ओडिशा के बालासोर में ट्रिपल ट्रेन हादसे में 3 रेल अफसर अरेस्ट, CBI ने इन पर गैर-इरादतन हत्या और सबूतों को मिटाने का केस दर्ज किया

6 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 07, जुलाई 2023 | जयपुर-बालासोर-मुंबई : ओडिशा के बालासोर में ट्रिपल ट्रेन हादसे में 3 रेल अफसर अरेस्ट, CBI ने इन पर गैर-इरादतन हत्या और सबूतों को मिटाने का केस दर्ज किया। बालासोर में पिछले महीने हुए ट्रिपल ट्रेन हादसे में CBI ने शुक्रवार को तीन रेल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। इनमें सीनियर सेक्शन इंजीनियर अरुण कुमार मोहंता, सेक्शन इंजीनियर मोहम्मद आमिर खान और टेक्नीशियन पप्पू कुमार शामिल हैं। दुर्घटना की जांच कर रहे रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने पिछले सप्ताह हादसे के लिए सिग्नलिंग विभाग के कर्मचारियों की मानवीय भूल को जिम्मेदार ठहराया था।

तीनों पर गैर इरादतन हत्या और सबूत मिटाने का आरोप है। इस हादसे में 293 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। सूत्रों का कहना है कि इन तीनों की लापरवाही के कारण ही हादसा हुआ। सूत्रों का यह भी दावा है कि तीनों आरोपी जानते थे कि उनकी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।

पहले जानते हैं CRS की रिपोर्ट में क्या था train accident new cover1211685806124 1688473915 ओडिशा के बालासोर में ट्रिपल ट्रेन हादसे में 3 रेल अफसर अरेस्ट, CBI ने इन पर गैर इरादतन हत्या और सबूतों को मिटाने का केस दर्ज किया
बालासोर रेल हादसे की CRS की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इस दुर्घटना के लिए सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग में कई स्तरों पर खामियां जिम्मेदार थीं।

सिग्नल सर्किट डायग्राम में गड़बड़ी नहीं हुई होती ताे 293 यात्रियों की जान नहीं जाती। भविष्य में इस वजह से दुर्घटना न हाे, इसके लिए सीआरएस ने 14 बिंदुओं पर अपनी सिफारिश पेश की है।

जांच रिपोर्ट का निष्कर्ष
दक्षिण पूर्व सर्किल कोलकाता के CRS एएम चौधरी ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि सिग्नल सर्किट के डायग्राम में हुई गलतियों के कारण क्रॉसिंग गेट संख्या-94 के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस काे गलत सिग्नल मिल गया।

अप मेन लाइन काे अप लूप लाइन क्रॉस ओवर 17 ए/बी से जोड़ने वाला क्रॉस ओवर लूप लाइन पर सेट किया गया था। गलत सिग्नल के कारण कोरोमंडल एक्सप्रेस अप लूप लाइन पर चली गई। वहां खड़ी मालगाड़ी के पीछे वाले वैगन से टकरा गई।

खामी-1 : क्रासओवर 17 ए/बी विफल हो गया। डेटा लॉगर की जांच में पता चला कि प्वॉइंट को रिवर्स से सामान्य होने में तिगुना समय लगा। सामान्यत: इसमें 13-14 सेकेंड का समय लगता है। लेकिन, घटना के दौरान इसमें 37 सेकेंड लगा।

खामी-2 : शाम 4.23 से 6.08 बजे तक छह ट्रेनों को अप मेन लाइन से गुजारा गया क्रॉसओवर 17 ए/बी सामान्य के साथ।

खामी-3 : जैसे ही ट्रेन 12841 अप होम सिग्नल से आगे बढ़ी, ट्रैक सर्किट क्रम में गिर गया। बाद में UMT1 गिरा दिया गया। जिससे ट्रेन क्रॉसओवर 17 ए/बी रिवर्स के साथ अप लूप लाइन में जाने लगी।

खामी-4 : बहनागा बाजार स्टेशन पर एलसी-94 के ईएलबी प्रतिस्थापन कार्य के लिए सिग्नल एंड टेलीकॉम स्टाफ को एलसी-79 के वायरिंग डायग्राम की आपूर्ति की गई थी। यह एक गलत कदम था, जिस कारण गलतियां हुईं। अधिकारी सतर्क रहते तो शायद हादसा नहीं होता।

बालासोर जैसे हादसे रोकने के लिए सीआरएस के सुझाव

1. सिग्नलिंग सर्किट में किसी भी तरह के संशोधन या बदलाव करने से पहले मौजूदा सर्किट का कार्यात्मक परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए कि वास्तविक सर्किट डायग्राम के अनुसार है या नहीं। सर्किट में कोई भी बदलाव अधिकारी की उपस्थिति में हो।

2. ऐसी स्थिति जहां एक बिंदु के लिए “सामान्य” और “रिवर्स’ संकेत रिले दोनों का पता लगाया जाता है, उस बिंदु पर सभी सिग्नल गतिविधियों को रोका जाना चाहिए।

