टोडाभीम मर्डर : आदिवासी युवक के एकतरफा प्यार में दलित युवती की रेप के बाद हत्या, हत्या के बाद बाइक पर लेकर गया शव और कुए में फेंका

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 16, जुलाई 2023 | जयपुर-टोडाभीम-करौली : राजस्थान के करौली में एक दलित युवती के साथ हैवानियत की हद पार करने वाली वारदात सामने आई है। दरिंदों की कारगुजारी सुनकर किसी का भी दिल कांप जायेगा। यह वारदात नादौती उपखंड की है। यहां एक दलित युवती के साथ गैंगरेप किया गया। इसके बाद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। गैंगरेप करने वाले आरोपियों ने इसके बाद दलित युवती की पहचान छिपाने के लिए चेहरे को एसिड डालकर जला दिया। इसके बाद दरिंदों ने युवती को एक कुएं में फेंक दिया।

इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। एकतरफा प्यार में दलित युवती की रेप के बाद हत्या के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस खौफनाक हत्याकांड में पुलिस का शर्मनाक रवैया भी सामने आया है। घर से किडनैप हुई बेटी को ढूंढकर लाने की फरियाद लेकर जब मां थाने पहुंची तो, इसी पुलिस ने मामला दर्ज करने से भी इनकार कर दिया था। मृतक युवती की मां ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं।

dalit woman rape 101216367 300x230 टोडाभीम मर्डर : आदिवासी युवक के एकतरफा प्यार में दलित युवती की रेप के बाद हत्या, हत्या के बाद बाइक पर लेकर गया शव और कुए में फेंका मूकनायक मीडिया रिपोर्ट में हत्याकांड का पूरा सच सामने लाने के बाद अगले दिन टीम गांव में पीड़ित परिवार के घर पहुंची, जहां ये घटना हुई। वहां घास-फूस से बने एक कच्चे मकान के चौक में केवल महिलाएं और लड़कियां बैठी थीं। तीन दिन बाद बेटी की लाश का संस्कार करने के लिए परिवार के पुरुष श्मशान घाट गये हुए थे।

गमगीन माहौल में हम अपना परिचय देकर घर के अंदर दाखिल हुए। अंदर पहुंचते ही कई महिलाएं एक साथ बोली, मृतका बच्ची की मां आपको सब कुछ बताएंगी, लेकिन हत्यारों को फांसी होनी चाहिए। हम क्या बोल पाते? बस, चुपचाप सभी महिलाओं के बीच बैठी मृतका की मां के पास पहुंच गये। वो सिसक-सिसक कर रो रही थी। पहले तो वो कुछ नहीं बोली, लेकिन फिर धीरे-धीरे उसने अपने दर्द की जो कहानी हमें बताई, वो न सिर्फ इंतेहा थी बल्कि पुलिस पर गहरे सवाल भी थे?

सबसे पहले इस ग्राउंड रिपोर्ट में पुलिस का वो डरावना सच, जो हमें मां ने बताया…

‘मेरे दो बेटियां हैं। दोनों घर में सो रही थीं, रात में बड़ी बेटी बाथरूम करने उठी थी तभी वो दरिंदा उसे उठाकर ले गया। सुबह जब वो घर में नहीं दिखी तो हमने उसे दिन भर घर के आस-पास और गांव में ढूंढा। इसके बाद हम बालघाट थाने पहुंचे और वहां मौजूद पुलिसवालों को बताया। उन्हें बेटी को ढूंढने के लिए बोला। इस पर थाने में कहा गया, तुम यहां से चुपचाप चली जाओ, तुम्हारी बेटी तो घूम घाम कर अपने आप ही वापस आ जाएगी।मृतक युवती की मां ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।

इस पर मैंने उन्हें कहा, साहब ये छोटी बात नहीं है। आप हमारी शिकायत दर्ज करो और बेटी को ढूंढने की मदद करो। इस पर पुलिस वाले ने कहा कि चुपचाप भाग जाओ, कोई केस वेस नहीं होगा। इसके बाद भी जब हम वहां से जाने को तैयार नहीं हुए और उनसे मिन्नतें करते रहे। इस पर पुलिस वालों ने मेरे जेठ के बेटे को धमकाते हुए कहा कि तू इन सब को यहां से लेके चला जा, नहीं तो अब तेरा मेडिकल कर तुझे ही अंदर कर इलाज कर देंगे।

