मोदी-योगी भक्त मानव बम बनकर यत्र-तत्र घूम रहे हैं, आदिवासी और मुस्लिम इनके निशाने पर हैं, पर खून का ज़िम्मेदार अकेला ‘चेतन सिंह’ नहीं है

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 01, अगस्त 2023 | जयपुर-मुंबई-दिल्ली : ये RPF का मोदी-योगी भक्त कांस्टेबल- चेतन सिंह है। इसकी तैनाती- जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में सुरक्षा देने वाले सिपाहियों में थी। भाजपा और आरएसएस के दुष्प्रचार ने इसकी रगों में नफ़रत भर इसे चलता-फिरता जौम्बी बना दिया। इसके साथ इसके सीनियर- ASI टीकाराम मीना थे।

ट्रेन में इसने ASI टीकाराम मीना को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और मोदी-योगी के समर्थन में नारे लगाये। इसके बाद इसने मधुबनी के अब्दुल कादिर की भी गोली मारकर हत्या कर दी। फिर ये आगे चला जहाँ इसे रेल बोगी की पैंट्ररी में एक आदमी मिला, उसे भी इसने मौत के घाट उतार दिया। फिर आगे S-6 कोच में गया। वहां इसे असगर अली नाम का जयपुर का एक चूड़ी बेचने वाला मिला उसे भी इसने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।

जयपुर मुंबई एक्सप्रेस में चार लोगों की हत्या करने के बाद आरोपी चेतन सिंह कोच में मौजूद लोगों को धमकाता हुआ नजर आ रहा है। ट्रेन में वह लोगों से कह रहा है कि वोट करना है, हिंदुस्तान में रहना है तो सिर्फ योगी और मोदी।

हत्याएं करते हुए चेतन सिंह ये कह रहा है कि- हिंदुस्तान में रहना है तो योगी-मोदी कहना होगा। चेतन सिंह ने पहले अपने सीनियर की हत्या की। बाद में बोगी में जो मुस्लिम मिले उन्हें बिना जाने ही उनकी हत्याएं कीं। ये सामान्य घटना नहीं है। ये एक नस्लवादी घटना है। एक आतंकवादी घटना है और इसके लिए आरएसएस-भाजपा का प्रचार तंत्र जिम्मेदार है। इसके लिए टीवी की बहसें जिम्मेदार हैं।

आरएसएस के कारखाने के प्रोडक्ट

भाजपा ने राजनितिक लाभ के लिए इस देश की नस्लों में सालों-साल के लिए नफरत बोई है। ऐसे जौम्बी कभी भी किसी को नोच सकते हैं। इस आतंकवादी घटना की आलोचना बिना इसकी जड़ यानी आरएसएस और भाजपा के दुष्प्रचार की आलोचना किये बिना नहीं की जा सकती। पूरे हिंदुस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए ये शर्मशार करने वाली घटना है। ये आरएसएस के कारखाने के प्रोडक्ट हैं जो मानव-बम बनकर हमारे आसपास घूम रहे हैं।

तीन बेक़ुसूर भारतियों को RPF के चेतन सिंह ने चलती ट्रेन में पॉइंट ब्लेंक रेंज से सिर्फ़ इसलिए उड़ा दिया क्योंकि वो आदिवासी और मुसलमान थे.. 1. टीकाराम मीणा 2. अब्दुल क़ादिर 3.महम्मद हुसैन 4. असग़र हुसैन। सोचिए,अगर ये तीनों मुसलमान चेतन सिंह को मार कर अपनी जान बचाने में कामयाब हो जाते तो अब तक RPF के जवान के क़त्ल के इल्ज़ाम में इन तीनों पर आतंकवादी का ठप्पा लग गया होता। और फिर शुरू होता NSA/UAPA का खेल।

ख़ैर, इसने अपने सीनियर टीकाराम मीणा का भी क़त्ल किया। पर उन 3 निर्दोष मुसलमानों के परिवारों को कुछ नहीं मिलेगा। सिवाय हम सब की थोड़ी बहुत सहानुभूति के। ये कैसा देश बना रहे हम। युवाओं को बिलकुल अपने रास्ते से भटका दिया है। ये दलाल मीडिया और इन नेताओं ने दिन-रात हिंदू-मुस्लिम का खेल खेल रहे है और खेलें भी क्यों नहीं गुजरात में खेले ऐसे ही खेल पर देश ने मुहर लगाकर इन्हें सत्तासीन बना दिया है।

कब कौन ट्रिगर दबा देगा !

