राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट ने बुधवार रात फंदा लगाकर किया सुसाइड, दोषियों को बचाता रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन, जोनवाल के मामले में अभियोजन स्वीकृति रोकी

7 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 27, जुलाई 2023 | जयपुर-अजमेर-लद्दाख : राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी (Central University of Rajasthan) की एक स्टूडेंट ने बुधवार रात फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। इस यूनिवर्सिटी में सुसाइड का ये 6 महीने में दूसरा मामला है। इधर, इस घटना के बाद स्टूडेंट्स ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक स्टूडेंट के सुसाइड के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।

मामला अजमेर के बांदर सिंदरी थाना क्षेत्र स्थित यूनिवर्सिटी में बुधवार रात 10:45 बजे का है। लद्दाख की रहने वाली फ़ुन्स्टॉग डोल्मा (28) सोशलवर्क डिपार्टमेन्ट की पीएचडी स्टूडेंट थी। घटना की जानकारी के बाद यूनिवर्सिटी की एम्बुलेंस के जरिए उसे किशनगढ़ यज्ञनारायण अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कैंपस में बने हॉस्टल में ही रहती थी

पुलिस के अनुसार मृतक छात्रा कैंपस के हॉस्टल बी-1 में रहती थी। बताया जा रहा है कि आठ बजे फुन्स्टाॅग डोलमा ने खाना खाया था। इसके बाद वह अपने हॉस्टल के रूम में चली गई। अन्य गर्ल्स स्टूडेंट ने खिड़की से देखा तो पंखे पर लटकी हुई देखी। इस पर वार्डन को सूचना दी गई।

फिर डोल्मा के रूम का दरवाजा तोड़ा गया और उसे नीचे उतारा गया। यहां से उसे सीयूराज (CURAJ) की डिस्पेंसरी लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद किशनगढ़ के सरकारी हॉस्पिटल ले गए। हैरानी की बात ये भी है कि इसके बाद भी यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की ओर से पुलिस को सूचना नहीं दी गई। जब मृतका को हॉस्पिटल ले जाया गया तो वहां से पुलिस को सूचना मिली। इधर, जब सुसाइड की जानकारी दूसरे स्टूडेंट को मिली तो वे रात में ही धरने पर बैठ गए और 7 दिन में घटना की निष्पक्ष जां करने की मांग करने लगे।

ebab061f bb0b 4202 8d8e 6ef236354a55 1690421954 राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट ने बुधवार रात फंदा लगाकर किया सुसाइड, दोषियों को बचाता रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन, जोनवाल के मामले में अभियोजन स्वीकृति रोकी
यूनिवर्सिटी में विरोध करते स्टूंडेंट्स।

पुलिस जांच में जुटी-थाना प्रभारी

बांदरसिन्दरी थाना प्रभारी वीरेन्द्रसिंह शेखावत ने बताया कि हॉस्पिटल की ओर से सूचना मिली है। पुलिस रात को अस्पताल पहुंची। बॉडी मॉचर्यूरी में रखवा दी है। सुसाइड को लेकर कोई सूचना प्रशासन ने नहीं दी। न ही अब तक किसी की ओर से कोई रिपोर्ट मिली है। इधर, इस सुसाइड के बाद अब भी स्टूडेंट्स का धरना जारी है। वे यूनिवर्सिटी के बाहर बैठ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

7f23ba23 9f60 4fbe 8449 cf949de7ee82 1690421929 राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट ने बुधवार रात फंदा लगाकर किया सुसाइड, दोषियों को बचाता रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन, जोनवाल के मामले में अभियोजन स्वीकृति रोकी
बरसात के बीच यूनिवर्सिटी में खडे़ स्टूडेन्ट्स।

