नेचुरोपैथी : व्यक्ति के शरीर के संचालन को सुधारने, रोगों का निदान करने और उनका इलाज करने के लिए प्राकृतिक प्रदार्थों का उपयोग

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 07 दिसंबर 2023 | जयपुर – दिल्ली : प्राकृतिक चिकित्सा मानवकल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाती है। प्राकृतिक चिकित्सा व्यक्ति को स्वस्थ जीवन शैली जीने में सहायता करती है। प्राकृतिक चिकित्सा की नींव स्वस्थ आहार, स्वच्छ ताजे पानी, धूप, व्यायाम और तनाव प्रबंधन के महत्व पर आधारित है। प्राकृतिक चिकित्सा व्यक्तिगत उपचार योजनाएँ बनाने के लिए सिद्धांतों और मान्यताओं की एक श्रृंखला का उपयोग करती है। ये सिद्धांत और मान्यताएँ हैं:

  • स्व-उपचार : पुनर्प्राप्ति में आने वाली बाधाओं की पहचान करना और उन्हें दूर करना, प्राकृतिक उपचार की अनुमति देता है।
  • अंतर्निहित लक्षण : लक्षणों को रोकने के बजाय, एक प्राकृतिक चिकित्सक शरीर, मन और आत्मा का इलाज करके अंतर्निहित शारीरिक या मानसिक समस्याओं का समाधान कर सकता है।
  • हानिरहित उपचार : उपचार योजनाओं में हानिकारक दुष्प्रभाव नहीं होने चाहिए या लक्षणों को नकारात्मक रूप से नियंत्रित नहीं करना चाहिए।
  • समग्र उपचार : एक प्राकृतिक चिकित्सक को किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के सभी पहलुओं का प्रभावी ढंग से इलाज करने के लिए व्यक्तित्व को पहचानना चाहिए।
  • उपचार में शिक्षा : प्राकृतिक चिकित्सक खराब स्वास्थ्य के खिलाफ लोगों को सशक्त बनाने में मदद करने के लिए आत्म-देखभाल सिखाते हैं।
  • रोकथाम : समस्याओं को उत्पन्न होने से रोकने के लिए जीवनशैली से विषाक्त पदार्थों को हटा देना अच्छा है।

प्राकृतिक चिकित्सा, शरीर की प्राण शक्ति एवं आंतरिक शारीरिक प्रक्रियाओं में सुधार लाकर खुद को स्वस्थ बनाने की स्वयं की क्षमता पर आधारित है। पंचमहाभूत सिद्धांत, रोगकारक पदार्थ सिद्धांत, प्राण शक्ति सिद्धांत जैसे प्राकृतिक चिकित्सा के अवधारणाएँ, मनुष्य के सभी स्तर पर स्वास्थ्य एवं बीमारी की व्याख्या करती हैं।

प्राकृतिक चिकित्सा या नेचुरोपैथी का मूल मंत्र है, ‘संपूर्णता का संतुलन। ‘ इसका मतलब है कि प्राकृतिक चिकित्सा व्यक्ति के शरीर के संचालन को सुधारने, रोगों का निदान करने और उनका इलाज करने के लिए प्राकृतिक प्रदार्थों का उपयोग करती है। इस चिकित्‍सा में जड़ी-बूटियों, पौधे, फल, पत्तियों, बीज और तेल आदि का प्रयोग किया जाता है।

सीजनल फलों को खाने से सेहत को बेहद फायदा मिलता है। सर्दियां शुरू हो गई हैं। इसलिए सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। वैसे तो सर्दियों के मौसम में ही सबसे ज्‍यादा फल और सब्जियां मिलती हैं। ऐसी में यह तय करना मुश्किल होता है कि सर्दियों में क्‍या खाना चाहिए और क्‍या नहीं। कई बार हम फलों की तासीर जाने बिना कर लेते हैं जिससे हम सर्दी और खांसी की तरह ही कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। आइए सर्दियों में खाए जाने वाले फल और उनके फायदे के बारे में जानते हैं।

