प्रेमी-प्रेमिका को बंधक बनाकर सरिया गर्म कर दोनों की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और फिर जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकाला, ऐसे मामलों में रासुका लगे

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 16, जुलाई 2023 | जयपुर-भोपाल-जोधपुर : टॉर्चर इतना खौफनाक था कि घटना के 2-3 साल बीतने के बावजूद जिंदगी सामान्य नहीं हो पाई है। आज भी ये पीड़ित डरे हुए हैं। घर से बाहर निकलते हुए भी रूह कांप जाती है। डर दोबारा हमले का और शर्मिंदगी का है।

घटना का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि किसी भी मामले में आरोपी को सजा नहीं हुई है। कुछ जेल में हैं तो कुछ जमानत पर आजाद घूम रहे हैं और पीड़ित घर में रहकर भी जैसे कोई सजा भुगत रहे हैं। डर और शर्मींदगी के कारण न कहीं आ-जा सकते हैं और न ही खुलकर जीवन जी सकते हैं।

आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष और एससी-एसटी मामलों के विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा का कहना है कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में हुए पेशाब पिलाने, जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकालने जैसे घिनोने और संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए दलित-आदिवासी अत्याचार रोकने के लिए एससी-एसटी एक्ट काफी नहीं है। आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाकर जेल भेजने के प्रावधान होने चाहिए।

साथ ही उन्होंने कहा कि आरोपियों के घरों पर बुल्डोज करने के स्थान पर उनकी संपत्ति जब्त कर पीड़ितों के नाम कर देनी चाहिए। इन राज्यों में जब भी पार्टी सत्ता में आयेगी सबसे पहले दलित आदिवासियों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए ऐसे कारगर कानून लायेगी।

MP में आदिवासी युवक पर पेशाब करने का मामला देशभर में सुर्खियों में है। वहां के मुख्यमंत्री ने पीड़ित को CM निवास बुलाकर पैर धोए, पर उसके नहीं जिस पर पेशाब किया गया था। मुख्यमंत्री फोटो खिंचवाने के लिए इतने उतावले थे कि किसी अन्य व्यक्ति को बुलाकर पैर धोनेका स्वांग किया,  घटना पर शर्मिंदगी जताते हुए माफी मांगी चाहिए। यह जरुर है कि उन्होंने आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की हिम्मत जुटाई और  जेल भिजवाया। लेकिन यह इकलौता केस नहीं है, राजस्थान में तो इससे भी घिनौने कांड हो चुके हैं…

  • प्रेम प्रसंग में युवक को पेड़ से बांधकर पीटा, पेशाब पिलाया, जूतों में पानी डालकर पिलाया।
  • एक केस में गर्म सरिये से प्रेमी-प्रेमिका की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकाला गया।
  • एक आरटीआई कार्यकर्ता ने सच सामने लाने की कोशिश की तो उसे पेशाब पिलाया, पैरों में कील ठोक दी गई।
  • एक युवक को महिलाओं के कपड़े पहनाकर जबरन नचवाया और पूरे देश में इसका वीडियो वायरल कर दिया।
  • प्रेमिका से मिलने घर गए युवक को पेशाब पिलाया, बाल काट दिए।

एमपी में हुए पेशाब कांड में सरकार ने आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया है, जिसमें एक साल तक आरोपी को जमानत नहीं मिल सकती। भास्कर ने पांचों मामलों से जुड़े केस की स्टडी की और जानने की कोशिश की कि आरोपियों को अभी तक सजा क्यों नहीं हुई? साथ ही एक्सपट्‌र्स से जाना कि राजस्थान में ऐसी घटनाओं में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए NSA क्यों नहीं लगाया जाता?time 1 300x224 प्रेमी प्रेमिका को बंधक बनाकर सरिया गर्म कर दोनों की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और फिर जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकाला, ऐसे मामलों में रासुका लगे

केस-1 : राजस्थान का पेशाब कांड जिसे पूरे देश ने देखा, आज भी पीड़ित खौफ में

कब – 11 जून, 2020, दोपहर 3 बजे

गांव – सुपरणा (सरदारपुरा)

थाना – सुमेरपुर (पाली)