स्टूडेंट्स ने यह भी रखी मांग

  • जांच की जाए कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स क्यों अनुपस्थित थी और आपात स्थिति को संभालने के लिए कोई भी क्यों वहां मौजूद नहीं था। पीड़िता को अस्पताल ले जाने के लिए यूनिवर्सिटी का कोई कर्मचारी वहां क्यों नहीं था?
  • इस संबंध में हम अलग ड्राइवर के साथ कम से कम 2 एम्बुलेंस सेवा चाहते हैं। यह पता लगाया जाएगा कि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर क्यों नहीं था और एम्बुलेंस B1 (घटना स्थल) पर क्यों नहीं आई थी।
  • छात्रों को आत्महत्या की पिछली घटना में हुई प्रगति के बारे में अपडेट रहना चाहिए। मामले की जांच के लिए कौन सी कमेटी बनाई गई है और रिपोर्ट व प्रगति को छात्रों के बीच सार्वजनिक किया जाए।
  • छात्र समुदाय आधिकारिक बयान पाने के लिए पूरी रात बारिश में इंतजार करता रहा लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के लोगों ने सुबह तक प्रतिक्रिया दी। लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।
  • छात्रों को सार्वजनिक रूप से धमकाने और इतने सारे छात्रों को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए सिक्योरिटी ऑफिसर राजपाल सिंह रेवाड़ पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
  • यह सार्वजनिक करना होगा कि पुलिस किसकी इजाजत से कैंपस में दाखिल हुई है। जिस आधार पर पुलिस को बुलाया गया था उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए और सख्त कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली 17 साल की छात्रा ने हॉस्टल में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। स्टूडेंट ने एक महीने पहले 1 जनवरी को हॉस्टल में एडमिशन लिया था। 15 जनवरी को वह हॉस्टल में रहने आई थी। घटना अजमेर के किशनगढ़ में शुक्रवार रात 8 बजे की है। घरवालों का कहना है कि नासमझी में ऐसा कदम उठा लिया होगा।

टोंक के लांबा हरिसिंह निवासी सोनाली ने अक्टूबर में बीएससी माइक्रोबायोलॉजी में एडमिशन लिया था। वह गर्ल्स हॉस्टल के ब्लॉक 4 में रहने के लिए आई थी। शुक्रवार शाम को हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं खाना खाने बाहर निकल गई थी। इसी बीच सोनाली ने खुद को कमरे में बंद कर लिया।

रात 9 बजे छात्राएं जब हॉस्टल के कमरे के बाहर पहुंची तो दरवाजा बंद मिला। छात्राओं ने दरवाजा बजाकर सोनाली को आवाज लगाई, लेकिन आवाज नहीं आई तो शक हुआ। इस पर साथी स्टूडेंट्स ने पास वाले रूम की बालकनी से होते हुए सोनाली के रूम की खिड़की से देखा तो वह फंदे पर झूलती मिली। यह देख मौके पर छात्राएं घबरा गई और उन्होंने हॉस्टल के वार्डन, सिक्योरिटी गार्ड को घटना की सूचना दी। जैसे-तैसे सिक्योरिटी गार्ड और वार्डन खिड़की तोड़कर अंदर पहुंचे। स्टूडेंट्स ने बताया कि सोनाली ने चुन्नी का फंदा बनाकर गले में डाल दिया था।

%name राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट ने बुधवार रात फंदा लगाकर किया सुसाइड, दोषियों को बचाता रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन, जोनवाल के मामले में अभियोजन स्वीकृति रोकी
हादसे के बाद हॉस्टल के बाहर स्टूडेंट्स की भीड़ एकत्र हो गई।

संक्रांति के दूसरे दिन ही गांव से लौटी
चचेरे भाई उमेश साहू ने बताया कि हॉस्टल में एडमिशन के बाद छुटि्टयों में गांव आई हुई थी। संक्रांति के दूसरे दिन 15 जनवरी को ही गांव से लौटी थी। चचेरे भाई ने बताया कि सोनाली बहुत होशियार थी। उसके एक छोटा भाई केशव और छोटी बहन ज्योति है। सोनाली ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह तो पता नहीं चल पाया। पुलिस जांच कर रही है।

screenshot 6031 1674883232 राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट ने बुधवार रात फंदा लगाकर किया सुसाइड, दोषियों को बचाता रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन, जोनवाल के मामले में अभियोजन स्वीकृति रोकी
पुलिस ने एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने कमरे में जांच कर सबूत जुटाए।

घरवालों का नहीं कोई आरोप
बांदरसिंदरी थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया। कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है। घरवालों ने भी कोई आरोप-प्रत्यारोप फिलहाल नहीं लगाए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

