टोल मुक्त कब होगा राजस्थान, हाई वे पर जाम होने के कारण एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित, आसपा (कांशीराम) टोल मुक्त व्यवस्था लायेगी

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 09, जुलाई 2023 | जयपुर-मुंबई-दिल्ली : जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे पर पिछले 6 महीने से लोगों को परेशानी का सामने करना पड़ रहा है। लोगों की परेशानी को देखते हुए जयपुर ग्रामीण में तैनात एडिशनल एसपी दिनेश कुमार शर्मा ने NHAI को पत्र लिखा है।

इसमें लिखा- अगर NHAI लोगों को सुविधा नहीं दे सकता तो तत्काल प्रभाव से टोल वसूलना बंद कर देना चाहिए। 4 जुलाई को लिखे इस पत्र का एनएचएआई की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। लोगों की परेशानी को देखते हुए अब जयपुर ग्रामीण पुलिस इस पर एक्शन ले सकती है।

गौरतलब है कि राज्य में 15,354 किमी राज्य राजमार्ग हैं, जिनमें से लगभग 4,954 किमी पर टोल एकत्र किया जा रहा है। इस खंड में 15 सड़कों पर PWD के 35 टोल बूथ, 28 सड़कों पर RSRDC के 81 बूथ और 13 सड़कों पर RIDCOR के 27 बूथ हैं। जानकारी के अनुसार राजस्थान में नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के 95 टोल प्लाजा हैं।

एडिशनल एसपी जयपुर ग्रामीण दिनेश कुमार शर्मा ने बताया- NHAI पिछले 6 माह से जयपुर अजमेर हाईवे पर 6 फ्लाई ओवर बना रहा है। इसके चलते करीब 15 किलोमीटर में वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं। पत्र में शर्मा ने लिखा- जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग हैवी ट्रेफिक कॉरिडोर माना जाता है। इसमें प्रतिदिन लगभग 1 लाख वाहन निकलते हैं।

इस हाईवे से निकलने वाले वाहनों से ठीकरिया व किशनगढ़ में टोल वसूल किया जाता है। टोल वसूल करने वाली कम्पनी की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह जिन वाहनों से टोल वसूल कर रही है। उन्हें आसान व सुरक्षित मार्ग दें। साथ ही टोल मार्ग पर आपातकालीन एवं सार्वजनिक शौचालय की सुविधा दें। जो नहीं हैं।

पत्र में लिखा- पिछले करीब 6 माह से देखने में आया है कि NHAI के अधिकारियों की अनदेखी के कारण इस हाईवे पर आमजन की परेशानी बढती जा रही है। इस कारण टोल मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक व अन्य यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो वाहनों के सामने अचानक आवारा पशु के आ जाने से दुर्घटना होती है। वर्तमान में जयपुर से किशनगढ़ के बीच 6 जगहों पर फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य चल रहा है।

60-70 पर चलने वाली गाड़ियां 6 से 7 किलोमीटर प्रतिघंटा से चल रही

15 किलोमीटर के इस मार्ग पर 24 घंटे पुलिस का जाप्ता जाम की परेशानी और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए लगा है। इससे जयपुर ग्रामीण पुलिस का काम भी प्रभावित हो रहा है। इन हाईवे पर ट्रक जहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चला करते थे। वह ट्रक अब महज 6 से 7 किलोमीटर की रफ्तार से चल रहे हैं। ऐसे में आम व्यक्ति, एम्बुलेंस,वीआईपी हर किसी को परेशानी होती हैं।

फ्लाई ओवर से पहले ये काम करने चाहिए थे NHAI को

नियमों के अनुसार फ्लाई ओवर का काम शुरू करने से पहले दोनों तरफ वाहनों के निकलने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाना चाहिए था। सम्बन्धित अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। NHAI ने मुख्य सड़क मार्ग से वाहनों का आवागमन बन्द कर फ्लाई ओवर का काम शुरू कर दिया। इस लापरवाही के साथ हर दिन मौखमपुरा, सावरदा, पडासौली में वाहनों के जाम के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हैं।

मुख्य मार्ग पर जाम होने के कारण एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होती हैं। हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग पर एक भी NHAI की तरफ से दमकल और बड़ी क्रेन उपलब्ध नहीं कराई गई है। मुख्य मार्ग पर कोई भीषण सड़क हादसा होता भी है तो इस के लिए NHAI के पास प्रयाप्त व्यवस्था नहीं हैं। पब्लिक टोल चुका कर भी परेशान हो रही हैं। इसलिए टोल वसूली को बंद कर देना चाहिए।

टोल प्लाजा से 20 किमी की परिधि में घर है तो टैक्स देने की जरूरत नहीं

एनएच के नियमों के अनुसार, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले लोगों का 300 रुपये में और 10 किलोमीटर की परिधि में रहने वालों का महज 150 रुपये में मंथली फास्टैग बन सकता है, जिसके बाद हर बार वे टोल प्लाजा पर बिना रुके निकल सकते हैं। ऐसे में उनके फास्टैग एकाउंट से टोल टैक्स का कोई चार्ज नहीं कटेगा।

वैसे भी अगर आप टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर की परिधि में रहते हैं तो आपको नेशनल हाईवे पर चलते हुए संबंधित टोल प्लाजा पर बार-बार टोल टैक्स देने की जरूरत नहीं है। महज 300 रुपये महीने में एक बार भरकर अनलिमिटेड ट्रिप का आनंद ले सकते हैं।

ऐसे बनेगा मंथली फास्टैग
150 रुपये और 300 रुपये का मंथली फास्टैग बनवाने के लिए वाहन की आरसी और मालिक का आधार कार्ड टोल प्लाजा के काउंटर पर जमा कराना होगा। टोल मैनेजर मनीष के अनुसार, मंथली फास्टैग यानी लोकल इनेबल के लिए आरसी का एड्रेस पोर्टल पर डालकर जांचा जाता है। गूगल मैप पर यदि निर्धारित सीमा की परिधि में एड्रेस आता है तो ही मंथली पास से फ्री टोल की सुविधा मिल पाती है।

आसपा (कांशीराम) टोल मुक्त व्यवस्था लायेगी

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेशाध्यक्ष प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा का कहना है कि बिल्ट ऑपरेट एण्ड ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर बने एक्सप्रेस हाइवे पर निर्माण लागत (कंस्ट्रक्शन कॉस्ट) पूरी वसूलने के बाद भी टोल टैक्स की जा रही है, जो पूर्णतया अवैध है। क्योंकि इन टोल वसूली से सरकार अपने कोष को भरने में लगी है।

प्रोफ़ेसर मीणा ने कहा कि यही कारण है कि टोल वसूलने वाली कंपनी का अनुबंध खत्म करने के बाद भी नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) जयपुर-गुड़गांव हाईवे पर टोल वसूलना न तो खत्म किया और न ही उसकी दरों में कोई कमी की है, तो सुप्रीमकोर्ट ने टोल वसूली पर रोक लगाई। पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि हर आदमी तो कोर्ट जा नहीं सकता है इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को सुनिश्चित अवधि के बाद टोल स्वत: समाप्त होने चाहिए। यदि वर्तमान सरकारे टोल समाप्त नहीं करेंगी तो आसपा (कांशीराम) टोल मुक्त व्यवस्था लायेगी।

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