राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित जयपुर दौरा, G-20 समिट से पहले नगर निगम हेरिटेज को दुल्हन की तरह सजाने की तैयारी, अस्थाई अतिक्रमण हटाने के आदेश

5 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 08, जुलाई 2023 | जयपुर-मुंबई-दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित जयपुर दौरे और G-20 समिट से पहले नगर निगम हेरिटेज, जयपुर को दुल्हन की तरह सजाने की तैयारियों में जुट गया है। अगले 10 दिनों में जयपुर शहर के बदहाल फुटपाथ, बरामदों, सड़कों में बने गड्ढों, डिवाइडर्स और सड़क पर बनी लोहे की रेलिंग की मरम्मत कर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा।

वहीं शहर में जगह-जगह नजर आने वाले आवारा पशुओं को पकड़ा जाएगा। साथ ही, दीवारों और खंभों पर लगे बैनर पोस्टर हटाकर परकोटे की बदहाल हो चुकी दीवारों पर रंग रोगन किया जाएगा। ताकि दुनियाभर से जयपुर आने वाले मेहमानों को शहर की एक स्वच्छ तस्वीर पेश की जा सके। दरअसल, 14 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जयपुर दौरे पर आ रही हैं। वहीं 29 से 31 जुलाई तक जयपुर में G-20 समिट का आयोजन किया जा रहा है।

एक्टिव मोड में नगर निगम हेरिटेज169 1 300x170 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित जयपुर दौरा, G 20 समिट से पहले नगर निगम हेरिटेज को दुल्हन की तरह सजाने की तैयारी, अस्थाई अतिक्रमण हटाने के आदेश

इसमें शामिल होने के लिए दुनियाभर के अलग-अलग देशों से पॉलिटिशियन और ब्यूरोक्रेट्स जयपुर पहुंचेंगे। ऐसे में जयपुर की बदहाल स्थिति को लेकर आला अधिकारियों की फटकार के बाद नगर निगम हेरिटेज कमिश्नर राजेंद्र सिंह शेखावत एक्टिव मोड में आ गए हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की यात्रा और जी-20 सम्मेलन के पूरे होने तक एक भी पशु सड़क पर नजर आया तो जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त करवाई होगी।

उन्होंने उपायुक्त स्वास्थ्य आशीष कुमार को निर्देश दिए हैं कि जी-20 सम्मेलन तक प्रत्येक कचरा डिपो पर एक कर्मचारी और एक हूपर तैनात रहे। ताकि कचरा समय पर उठता रहे और साफ सफाई नजर आए। वहीं, उपायुक्त सतर्कता मनीषा यादव को अस्थायी अतिक्रमण हटाने और थड़ी ठेलों को जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्थाई अतिक्रमण हटाने के आदेश

शुक्रवार को हुई बैठक में शेखावत ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि शहर की सभी सार्वजनिक इमारतों, चौराहों, मार्गों और ऐतिहासिक स्मारकों पर अंग्रेजी के साइन बोर्ड लगाए जाएं। वहीं जल महल की पाल से अस्थाई अतिक्रमण को हटाकर सौंदर्यीकरण का काम किया जाए। वहीं शनिवार को भी उन्होंने आगामी आयोजन के संबंध में अधिकारियों से फीडबैक ली। इसके साथ ही वहां गार्ड भी तैनात रहें ताकि कोई भी व्यक्ति गंदगी और अतिक्रमण ना कर सके।

उन्होंने अधिकारियों को अगले 10 दिन तक छुट्टियों को भुलाकर शहर के बिगड़े हालत दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने विभाग-वार जिम्मेदारी भी बांट दी है। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों को कहा है कि अगर इस 31 जुलाई तक किसी ने भी अपने काम में लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जी-20 सम्मेलन 2023 दिल्ली

G20 लोगो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों – केसरिया, सफेद और हरे, एवं नीले रंग से प्रेरित है। इसमें भारत के राष्ट्रीय पुष्‍प कमल को पृथ्वी ग्रह के साथ प्रस्‍तुत किया गया है जो चुनौतियों के बीच विकास को दर्शाता है। पृथ्वी जीवन के प्रति भारत के पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसका प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य है। G20 लोगो के नीचे देवनागरी लिपि में “भारत” लिखा है।

भारत का G20 अध्‍यक्षता का विषय – “वसुधैव कुटुम्बकम” या “एक पृथ्वी · एक कुटुंब · एक भविष्य” – महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है। अनिवार्य रूप से, यह विषय सभी प्रकार के जीवन मूल्यों – मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीव – और पृथ्वी एवं व्यापक ब्रह्मांड में उनके परस्पर संबंधों की पुष्टि करता है।