इस पर हमने उन्हें कहा कि इसे क्यों जेल में बंद करोगे, इसने क्या कर दिया है। हम तो आपसे मदद मांगने आए हैं। इस पर पुलिस वाले झल्लाते हुए आए और हमें धक्का देते हुए कहा कि ऐसी थप्पड़ मारूंगा कि आने वाले बच्चे भी बहरे पैदा होंगे। इसके बाद थक हारकर हम वहां से वापस घर लौट आए।

अगले दिन हम दोबारा पुलिस थाने जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी पता चला कि एक लड़की की लाश कुएं में से निकाली गई है। हमें हमारी बेटी के साथ अनहोनी का शक हुआ तो हम सब वहां भागे। वहां से पुलिस पहले ही बॉडी लेकर नादौती हॉस्पिटल ले जा चुके थे। हम तुरंत ही हॉस्पिटल पहुंचे और जब शव का चेहरा देखा तो हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई। दरिंदों ने मेरी बेटी को तड़पा-तड़पा कर मार दिया।’

मूकनायक मीडिया रिपोर्ट्स से वार्तालाप में करौली एसपी ममता गुप्ता ने बताया कि पीड़ित परिवार के साथ पुलिस व्यवहार को लेकर अगर जांच में कोई लापरवाही सामने आती है तो हम उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। गांव में हमें पता चला कि यहां अधिकतर घर (150) मीणा समाज के ही हैं। वहीं, मृतका के समाज के महज 10-12 घर ही हैं। मृतका के परिजन इस गांव में कहीं और से आकर बसे थे। घर के सभी आदमी मजदूरी के सिलसिले में घर और गांव से बाहर रहते हैं। मृतका का पिता भी दुबई में मजदूरी करने गया हुआ था। घटना वाले दिन ताऊ और भाई घर से बाहर थे।

आरोपी ने अपने पुराने घर में ही किया था मर्डर

हमने कई लोगों से आरोपी गोलू मीणा के घर का पता बताने को कहा, कोई तैयार नहीं हुआ। आखिर एक लड़के ने हमें इशारा कर वो रोड बताई जो एक खेत की ओर जा रही थी। गोलू मीणा ने वहीं पर मर्डर को अंजाम दिया था। इसके बाद हम वहां से निकलकर हत्या के आरोपी गोलू मीणा के फार्म हाउस की तरफ चल दिए। पूछते-पूछते हम ठीक जगह पर पहुंच गए।

inner gif 1689499276 टोडाभीम मर्डर : आदिवासी युवक के एकतरफा प्यार में दलित युवती की रेप के बाद हत्या, हत्या के बाद बाइक पर लेकर गया शव और कुए में फेंका
साभार : दैनिक भास्कर
हत्या के आरोपी का निर्माणाधीन फार्म हाउस, इसी प्लॉट में पुराने मकान का ढांचा है, जहां युवती का मर्डर हुआ। यहां एक RCC के पक्का मकान निर्माणाधीन था। हालांकि जब हम पहुंचे तो वहां काम बंद था और कोई भी मौजूद नहीं था। इसके पास ही एक पुराना मकान और बाड़ा बना हुआ था। पुलिस खुलासे में सामने आया है कि इसी पुराने मकान में आरोपी गोलू मीणा मृतका को लेकर आया था। जहां उसने झगड़े के बाद उसकी देशी कट्टे से गोली मार कर हत्या कर दी थी। फिलहाल वहां कोई भी मौजूद नहीं था।