डरे हुए पीड़ित और परिजन : इस घटना को लेकर जब हमने पीड़ित और उनके परिजनों से संपर्क किया तो पता चला कि वे आज तक उस घटना से डरे हुए हैं। जैसे ही उनसे इस मामले की जानकारी लेनी चाही, तो उन्होंने कहा कि अब वे इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। पहले ही बहुत बदनामी हो चुकी है। पीड़ित को बोतल में भरकर पेशाब पिलाने और फिर जूती में पानी डालकर पिलाने की शर्मनाक घटना की तस्वीर (वीडियो ग्रैब)

हालांकि बातचीत में गांव के कुछ लोगों ने बताया कि प्रेम प्रसंग के आरोप के चलते दबंगों ने उस लड़के का अपहरण कर लिया। पेड़ से बांधकर पीटा और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।

जब तक अधमरा नहीं हो गया तब तक पीटते रहे। थोड़ा-सा होश में आया तब जबरन पेशाब पिलाया गया। फिर जूती में पानी डालकर पिलाया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित के भाई और चाचा को भी पीटा गया। इस घटना के बाद पीड़ित इतने डरे हुए थे कि कई दिन तक मुकदमा दर्ज करने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाए।

फिर जब वीडियो वायरल हुआ, तब जाकर 15 जून को 9 लोगों को खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। ताज्जुब की बात तो ये है कि वीडियो वायरल होने के बावजूद पुलिस ने अपनी तरफ से कोई स्टेप नहीं लिया। इस घटना का वीडियो देशभर में वायरल हुआ। आज भी पीड़ित सहमे हुए हैं। %name प्रेमी प्रेमिका को बंधक बनाकर सरिया गर्म कर दोनों की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और फिर जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकाला, ऐसे मामलों में रासुका लगे

अब तक क्या कार्रवाई हुई : पुलिस के अनुसार 10 आरोपियों के खिलाफ 143 (समूह बनाकर अपराध करना), 365 (अपहरण), 384 (जबरन वसूली), 342 (मर्जी के बिना किसी काम के लिए मजबूर करना) व 323 (मारपीट) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिया था। सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। अभी मामला कोर्ट में चल रहा है।

केस-2 : प्रेमी-प्रेमिका की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और जूतों की माला पहनाकर निकाला जुलूस

कब – 22 अगस्त, 2022, शाम 7 बजे बाद

गांव – माधोराजपुरा, जयपुर ग्रामीण

थाना – माधोराजपुरा

घटना क्या : प्रेमी-प्रेमिका को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, सरिया गर्म कर दोनों की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और फिर जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकाला। इसका वीडियो बनाकर वायरल किया गया।

पीड़ित की जुबानी सुनिए वो घटना…

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सोशल मीडिया पर सांकेतिक इमेज : नग्न महिला की डेडबॉडी

एक साल पहले 22 अगस्त का दिन कैसे भूल सकता हूं। मुझ पर शादीशुदा महिला से अवैध संबंध के आरोप लगाकर बेरहमी की गई। वो खौफ और पीड़ा सही कि उसे शब्दों में जाहिर नहीं कर सकता। मैं कितना भी भुलाना चाहूं, लेकिन बार-बार आंखों के सामने वो दृश्य आ ही जाता है। मध्य प्रदेश में जो घटना हुई उसे मैंने भी सुना। सच कहूं तो मैं वो वीडियो देख ही नहीं पाया। मुझे फिर से मेरे साथ हुई जिल्लत की घटना याद आने लगी, जब मुझे घेरकर पीटा जा रहा था।

मुझे दबंगों ने जबरन पेशाब पिलाया। मैं सोच रहा था न जाने अब ये मेरे साथ क्या करने वाले हैं। मैं जिंदा बचूंगा भी या नहीं। मैं उस रात जिंदा तो बच गया, लेकिन कई रात सो नहीं पाया। जब भी आंख लगती तो वो सुर्ख सलाख याद आ जाती, जो मेरी नाक पर लगाई गई थी। मैं बहुत डर गया था।