3. ईएल के इंस्टॉलेशन में प्वॉइंट स्विच ग्रुप को समाप्त किया जाना चाहिए।

4.स्टेशन मास्टरों को ईएल सिस्टम की संभावित दोषपूर्ण स्थितियों से अवगत कराया जाना चाहिए जिन्हें पैनल पर संकेतों के माध्यम से पता लगाया जा सकता है।

5. दीर्घकालिक उपाय के रूप में सिग्नलिंग कार्य/गियर को ओएफसी के माध्यम से सीधे ईएल से जोड़ा जाना चाहिए। जिससे मध्यवर्ती रिले समाप्त हो जाएं।

रेलवे बोर्ड ने बताया था कि कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकराई, फिर बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट कोरोमंडल की बोगियों में भिड़ गई।

52 शव अब भी लावारिस ezgifcom video to gif 81685812769 1688562934 ओडिशा के बालासोर में ट्रिपल ट्रेन हादसे में 3 रेल अफसर अरेस्ट, CBI ने इन पर गैर इरादतन हत्या और सबूतों को मिटाने का केस दर्ज किया
ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रिपल ट्रेन हादसे के बाद अब भी 52 शवों की पहचान नहीं हो पाई है। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इन शवों को भुवनेश्वर AIIMS कैंपस में डीप फ्रिज कंटेनर में रखा गया है।

6 जून को 81 शवों का DNA सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया। शुक्रवार को इनमें से 30 सैम्पल्स की रिपोर्ट आई और 29 मृतकों की पहचान हुई। इन शवों को उनकी फैमिली को सौंप दिया गया है।

मामले में रेलवे अधिकारी का कहना है कि कुछ शव ऐसे हैं, जिनके एक से ज्यादा दावेदार हैं। अब DNA सैंपल के दूसरे फेज की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 2 जून को ओडिशा के बालासोर में ट्रेन हादसा हुआ था।

इसमें चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस, हावड़ा जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी आपस में टकरा गई थीं। हादसे में 292 लोगों की मौत हुई है। मामले की जांच CBI कर रही है।

अब पढ़िए दो ऐसे केस, जो अपने मृतक परिजन को एक महीने से ढूंढ रहे …

पहला केस: पश्चिम बंगाल के शिव चरण एक महीने से भुवनेश्वर AIIMS में रुके हुए हैं। उनके छोटे भाई कृष्णा की ट्रेन हादसे में ही मौत हो गई थी। उन्होंने भाई के शव को कपड़ों से पहचान लिया है, लेकिन कन्फर्म होने के लिए उनका भी DNA टेस्ट किया गया है।

रिपोर्ट के लिए वे अभी भी इंतजार कर रहे हैं। शिव चरण का कहना है कि वे भाई का शव लिए बिना भुवनेश्वर से नहीं जाएंगे, क्योंकि उन्हें धार्मिक नियम से भाई का अंतिम संस्कार करना है।

दूसरा केस: हादसे में पश्चिम बंगाल के ही अन्जरुल हक की मौत हो गई। घर में उनकी पत्नी और 3 छोटे बच्चे हैं, जो उनके शव का एक महीने से इंतजार कर रहे हैं। मृतक के भाई और साले ने BBC को बताया कि वे भुवनेश्वर AIIMS के हर दिन चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार ही नहीं है।

बालासोर हादसे की वजह सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी  1688473128 ओडिशा के बालासोर में ट्रिपल ट्रेन हादसे में 3 रेल अफसर अरेस्ट, CBI ने इन पर गैर इरादतन हत्या और सबूतों को मिटाने का केस दर्ज किया
हादसे की जांच CBI कर रही है। एक जांच रेलवे बोर्ड की ओर से कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) ने भी की है। सोमवार को CRS ने 40 पेज की रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी।

रिपोर्ट के मुताबिक, लेवल-क्रॉसिंग लोकेशन बॉक्स के अंदर तारों की गलत लेबलिंग की वजह से ऑटोमेटेड सिग्नलिंग सिस्टम में गड़बड़ी हुई। जो हादसे का कारण बना। क्रॉसिंग लोकेशन बॉक्स में तारों की गलत लेबलिंग के बारे में सालों तक मालूम ही नहीं चला। मेंटेनेंस के दौरान भी इसमें गड़बड़ी हुई है।

बालासोर में हादसे के बाद बिखरीं शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841) और बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12864) की बोगियां।

ओडिशा ट्रेन हादसा, सिग्नल इंजीनियर के फरार होने की खबर; रेलवे बोला- कोई नहीं भागा

हादसे के करीब 20 दिन बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बालासोर पहुंचे। यहां उन्होंने बहनागा बाजार और गांव के लोगों से मुलाकात की।

बालासोर ट्रिपल ट्रेन हादसे की जांच कर रही CBI ने एक जूनियर इंजीनियर से हाल ही में पूछताछ की थी।

इसके बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया गया कि जूनियर इंजीनियर पूछताछ के बाद से फरार है। दक्षिण पूर्व रेलवे के CPRO आदित्य कुमार चौधरी ने इन रिपोर्ट्स को गलत बताया।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This