सर्दियों में मौसमी फल क्‍यों खाना चाहिए

सर्दी के मौसम में शरीर को न्यूट्रीशन की जरूरत होती है। हालांकि इस मौसम में ज्यादा कैलोरी और फैट से भरपूर डाइट लेने से बचना चाहिए। सर्दी के सीजन में शरीर को विटामिन, मिनरल, फोलेट, एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों से भरपूर डाइट लें। इन फलों को खाने से वजन घटाने, शुगर कंट्रोल करने, कैंसर की रोकथाम, स्किन और बालों के लिए भी होता है। ये सभी फल सर्दी में होने वाली समस्‍याओं से लड़ने की ताकत देते हैं।

363 300x171 नेचुरोपैथी : व्यक्ति के शरीर के संचालन को सुधारने, रोगों का निदान करने और उनका इलाज करने के लिए प्राकृतिक प्रदार्थों का उपयोग सर्दियों में फल कब खाना चाहिए

सर्दियों में खाए जाने वाले फलों के लिए कोई निश्चित समय नहीं है। इसका मतलब यह है कि आप अपनी सुविधा के अनुसार इन्‍हें कभी भी खा सकते हैं। जानकारों का मानना है कि सुबह के नाश्‍ते के समय और दोपहर के खाने के कुछ समय पहले इनका फल खाना सही है। खाली पेट फलों को खाने के ज्यादा फायदे होते हैं।

सबसे अच्‍छा समय लंच के करीब 15 से 20 मिनट पहले या लंच करने के बाद करीब 1 से 2 घंटे बाद होता है। ऐसा करने पर इन्‍हें पचाने में आसानी होती है। साथ ही इनके पूरे पोषक तत्‍वों और खनिज पदार्थों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सर्दियों के मौसम में खाए जाने वाले फलों को रात के समय खाने से बचना चाहिए।

सर्दियों में खाए जाने वाले फल

फल तो हमें हर मौसम में होते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। लेकिन सर्दियों में कुछ खास फलों को खाना जरूरी है। आइए जाने सर्दियों में कौन-कौन से फलों का सेवन करना चाहिए।

खजूर है खास

खजूर एक छोटा और अनोखा फल है जिसके बहुत से फायदे होते हैं। इस फल में कई तरह के विटामिन और खनिज पदार्थों की उच्‍च मात्रा होती है। जिसके वजह से सर्दियों में मौसम में खजूर खाना जाता है। खजूर में आयरन और कैल्सियम की उच्‍च मात्रा एनीमिया के इलाज में मदद कर सकती है।

साथ ही उन लोगों के लिए भी खजूर फायदेमंद होता है जिनकी हड्डियों भंगुर या हड्डी का घनत्‍व कम होता है। खजूर खाने का सबसे बड़ा फायदा इसमें मौजूद फाइबर के कारण होता है। जो कि आपकी पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में प्रभावी होता है। सर्दी के मौसम में कब्‍ज से परेशान हैं तो खजूर आपके लिए सबसे अच्‍छे घरेलू उपाय साबित हो सकते हैं।

चकोतरा चमत्कारी फल

विंटर सीजन में खाए जाने वालों में चकोतरा भी शामिल है। चकोतरा सर्दियों के मौसम में मिलने वाला एक पौष्टिक फल है जो गर्म जलवायु में पैदा होता है। सर्दी के मौसम में चकोतरा के जूस का सबसे ज्‍यादा सेवन किया जाता है। सर्दी के मौसम में हमारे शरीर को वैक्‍टीरियल प्रभाव से लड़ने के लिए मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली की आवश्‍यकता होती है। जिसके लिए आप चकोतरा का सेवन कर सकते हैं। क्‍योंकि चकोतरा में विटामिन सी की उच्‍च मात्रा होती है। जो शीत ऋतु में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है। आप भी सर्दी के मौसम में सर्दी और खांसी से बचने के लिए चकोतरा के जूस का सेवन कर सकते हैं।