घटना के बाद कई बार ऐसा लगा कि फंदा लगा लूं। ईश्वर किसी दुश्मन को भी ऐसे मंजर नहीं दिखाए। मुझे जूते पहनाकर जुलूस निकाला गया था…लगा कि मैं जीते जी मर चुका हूं। आते-जाते लोगों की निगाहें मुझे ऐसे देखती हैं, लगता है इन लोगों से कहीं छुप जाऊं, शायद इन्होंने मेरी वो शर्मनाक स्थितियां देखी होंगी।

पीड़ित ने बताया कि मुझे अब कोई धमकियां तो नहीं देता, लेकिन इस बात का दुख है कि जिन 16 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा, वे आज भी खुलेआम बेखौफ होकर घूम रहे हैं। कोई भी धारा ऐसी नहीं लगाई गई जिससे उन आरोपियों को इस अपराध की बड़ी सजा मिल सके।

क्या कार्रवाई हुई : वीडियो वायरल होने के बाद 18 नवम्बर, 2022 को प्रहलाद, सोपाल, गोपाल, सत्यनारायण, गजनाथ, रशली पर मामला दर्ज किया गया। इन पर धारा 323 (मारपीट), 341 (गलत तरीके से रोकना), 342 (मर्जी के बिना किसी काम के लिए मजबूर करना), 365 (अपहरण), 355 (अपमान के इरादे से हमला), 326ए (शरीर पर एसिड फेंकना या उसके शरीर पर गंभीर चोट पहुंचाना), 504 (भीड़ को उकसाकर किसी का अपमान करना) व 120बी (साजिश रचना) लगाई गई। img 6815 190x300 प्रेमी प्रेमिका को बंधक बनाकर सरिया गर्म कर दोनों की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और फिर जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकाला, ऐसे मामलों में रासुका लगे

अब तक क्या कार्रवाई हुई? पुलिस के अनुसार 16 गिरफ्तार किए थे। जांच पूरी हो गई, चालान पेश नहीं हुआ, फाइल हाईकोर्ट में है।

केस-3 : RTI लगाई तो पेशाब पिलाया, पैरों में कील ठोकी

कब – 21 दिसंबर 2021, दोपहर

गांव – जसोड़ो की बेरी, गिड़ा

थाना – गिड़ा (बाड़मेर)

घटना क्या? एक आरटीआई कार्यकर्ता का जुर्म बस इतना था कि उसने जनहित में पंचायत विकास कार्य में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर RTI लगाई थी। उनकी RTI के बाद जांच शुरू हो गई थी। कई अफसरों पर गाज गिरती, इस बात से घबराए अपराधियों ने पीड़ित का अपहरण किया, उसे पेशाब पिलाया, पैरों में कील ठोक दी और उसमें सरिया घुसेड़ कर घुमाया।

पीड़ित ने बताई वो खौफनाक घटना

मुझे सच सामने लाने की जिद की ऐसी सजा मिलेगी कभी सोचा नहीं था। आप सोच सकते हैं कि आपके पैरों में हथौड़ों से मार-मारकर कीलें ठोकी जाएं, वो दर्द कैसा होगा? यदि कोई रॉड पैरों में घुसेड़ दे और उसे घुमाए, तो कितना भी चीख लो, वो दर्द मौत से भी बदतर है। मैं तो बस जिंदा बच गया ये ही बहुत बड़ी बात है, वरना दबंगों ने तो कोई कसर नहीं छोड़ी थी। अब मैं शरीर से लाचार हो चुका हूं। घाव भर चुके हैं, लेकिन दर्द इनमें अभी बाकी है।

मेहनत करने या वजन उठाने के लायक ही नहीं रहा। पूरे परिवार में अकेला कमाने वाला हूं। पुलिस कुछ आरोपियों को गिरफ्तार तक नहीं कर पा रही। सरकार ने संविदा पर नौकरी का आश्वासन दिया था, वह भी अब तक पूरा नहीं किया। विकलांगता का सर्टिफिकेट तक नहीं बना रहे। मुझे प्रशासन का भी साथ नहीं मिल रहा।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि जिसने मेरे साथ हुई घटना की सूचना पुलिस को दी उसके बयान तक नहीं लिए गए। मेरे खून से सनी गाड़ी, जिसमें मेरा अपहरण हुआ, उस आरोपी हनुमानराम सारण ने अपने घर पर साफ किया, उससे पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। हाल ही 5 जुलाई को हाईकोर्ट में सीबीआई जांच के लिए याचिका लगाई हुई है।