%name राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट ने बुधवार रात फंदा लगाकर किया सुसाइड, दोषियों को बचाता रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन, जोनवाल के मामले में अभियोजन स्वीकृति रोकी
सोनाली ने पंखे पर चुन्नी का फंदा बनाकर सुसाइड किया। अभी तक सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
दोषियों को बचाता रहा है विश्वविद्यालय प्रशासन

सेंट्रल यूनिवर्सिटी राजस्थान (सीयूआर)में पीएचडी कर रहे दलित छात्र के उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार प्रोफेसर जगदीश उल्हास जाधव डॉ. अतीक अहमद को पुलिस ने शनिवार को अदालत के आदेश से जेल भेज दिया। दोनों प्रोफेसर एससी एसटी एक्ट में गिरफ्तार थे। अदालत ने आरोपियों को 15 दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में रखने के आदेश जारी किए।

उल्लेखनीय है कि मुरलीपुरा करौली निवासी उमेश किशोर जोनवाल पुत्र हरिविलास सीयूआर में पीएचडी का विद्यार्थी है। छात्र ने कोर्ट में इस्तगासा पेश कर कुलपति अन्य प्रोफेसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

जोनवाल के मामले में अभियोजन स्वीकृति रोकी
इनके खिलाफ हुआ मामला दर्ज
किशोर जोनवाल ने अदालत में परिवाद पेश कर अदालत को बताया कि वह बांदरसिंदरी स्थित राजस्थान केन्द्रीय विवि में पीएचडी का शोधार्थी छात्र है। उसने विवि के कुलपति अरूण कुमार पुजारी समेत प्रोफेसर जगदीश उल्हास जाधव, अतीक अहमद, आर.टी. पारदाशनी, ए.पी. सिंह, एस. कंडा स्वामी, नागार्जुन अम्बेडकर सोले, ए.के. गुप्ता पर एक साल से मानसिक, शारीरिक, आर्थिक, जातिगत और धार्मिक रूप से प्रताडि़त करने का आरोप लगाया। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को आदेश देते हुए इन प्रोफेसर्स के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कहा।

कुछ यूं है मामला

जोनवाल का 15 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी से लगातार 15 दिनों तक गैर-हाजिर रहने पर प्रवेश निरस्त कर दिया गया था। एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए यूनिवर्सिटी के डीन(स्टूडेंट वेलफेयर) ने पुष्टि की कि जोनवाल का प्रवेश निरस्त करते हुए नियमों का उल्लंघन हुआ है। यह कार्रवाई नियमों के तहत नहीं की गई। रिसर्च स्कॉलर का रोजाना यूनिवर्सिटी में उपस्थित रहना जरूरी नहीं है, हालांकि, अगर कोई शोधार्थी 15 दिनों तक लगातार यूनिवर्सिटी में गैर-हाजिर रहता है तो उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। लेकिन 100 के जुर्माने के साथ दोबारा से प्रवेश नियमित हो जाता है। जोनवाल ने उसके बाद अपना हेल्थ सर्टिफिकेट यूनिवर्सिटी में जमा करवाया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।

जोनवाल का आरोप
जोनवाल ने प्रोफेसर जाधव पर आरोप लगाया है कि वह उससे हर सेमेस्टर में स्कॉलरशिप की रकम से दस हजार रुपए मांगता था। मैंने उसे तीन बार 10-10 हजार रुपए भी दिए। लेकिन जब मैंने उसे पैसे देने से मना कर दिया तो उसने मुझे तंग करना शुरू कर दिया और धमकी दी कि वह मुझे मेरी पीएचडी पूरी नहीं करने देगा। उसके बाद डिपार्टमेंटल रिसर्च कमेटी मीटिंग में जाधव ने न केवल मेरे रिसर्च पेपर मुझ पर फेंके, बल्कि उसने मुझे अश्लील शब्द भी बोले और कहा कि मैं रिसर्च वर्क करने लायक नहीं हूं।

स्टूडेंट्स का कहना है की उमेश किशोर जोनवाल के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन आरोपियों के बचाव में नहीं आता और उन्हने सजा मिल जाती तो यह मामला नहीं होता। किंतु शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की अनदेखी और सीयूराज की प्रशासनिक कोताही का खामियाजा स्टूडेंट्स अपनी जान देकर चुका रहे हैं।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This