उस दिन रात में एक बोलेरो यहां आई थी

हमने पड़ोस के खेतों में रह रहे लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से मना कर दिया। ऑफ कैमरा उन्होंने हमने बताया कि आरोपी गोलू मीणा का पिता नेहनाराम मीणा बहुत बदमाश प्रवृत्ति का है। उसकी गांव में बहुत कम लोगों से बनती थी, इसलिए वह अपने दूसरे मकान में रहने लगा था। हम सबकी भी उससे बोलचाल बंद थी। उसके मकान में क्या होता था, हम ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। पड़ोसियों ने हमें बताया कि उन्होंने यहां गोली चलने की कोई आवाज उस दिन नहीं सुनी थी। हालांकि तड़के एक बोलेरो जरूर यहां आई थी, जो थोड़ी देर बाद चली गई थी। बोलेरो शायद आरोपी गोलू मीणा के जीजा की थी।

आरोपी का पिता देशी कट्टे बनाने में माहिर, अब बेटे ने देशी कट्टे से ही किया मर्डर

पड़ताल में हमें पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी नेहनाराम मीणा अवैध हथियार बनाने का काम भी करता था। उसकी खुद की गैंग है। वो यहीं फार्म हाउस पर देशी कट्टे भी बनाता था। अब उसके बेटे ने घर में रखे ऐसे ही किसी देशी कट्टे से इस लड़की को मार दिया है।

इन दावों को लेकर हमने बालघाट SHO अभिजीत कुमार से टेलीफोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि यह सही है कि नेहनाराम मीणा अवैध हथियार बनाने के लिए कुख्यात है। कई बार मुखबिर की सुचना पर हमने उसके घर पर दबिश भी मारी थी, लेकिन कभी पुलिस के कुछ हाथ नहीं लग पाया। इस पर जानलेवा हमले सहित कुछ अन्य धाराओं में पुलिस मामले पहले से ही दर्ज हैं।कुएं से शव निकालते हुए ग्रामीण।

आरोपी के जीजा का सरपंच पिता विधायक का ख़ास, मदद की बात भी आई सामने

पड़ताल में हमें पता चला कि आरोपी गोलू मीणा का जीजा पड़ोस के ही एक गांव का सरपंच है। वह करौली की टोडाभीम सीट से कांग्रेसी विधायक पीआर मीणा का खास बताया जा रहा है। दावा है कि उसी जीजा ने आरोपी गोलू मीणा को गांव से भागने और जयपुर पहुंचाने में मदद की थी। हमने लोकल बालघाट SHO अभिजीत से बात की तो उन्होंने कहा कि हां आरोपी गोलू मीणा को जयपुर तक छोड़कर आने में उसके जीजा का नाम सामने आ रहा है। फिलहाल सीओ अमरसिंह इस मामले की इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं।

एकतरफा प्यार में हुई थी बेटी की हत्या

दरअसल, इस मामले में शनिवार को मूकनायक मीडिया टीम ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान पड़ताल में खुलासा कर दिया था कि एकतरफा प्यार में एक सनकी युवक ने उनकी बेटी की गोली मारकर हत्या की थी और शव कुएं में फेंक दिया था। हत्यारा युवती से एकतरफा प्यार करता था। वह युवती को पांच साल से जानता था। 4 महीने पहले युवती की उसके परिजनों ने दूसरी जगह सगाई कर दी गई थी। आरोपी को जब ये पता चला तो वह बर्दाश्त नहीं कर पाया।

आरोपी को यह भी शक था कि लड़की का गांव के किसी दूसरे लड़के से अफेयर है। वह लगातार युवती पर सगाई तोड़ने और उसके साथ भागकर शादी करने का दबाव बना रहा था। युवती ने इनकार कर दिया तो आरोपी ने पहले उसके साथ रेप किया और फिर गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी गोलू उर्फ प्रभाकर मीणा (20) पीड़िता के गांव का ही रहने वाला है। पुलिस गिरफ्त में आरोपी बेटा और उसका पिता।

युवती अपनी मां, भाई और 3 बहनों के साथ गांव में रह रही थी। युवती और उसकी छोटी बहन की सगाई दो अप्रैल को ही हुई थी। वह कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। हालांकि उसकी शादी की तारीख फिक्स नहीं हुई थी, लेकिन घरवाले जल्दी ही शादी का प्लान बना रहे थे।