अब तक क्या कार्रवाई हुई : पुलिस ने तत्कालीन सरपंच नग्गाराम, भूपेंद्र सिंह, रमेश कुमार जाट, खरताराम जाट व आदेश जाट को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ 307 (हत्या का प्रयास), 365 (अपहरण), 341 (गलत तरीके से रोकना), 323 (मारपीट) एवं 392 (लूट) की धारा में मुकदमे दर्ज हुए। पुलिस के अनुसार कुल 5 को गिरफ्तार किया था, उनमें से 4 के खिलाफ चालान पेश हो गया है। अभी एक साजिशकर्ता के खिलाफ जांच बाकी है।

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करौली मे रंगदारी नहीं देने की बदमाशों ने युवक को यह सजा दी।

कब – 28 मार्च की रात

गांव – नादौती

थाना – नादौती, करौली

पीड़ित की जुबानी सुनिए वो खौफनाक रात की कहानी

पिछली 28 मार्च की रात मुझ पर कहर बनकर टूटी थी। कोड़िया गैंग के बदमाशों ने मुझे किडनैप कर लिया। मुझसे एक लाख रुपए रंगदारी मांगी। नहीं देने पर इतना बेइज्जत किया कि बताने में भी शर्म आती है। मुझे महिला के कपड़े पहनाकर डांस करवाया और वीडियो वायरल कर दिया। इसके बाद तो मेरा घर से निकलना मुश्किल हो गया। कुछ दिन में ही वीडियो देशभर में वायरल हो गया।

कई बार मन में आता कि अब मैं जीने के लायक नहीं, मर जाऊं तो अच्छा रहेगा। लेकिन घरवालों ने रोक लिया। हिम्मत जुटाकर तीन महीने बाद FIR करवाई तो मारने तक की धमकी देने लगे। पीड़ित ने बताया कि मैं तो सामने आ गया, हिम्मत जुटाकर पुलिस थाने तक पहुंचा। लेकिन कोड़िया जैसी गैंग के बदमाशों के शिकार कई और भी हैं, जिनके साथ मेरे जैसा दुराचार किया। आरोपियों के पास सौ-दो सौ लोगों के वीडियो हैं। जो पैसे नहीं देता उसके वीडियो वायरल कर देते हैं।

क्या कार्रवाई हुई?: अपहरण व मारपीट करने वालों में भूर सिंह उर्फ भूरू कोड़िया, राजकुमार कोड़िया, शुभम मीना, अजय मीना, अजीत मीना, कौस्तुभ उर्फ दिलखुश सहित 3 अन्य आरोपी शामिल हैं। इन आरोपियों के खिलाफ 143 (समूह बनाकर अपराध करना), 323 (मारपीट), 341 (गलत तरीके से रोकना), 365 (अपहरण) एवं 382 (मौत का डर दिखाकर चोरी) की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस के अनुसार सभी 6 आरोपी गिरफ्तार हो गए। चालान पेश कर दिया। कुछ आरोपी जेल में हैं और कुछ को जमानत मिल गई है।

केस 5 : प्रेमिका के घर से पकड़ा, पेशाब पिलाकर गंजा किया, डर से नहीं करवाई FIR 4826 300x225 प्रेमी प्रेमिका को बंधक बनाकर सरिया गर्म कर दोनों की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और फिर जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकाला, ऐसे मामलों में रासुका लगे

कब – 25 जुलाई, 2020, गांव – रतनपुरा कोनरा, बाड़मेर, थाना – चौहटन (बाड़मेर)

रतनपुरा गांव में अपनी प्रेमिका के घर घुसे युवक को लोगों ने पकड़ लिया। पेड़ से बांधा, जमकर पीटा, गंजा किया और पेशाब पिलाया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया, लेकिन तीन दिन बाद वीडियो वायरल हो गया।

