कॉन्स्टेबल पूनम जाट ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या, दुपट्‌टे से पति का गला घोंटा, बेरोजगार पति ने ही पढ़ाया, अफेयर के बाद दो फोन रखने लगी

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 08, अगस्त 2023 | जयपुर-बानसूर-दिल्ली : सीआरपीएफ (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) में तैनात महिला कॉन्स्टेबल ने अपने शादीशुदा प्रेमी कॉन्स्टेबल के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। प्रेमी भी सीआरपीएफ में तैनात है, जबकि महिला का पति गांव में खेतीबाड़ी करता था। दोनों के बीच ढाई साल पहले अफेयर शुरू हुआ था। महिला कॉन्स्टेबल पूनम जाट (32) प्रेमी रामप्रताप को मुंहबोला भाई बताती थी।

राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर जिले (Bharatpur) के नरेना चौथ गांव की रहने वाली सीआरपीएफ महिला कांस्टेबल (CRPF Women Constable) ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने मृतक का शव बरामद कर पंचनामा कराया, उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की जांच में जुटी।

मथुरा से सटे भरतपुर जिले में सीआरपीएफ में तैनात महिला कांस्टेबल ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर भरतपुर निवासी पति की हत्या कर दी। इसके बाद पति के शव को दिल्ली से लाकर अलवर के बानसूर में प्लॉट में दफना दिया। पुलिस ने रविवार को जमीन खोदकर शव को बाहर निकाला। इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि लाश को दिल्ली से कार से लेकर आरोपी प्रेमी अलवर आया था। यहां उसने अपने नवनिर्मित मकान के पास ही लाश को दफना दिया था।

जानकारी के अनुसार पूनम जाट (32) पत्नी संजय जाट निवासी नरेना चौथ (भरतपुर) सीआरपीएफ में कांस्टेबल है और दिल्ली में तैनात है। पूनम का कई दिनों से रामप्रताप गुर्जर निवासी महताला की ढाणी ग्राम पंचायत लेकड़ी, बानसूर (अलवर) से प्रेम प्रसंग चल रहा है। रामप्रताप भी सीआरपीएफ में है और नागालैंड में पोस्टेड है। इन दोनों ने संजय को रास्ते से हटाने के लिए प्लानिंग कर दिल्ली बुलाया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद रामप्रताप शव लेकर बानसूर पहुंचा और बाइपास रोड पर विवेकानंद पब्लिक स्कूल के पीछे खाली पड़े प्लॉट में दफना दिया।2 1691409578 300x225 कॉन्स्टेबल पूनम जाट ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या, दुपट्‌टे से पति का गला घोंटा, बेरोजगार पति ने ही पढ़ाया, अफेयर के बाद दो फोन रखने लगी
परिजनों ने संजय को कॉल किया तो फोन बंद आया। इसके बाद उन्होंने पूनम को कॉल कर संजय के बारे में पूछा, लेकिन पूनम ने बताया कि संजय वहां आया ही नहीं। इसके बाद परिजनों ने चार अगस्त को खोह थाने भरतपुर में संजय की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने पूनम और रामप्रताप पर संजय की हत्या कर शव को छुपाने का शक जताया।
पुलिस ने रामप्रताप और पूनम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने संजय की हत्या करने और शव को दफनाने की बात कबूल कर ली। संजय के पिता मनीराम जाट ने रिपोर्ट में बताया कि उनकी बहू पूनम ने संजय को कॉल कर दिल्ली बुलाया था। संजय 31 जुलाई को सुबह 8.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गया था। शाम पांच बजे जब उसने संजय से बात की तो उसने कहा कि वह अभी मेट्रो में बैठा है और पूनम के पास जाकर बात करता हूं। इसके बाद से ही संजय से कोई बात नहीं हुई और फोन बंद आने लगा।
पुलिस ने चार अगस्त की रात को रामप्रताप को बानसूर से गिरफ्तार कर लिया। वहीं परिजनों ने पूनम को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने संजय की हत्या करने की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने प्लान के तहत संजय को दिल्ली बुलाया और गाड़ी में बैठाकर गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पूनम दिल्ली रुक गई और रामप्रताप को शव को ठिकाने लगाने के लिए भेज दिया। रामप्रताप शव लेकर बानसूर पहुंचा और यहां एक खाली पड़े प्लॉट में शव को दबा दिया।
 रामप्रताप ने जहां शव को दफनाया था, वहां से 100 मीटर दूर उसने नया मकान बनाया है। आरोपी रामप्रताप भी शादीशुदा है। ढाई साल पहले पूनम और रामप्रताप की श्रीनगर एयरपोर्ट पर मुलाकात हुई थी और इसके बाद से ही इनका प्रेम प्रसंग चल रहा है। पूनम ढाई साल से दिल्ली में द्वारिका सेक्टर-8 में मेट्रो स्टेशन पर तैनात है।
खोह थाना प्रभारी गिर्राज प्रसाद ने बताया कि दोनों का पिछले ढाई साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। महिला दिल्ली में सीआरपीएफ में तैनात है। महिला ने 31 जुलाई को अपने पति को फोन कर दिल्ली बुला लिया और शाम को अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी युवक की निशानदेही पर शव को जमीन से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। पुलिस ने दोनों प्रेमी और प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले को लेकर मृतक के पिता ने खोह थाना में मामला दर्ज कराया है।

पूनम के बुलाने पर संजय 31 जुलाई को सुबह 8 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गया। 31 जुलाई को संजय से उसके पिता की 5 बजे तक बात हुई थी। जब संजय मेट्रो में था, उसने आखिरी बार अपने पिता को कहा था कि वह पूनम के पास पहुंच कर बात करेगा। इसके बाद संजय से हमारी बात नहीं हुई। रामप्रताप ही संजय का शव कार की डिग्गी में डाल बानसूर लाया गया था। पूनम और संजय के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी सुहाना 13 साल की है और 7वीं क्लास में पढ़ती है। दूसरे नंबर पर इंद्रजीत 10 साल का है और पहली क्लास में पढ़ता है। तीसरा अमरजीत 6 साल का है और LKG में है।

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