पपीता है पावरफुल

अक्‍सर बीमार होने पर डॉक्‍टर हमें पपीता का सेवन करने की सलाह देते हैं। क्‍योंकि पपीता में ऐसे पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ होते हैं जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। हालांकि पपीता साल के 12 महीने बाजार में उपलब्‍ध होता है। लेकिन सर्दी के मौसम में पपीता खाना अधिक फायदेमंद होता है। क्‍योंकि पपीता में न केवल विटामिन सी बल्कि विटामिन बी की भी अच्‍छी मात्रा होती है।

इसके अलावा इसमें बहुत से एंटीऑक्‍सीडेंट और खजिन पदार्थ भी होते हैं। जिनमें हृदय और पाचन संबंधी समस्‍याओं को रोकने की क्षमता होती है। इसलिए आप पपीता को न केवल सर्दी में बल्कि पूरे साल तक उपभोग कर सकते हैं। सर्दियों में तंदरूस्त रहने के लिए फलों को खाना जरूरी है।

संतरा सेहत का दोस्त431 300x169 नेचुरोपैथी : व्यक्ति के शरीर के संचालन को सुधारने, रोगों का निदान करने और उनका इलाज करने के लिए प्राकृतिक प्रदार्थों का उपयोग

ठंडी के मौसम में खाये जाने वाले फलों में संतरा सबसे प्रमुख है। क्‍योंकि इन दिनों पूरे बाजार में केवल संतरा का सुनहरा रंग अलग ही दिखाई देता है। ठंड में फ्लू और सर्दी से बचने के लिए आप संतरा का सेवन कर सकते हैं। सभी लोग जानते हैं कि संतरा विटामिन सी के सबसे अच्‍छे स्रोत में से एक है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि ऑरेंज में फाइटोकेमिकल्‍स भी होते हैं जिनमें कैंसर रोधी गुण होते हैं।

संतरा में मौजूद अन्‍य पोषक तत्‍व किड़नी संबंधी बीमारियों से लड़ने में भी सहायक होते हैं। अच्‍छी बात यह है कि संतरा आज कल केवल सर्दियों में ही नहीं बल्कि इसके अलावा साल के कुछ महीनों में प्राप्त किए जा सकते हैं। आप अपने शरीर को विभिन्‍न प्रकार की बीमारियों से बचाने और इम्‍यूनिटी बढ़ाने के लिए संतरे का नियमित सेवन कर सकते हैं।

नाशपाती है कारगर

सर्दियों के सीजन में इम्‍यूनिटी पावर को बेहतर बनाना सरल होता है, क्योंकि इस समय हमारा डाइजेशन सिस्‍टम ज्यादा अच्‍छे से काम करता है। सर्दी के मौसम में डाइट में नाशपाती को भी शामिल कर सकते हैं। बच्‍चों की सर्दी और वायरल फ्लू से बचाना चाहते हैं तो नाशपाती एक अच्‍छा विकल्‍प है। क्‍योंकि इसमें कई प्रकार के विटामिन, खनिज पदार्थ और अन्‍य पोषक तत्‍व होते हैं। जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायक होते हैं। डाइट में शामिल करें अलग अलग किस्मों के फल।

एक अनार कभी न हो बीमार

सर्दी के मौसम में रोजाना अनार खाने से सेहत बहुत अच्छी रहती है। अनार में एलैजिक एसिड, एलैजिटानिंस, प्यूनिसिक एसिड, फ्लेनॉयड, एंथोसायनिन जैसे बायोएक्टिव यौगिक पाये जाते हैं जो सेहत के लिए कई मायनों में गुणकारी हैं। बीमारियों के इलाज में अनार का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। अनार का उपयोग परजीवी और माइक्रोबियल संक्रमण, डायरिया, अल्सर, रक्तस्राव और श्वसन संबंधी समस्याओं के इलाज में किया जाता है।