फिर, 28 जुलाई, 2020 को गश्त के दौरान पुलिस को इस वायरल वीडियो की जानकारी मिली थी। पुलिस ने अपने स्तर पर 31 जुलाई, 2020 को एफआईआर दर्ज कर ली। इस तरह पेड़ से बांधकर पीटा गया, फिर गंजा कर यूरिन पिलाया गया।

पुलिस ने क्या एक्शन लिया? : इस मामले में पुलिस ने वीडियो के आधार पर छह लोगों के खिलाफ बेहद सामान्य सी दो धाराओं 323 (मारपीट), 342 (मर्जी के बिना किसी काम के लिए मजबूर करना) में मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश हो गया। फिलहाल सभी 6 आरोपी जमानत पर बाहर हैं।

एमपी ने ऐसे मामले में NSA लगाया, क्या ये कानूनी रूप से सही है? 

हाईकोर्ट के सीनियर वकील दीपक चौहान के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दलित समाज के व्यक्ति पर पेशाब करने वाले आरोपी के खिलाफ NSA लगाना, एक तरह से सही निर्णय मानता हूं। ऐसी घटनाएं जब वायरल हो जाती हैं, तो पूरे समाज व जनता में रोष फैल सकता है। इससे राज्य की भीतरी सुरक्षा पर खतरा हो सकता है। लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था बनाए रखने में परेशानी खड़ी हो सकती है।

%name प्रेमी प्रेमिका को बंधक बनाकर सरिया गर्म कर दोनों की नाक जलाई, पेशाब पिलाया और फिर जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकाला, ऐसे मामलों में रासुका लगेएनएसए लगाया जाए या नहीं यह पुलिस-प्रशासन के विवेक पर निर्भर करता है। राजस्थान में ऐसे कई मामले आए हैं, अगर उनमें आरोपियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई होती तो पब्लिक में अलग ही मैसेज जाता। समाजशास्त्री रुचिका शर्मा कहती हैं कि दलितों पर अत्याचार होना कोई नई बात नहीं है। ऐसी घटनाएं समाज को बांटने का काम करती हैं। सरकार से अपेक्षा की जाती है कि कानून में जरूरी संशोधन कर और सख्त बनाया जाए। समाज से अपेक्षा है कि वो अत्याचार करने वाले व्यक्ति का बहिष्कार करे।

कानून भी ऐसी घटना की शिकायत आने या नहीं आने, दोनों ही कंडीशन में जानकारी मिलने पर ही तत्परता से कार्रवाई करे। लेकिन, कई बार देखा गया है कि पुलिस जब तक मामला दर्ज नहीं हो अपने विवेक पर कार्रवाई नहीं करती। राजस्थान में ऐसे मामलों में NSA लगाया जाना चाहिए सकता है।

क्या है इंदिरा गांधी के समय बना NSA, जो MP में आरोपी के खिलाफ लगाया गया

ये कानून राष्ट्रीय सुरक्षा में बाधा डालने वालों पर नकेल डालने के लिए है। अर्थात राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित एक कानून है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून NSA 23 सितंबर, 1980 को इंदिरा गांधी की सरकार के कार्यकाल में अस्तित्व में आया था।

रासुका के तहत किसी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक जेल में रखा जा सकता है। इसमें केवल राज्य सरकार को यह सूचित करने की आवश्यकता है कि NSA के तहत व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। NSA में सालभर जमानत नहीं मिलती। मध्य प्रदेश की वो घटना जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।

हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उनके खिलाफ आरोप तय किए बिना 10 दिनों के लिए रखा जा सकता है। हिरासत में लिया गया व्यक्ति हाईकोर्ट के सलाहकार बोर्ड के समक्ष अपील कर सकता है, लेकिन उसे मुकदमे के दौरान वकील की अनुमति नहीं है।

NSA में गिरफ्तारी के क्या हैं प्रावधान

  • अगर सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति उसे देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कार्यों को करने से रोक रहा है, तो वह उसे एनएसए के तहत गिरफ्तार कर सकती है।
  • यदि सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में उसके सामने बाधा या अड़चनें खड़ी कर रहा है, तो वह उसे हिरासत में लेने का आदेश दे सकती है।
  • इस कानून का इस्तेमाल जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य सरकार अपने सीमित दायरे में भी कर सकती हैं।
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