फोन करके मिलने के लिए बुलाया

गोलू ने 11 जुलाई की रात युवती को फोन किया और मिलने के लिए बुलाया। गोलू युवती से मिलने के दौरान ही देसी कट्‌टा साथ लेकर गया। उसने युवती पर फिर से सगाई तोड़ने और उसके साथ भागने का दबाव बनाया।युवती ने इनकार कर दिया तो उसने धमकाते हुए देसी कट्टा बाहर निकाला और बोला कि अगर मेरी बात नहीं माननी..तो मुझे मार दे या तुझे मरना होगा। दोनों में झगड़ा शुरू हो गया। गोलू ने पहले उसके साथ रेप किया और फिर उसकी हत्या कर दी।

collage 1689499499 टोडाभीम मर्डर : आदिवासी युवक के एकतरफा प्यार में दलित युवती की रेप के बाद हत्या, हत्या के बाद बाइक पर लेकर गया शव और कुए में फेंका
हत्या के आरोपी गोलू मीणा उर्फ प्रभाकर मीणा और उसका पिता नेहनाराम मीणा

हत्या के बाद बाइक पर लेकर गया शव

हत्या के बाद गोलू घबरा गया। उसने अपने पिता नेहनाराम मीणा को पूरी घटना के बारे में बताया। दोनों बाप-बेटे ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। दोनों ने मिलकर शव को कुएं में फेंक दिया।

पुलिस ने गोलू को गिरफ्तार कर उसके पिता नेहनाराम मीणा को हिरासत में ले लिया है। हत्या में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा भी बरामद कर लिया गया है। पड़ताल में सामने आया है कि गोलू मर्डर के बाद पिता की सलाह और मदद से अपनी बाइक पर उसका शव लेकर कुएं तक गया था।

धरने से मृतका की मां-बहन क्यों हुई गायब ? जेठ ने क्यों लगाए किडनैपिंग के आरोप?

दलित युवती का शव कुएं से मिलने के बाद इस मामले में 13 जुलाई को दोपहर में आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार को 50 लाख आर्थिक मदद, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग लेकर मां और अन्य परिजन हिंडौन हॉस्पिटल में धरने पर बैठ गए थे।

इस धरने में राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा के साथ धरने पर बैठ गए थे। वहीं, मृतका युवती के ताऊ ने अपनी भतीजी के किडनैप, मर्डर और रेप का मामला दर्ज करवा दिया था। मृतका के ताऊ ने भी पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

14 जुलाई को अचानक मृतका की मां और उसकी छोटी बेटी धरना स्थल से गायब हो गईं। बताया गया कि वो थोड़ी देर में आ जाएंगी, लेकिन वह वापस धरने पर नहीं लौटीं। घर पर भी ताले लगे हुए थे। अगले दिन जब 15 जुलाई को भी मां नहीं मिली तो उसके जेठ ने कई तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिए। उसने बाकायदा पुलिस व प्रशासन को शिकायत देते हुई कहा कि उसके भाई की बहू और छोटी भतीजी का अपहरण कर लिया गया है। वहीं, BJP के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह के सामने भी ये आरोप लगाए थे।

इन्हीं आरोपों को लेकर जब हमने मृतका की मां से बात की तो उन्होंने बताया कि उनका किसी ने किडनैप नहीं किया था। वो तो दुबई से आ रहे अपने पति को लेने के लिए जयपुर गई हुई थी। उनके फोन की बैटरी खत्म हो गई थी, इसलिए वो किसी को कुछ बता नहीं पाई। हालांकि हमारे ज्यादा पूछने पर उन्होंने बताया कि धरने पर बैठने के दौरान अलग-अलग पक्षों द्वारा बनाए जा रहे दबाव के बाद उन्हें कुछ लोगों के साथ दौसा की एक होटल में भेज दिया गया था। मामले में हमारी मांगे मानने और खुलासा हो जाने के बाद वो अपने पति के साथ वापस लौट आई थीं।

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