आप रेल में हैं या हवाई अड्डे पर, मेट्रो में सफ़र कर रहे हैं या बस में। हर जगह गन लिये सुरक्षा कर्मी आपके इर्द गिर्द हैं। आपको नहीं पता कि किसके दिमाग में क्या चल रहा है, इनमे कौन सिरफिरा है, कब कौन ट्रिगर दबा देगा ! जयपुर एक्सप्रेस की आतंकवादी घटना डर पैदा करने वाली है l

वोट की राजनीति में जो नफरत सोशल मीडिया के माध्यम से मंदबुद्धियों द्वारा फैलाई जा रही है यह उसका परिणाम है, यही दूसरे वर्ग के लोग कर रहे है। अंततः नुक्सान आम जनता को हो रहा है … अब उस सिपाही का परिवार भीख माँगने की स्थित में पहुँचेगा कोई मदद नहीं करेगा लेकिन अंधा तो अंधा है।

गत 10 साल में सेना, अर्धसेना, पुलिस, होम गार्ड का संघी व भाजपाई करण हो गया है। फोर्सेज में कार्यरत नौजवानों का माइंड वाश कर उनके दिलों दिमाग में दलित, आदिवासी, मुस्लिम, ईसाई के प्रति इतना जहर भर दिया है कि ये इंसान नही है। इनकी हत्या या जुल्म करना कोई अपराध ही नहीं है बल्कि पुण्य है। इतना ही नहीं कुछ दिनों बाद इनके और पुष्यमित्र शुंग के वंशज अग्निवीर सेवानिवृत्त होकर यही करें तो अचंभित और हैरान  मत होना।

सरकार आती जाती रहेगी देश तो रहेगा इसे रहने लायक बना के रखना चाहिए। पता नहीं कैसे दिमाग से अपाहिज आदमी को नौकरी लग जाती है। RPF चेतन सिंह सोर्स सिपारस या घुस देकर नौकरी पर खड़ा हुआ होगा! आरएसएस और उसके अनुषांगिक संगठनों ने पिछले दशकों आयर खासकर पिछले एक दशक में जो नफरत का बीज बोया गया है यह वस उसका एक छोटा सा फल है।

यह देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है क्योंकि देश की शांति के साथ और भी व्यवस्था बिगड़ ही जायेगी। देश के कुछ राज्य में ऐसे हालत देख कर बहुत डर लगता है। ज़हर घोलने वाले हमेशा तैयार रहते हैं। हर रोज पार्कों में डंडे चलाते हैं, लड़ाई की ट्रेनिंग देते है, पर शासन-प्रशासन आँख मूंद कर बैठे हैं और जब तक बैठे रहेंगे तब तक ऐसा ही होता रहेगा।

ये घटना कब की है?

सोमवार, 31 जुलाई को जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस नंबर 12956 में सुबह 5:23 बजे आरपीएफ के कास्टेबाल चेतन कुमार ने एक एएसआई समेत 4 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने अपने बयान में कहा था कि आरोपी कांस्टेबल मानसिक रूप से बीमार है। उसे गुस्सा आया और उसने गोली चला दी। लेकिन ट्रेन के अंदर का एक वीडियो सामने सामने आने के बाद पुलिस के इस बयान पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

वेस्टर्न रेलवे के इंस्पेक्टर जनरल कम प्रिसिंपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर पी सी सिन्हा के ने कहा था कि हत्याकांड का आरोपी कांस्टेबल चेतन सिंह मानसिक परेशानी से जूझ रहा है। उसने पहले अपने सीनियर को गोली मारी। उसके बाद जो भी उसके रास्ते में आए उन्हें भी गोली मार दी।  वेस्टर्न रेलवे के पुलिस कमिश्नर रविंद्र शिवसे ने भी प्रेस से बात करते हुए कहा था, “ उसकी एएसआई टीकाराम से कोई बहस भी नहीं हुई थी।  पर उसे गुस्सा आया और उसने गोली चला दी।”

वीडियो में क्या कह रहा है आरोपी कांस्टेबल?

वीडियो में हत्याकांड का आरोपी कांस्टेबल ट्रेन में मौजूद लोगों से कह रहा है, “यह लोग पाकिस्तान से ऑपरेट होते थे। हमारी मीडिया कवरेज दिखा रही है। पता चल रहा है उनको, सब पता चल रहा है, इनके आका हैं वहां। अगर वोट देना है, हिंदुस्तान में रहना है, तो मैं कहता हूं मोदी योगी को दीजिए, यही दो हैं, और आपके ठाकरे।”

गोलीबारी के बाद आरोपी कांस्टेबल चेतन कुमार ने दहिसर के पास चेनपुलिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। आरोपी कांस्टेबल से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद गंभीर सवाल खड़े किए जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि आरोपी कांस्टेबल ने सांप्रदायिक नफरत की वजह से बाकी तीन लोगों पर गोली चलाई।

वीडियो में एक घायल ट्रेन के फर्श पर खून से लथपथ पड़ा दिख रहा है। उसी के सामने आरोपी कांस्टेबल चेतन कुमार अपनी राइफल लिए खड़ा है और ट्रेन में मौजूद लोगों से यह सांप्रदायिक बातें कह रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि मरने वालों में एएसआई टीकाराम मीणा को छोड़ बाकी तीन मुस्लिम हैं।

टीकाराम ईमानदार बहुत अफ़सर थे

सूत्र बताते हैं कि टीकाराम ईमानदार व्यक्ति थे। मृतक RPF के ASI टीकाराम मीणा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी किसी गमी के कार्रक्रम में गांव से बाहर गई हुई हैं। उन्हें घटना की जानकारी तक नहीं लगी। बेटा और बहू गोवा गए हुए हैं। उनका फोन अनरीचेबल बता रहा है, जबकि मां बहुत बुजुर्ग हैं, जिन्हें दिखाई और ठीक से सुनाई नहीं देता है। बेटी शादी के बाद से ससुराल में है।

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