यह विषय (थीम) व्यक्तिगत जीवन शैली और राष्ट्रीय विकास दोनों स्‍तरों पर पर्यावरण की दृष्टि से धारणीय और जिम्मेदार विकल्पों से संबद्ध LiFE (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पर भी प्रकाश डालता है, जिससे वैश्विक स्तर पर परिवर्तनकारी कार्यों के परिणामस्वरूप एक स्वच्छ, हरे-भरे और उज्जवल भविष्य का निर्माण होता है।यह विषय सामाजिक और व्यक्तिगत उत्पादन और उपभोग विकल्पों पर भी प्रकाश डालता है और पर्यावरण की दृष्टि से व्यवहार्य और जिम्मेदार व्यवहार विकल्प अपनाने का आह्वान करता है जिससे वैश्विक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके ताकि मानवता को अपेक्षाकृत स्वच्छ, हरित और उज्जवल भविष्य प्राप्त हो।

लोगो और विषय (थीम) एक साथ भारत की G20 अध्‍यक्षता का एक सशक्‍त संदेश देते हैं, जो दुनिया में सभी के लिए न्यायसंगत और समान विकास के प्रयास को दर्शाता है। क्योंकि आज जब हम एक स्थायी, समग्र, जिम्मेदार और समावेशी तरीके से इस चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं तो ऐसे समय में ये G20 अध्‍यक्षता के लिए हमारे आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल जीवन से संबंधित हमारे विलक्षण भारतीय नजरिये को दर्शाते हैं।

भारत के लिए, G20 अध्‍यक्षता “अमृतकाल” की शुरुआत है, जो 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ से शुरू होकर एक भविष्यवादी, समृद्ध, समावेशी और विकसित समाज, जिसकी मुख्‍य विशेषता मानव-केंद्रित दृष्टिकोण है, के लिए अपनी स्‍वतंत्रता की शताब्‍दी तक 25 वर्ष की अवधि है।

भारत की G20 अध्यक्षता

भारत 2023 में पहली बार G20 नेताओं का शिखर सम्मेलन बुलाएगा, क्योंकि 43 प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख – G20 में अब तक का सबसे बड़ा – इस साल के अंत में सितंबर में अंतिम नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। लोकतंत्र और बहुपक्षवाद के लिए प्रतिबद्ध राष्ट्र के रूप में, भारत का राष्ट्रपति बनना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा क्योंकि यह सभी के लाभ के लिए व्यावहारिक वैश्विक समाधान ढूंढना चाहता है और “वसुधैव कुटुंबकम” या “दुनिया एक परिवार है” के विचार को मूर्त रूप देना चाहता है।

G20 शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष एक चक्रीय अध्यक्षता के साथ आयोजित किया जाता है, और 2023 में भारत इसकी अध्यक्षता संभालेगा। समूह के पास कोई स्थायी सचिवालय नहीं है और इसे राष्ट्रपति पद के पिछले, वर्तमान और भविष्य के धारकों द्वारा समर्थित किया जाता है, जिन्हें ट्रोइका के रूप में जाना जाता है। 2023 में, ट्रोइका में इंडोनेशिया, ब्राजील और भारत शामिल हैं।

यह शिखर सम्मेलन तक बैठकों के लिए संभावित मेजबान शहरों के साथ बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, इंदौर, जोधपुर, खजुराहो, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पुणे, कच्छ के रण, सूरत, तिरुवनंतपुरम, जयपुर और उदयपुर सहित पूरे वर्ष बैठकों की एक श्रृंखला का समापन करेगा।

तीन थीम्स की की जाएगी चर्चा 

जी-20 आयोजन के लिए राजस्थान सजकर पूरी तरह तैयार है। 2-4 फरवरी तक जी-20 शेरपाओं की बैठक जोधपुर में होगी। इसी को लेकर मेहमानों के जोधपुर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। लोक कलाकारों ने (Jodhpur) ढोल-थाली बजाकर जी-20 शेरपाओं का स्वागत किया।

दो दिनों तक चलने वाली बैठकों में सोशल इवेंट भी होगा। जिसमें जी-20 डेलिगेशन हिस्सा लेगा। (G-20 Meeting In Jodhpur) श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बैठक में तीन थीम्स पर चर्चा की जाएगी। पहली जिसमें सोशल प्रोटेक्शन के लिए कैसे फायनेंसिंग की जाए, दूसरा इकोनाॅमी के वर्कर्स को कैसे सोशल प्रोटेक्शन दे सकते हैं। तीसरा है स्किल, पूरी दुनिया में स्किल को कैसे मिला सकते हैं।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This