तैयारी तेज हो रही है। मूकनायक मीडिया सूत्रों का कहना है कि जून के तीसरे सप्ताह में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपने कैबिनेट में फेरबदल (Union Cabinet Expansion) कर सकते हैं। राजस्थान विधान सभा चुनाव से पहले केंद्र में समीकरण बैठाने के लिए हो रही है माथापच्ची, कई चेहरों को लेकर हो रहा है मंथन।

इसमें राजस्थान से कई नामों के शामिल होने की चर्चा है। ऐसे में वो नाम सबसे आगे हैं जो राजस्थान में जातिगत समीकरण को ज्यादा प्रभावित करते हैं। इसमें कुछ राज्यसभा सदस्य भी शामिल हैं। इसमें राजपूत, जाट, ब्राह्मण, आदिवासी और दलित चेहरों को साधने की पूरी कोशिश की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि 28 जून से पहले ये सारी चीजें साफ़ हो जायेगी।

 

राजस्थान चुनाव से पहले बीजेपी यहां पर दलित और आदिवासी वोटर्स पर पूरा फोकस कर रही है। ये पूर्वी राजस्थान और वागड़ (डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़) क्षेत्र को साधने के लिए दौसा की सांसद जसकौर मीणा, पूर्वी राजस्थान से ही आने वाले राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा, बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा के नाम की चर्चा है। इनमें से एक नाम को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं, दलित चेहरे में किसी एक सांसद को मंत्री के रूप में जगह दिए जाने की चर्चा है।

ब्राह्मण और राजपूत वोटर्स पर पकड़ बनाने की तैयारी 
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी को ब्राह्मण चेहरे के रूप में मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। क्योंकि, घनश्याम तिवाड़ी सीकर, जयपुर दोनों जिलों के साथ अन्य क्षेत्रों में इनका प्रभाव माना जा रहा है। ऐसे में उन क्षेत्रों में पकड़ को और मजबूत बनाने के लिए तिवाड़ी को मोदी कैबिनेट में जगह मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं, राजपूत और महिला वोटर्स को साधने के लिए राजसमंद सांसद दीया कुमारी को जगह मिल सकती है।

जाट को साधने के लिए इन पर लग सकता है दांव 
जाट वोटर्स को साधने के लिए अजमेर से सांसद भागीरथ चौधरी और सीकर से सांसद सुमेधानंद सरस्वती को मंत्रिमंडल में जगह दी सकती है। ये दोनों केंद्रीय नेतृत्व के टच में है। इन्हें चुनाव से पहले बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

चूंकि यह संभवतः 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले आखिरी मंत्री फेरबदल हो सकता है, इसलिए मोदी कैबिनेट में जोरदार बातचीत शुरू हो गई है। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के बाद राजस्थान के कम से कम दो सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। सूत्रों ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री केंद्रीय मंत्रिमंडल में और महिलाओं को शामिल करने पर भी विचार कर रहे हैं। जहां चर्चा है कि प्रधानमंत्री “नॉन-परफॉर्मिंग” मंत्रियों को हटा सकते हैं, कुछ सांसद जो विभिन्न राज्यों में “स्टार प्रचारक” रहे हैं, उन्हें भी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की उम्मीद है।

नए चेहरों में से दलित-आदिवासी समुदाय से हो सकते हैं, जो मध्य प्रदेश, छतीसगढ़ और राजस्थान में एससीएसटी को आकर्षित करने की भाजपा की व्यापक योजना का हिस्सा है। तीनों राज्यों में इस साल मतदान होगा और यहां अनुसूचित जातियों की अच्छी खासी आबादी है जो परंपरागत रूप से भाजपा से दूर रही है। सूत्रों ने कहा कि कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है।

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