अनार प्रोबायोटिक बैक्टीरिया को उत्तेजित करता है जिससे यह इंफेक्शन से लड़ने में सक्षम होता है और बीमारियों से हमें छुटकारा दिलाता है। अनार साल के 12 महीने उपलब्‍ध होता है। लेकिन सर्दी में इस फल को रोजाना खाने से फायदा मिलता है।

सेब सेहत का राजा

अक्‍सर सर्दियों के मौसम में फलों की बहार आ जाती है। जिसके कारण बाजार में कई रंगों के फल दखाई देने लगते हैं। सेब भी उन्‍हीं फलों में से एक है। सेब में ग्लूकोज के स्तर को हमारे शरीर में कम करने और कैंसर से लड़ने की क्षमता देता है। सर्दियों में सेब का सेवन करने से हमारे सारे सिस्टम को डिटोक्सिंग करने में मदद मिलती है। आप भी सर्दियों में खाये जाने वाले फलों की सूची में सेब को शामिल कर सकते हैं।

स्‍टार फ्रूट

स्‍टार फल में विटामिन सी की अच्‍छी मात्रा होती है। विटामिन सी इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इस फल की चटनी का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह फल शरीर में विटामिन सी की जरूरत को पूरा करता है। रोजाना खाने से शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स के उत्‍पादन को बढ़ावा देने में भी सहायक हो सकता है। व्हाइट ब्लड सेल्स प्रतिरक्षा शक्ति का प्रमुख अंग होती है।

केला सेहत के लिए कारगर

लोगों का मानना होता है कि सर्दियों के मौसम में केला खाने से सर्दी हो सकती है। जबकि इसमें ऐसे पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ होते हैं जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बए़ाने में मदद कर सकते हैं। शरीर तंदरूस्त रखने के लिए सर्दियों के मौसम में केला को रोजाना डाइट के रूप में जगह दे सकते हैं। यह बेहतरीन आहार है।

ताजे नींबू रामबाण

नींबू में विटामिन सी की सबसे अधिक मात्रा होती है। विटामिन सी एक प्रकार का एंटीऑक्‍सीडेंट है जो शरीर को फ्री रेडिकल्‍स से होने वाले नुकसान से बचाती है। सर्दियों के मौसम में डाइट में ताजे नींबू के रस को शामिल कर सकते हैं। यहइम्यूनिटी पावर को बढ़ाने में अहम है।

शकरकंद सेहत का रखे ख्याल

शकरकंद में विटामिन ए और विटामिन सी की पर्याप्‍त मात्रा होती है। इसके अलावा शकरकंद की गर्म तासीर हमारे शरीर को सर्दियों के मौसम में गर्म रखने में मदद कर सकती है। यह फाइबर का सबसे अच्‍छा स्रोत होता है जो पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होता है। आप भी इस मौसम में अपने शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए शकरकंद का नियमित सेवन कर सकते हैं।

आंवला है गुणकारी

आंवला में विटामिन ए, सी और बहुत से खनिज पदार्थ उच्‍च मात्रा में होते हैं। नियमित आधार पर आंवला का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

अमरूद दे स्वाद और सेहत

सर्दियों में अमरूद खाना सेहत के लिए बहुत ही अच्‍छा है। क्‍योंकि अमरूद में फोलेट, फाइबर, विटामिन और कई प्रकार के एंटीऑक्‍सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। जिसके कारण सर्दियों में होने वाली बहुत सी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं की रोकथाम करने में अमरूद मदद करता है।

शरीफा स्किन को बनाए हेल्दी

कस्टर्ड एप्पल, जिसे शरीफा या सीताफल भी कहते हैं। शारीफा सर्दियों के मौसम में होता है। रोजाना सीताफल खाने से त्वचा को कुदरती रूप से सुंदर बनाने में मदद करती है। इस फल में प्रचुर मात्रा में मौजूद विटामिन ए त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

बेहतरीन है बेर फल

पकी हुई बेर का नाम सुनते ही मुंह में पानी आना लाजमी है क्‍योंकि यह फल है ही इतना स्‍वादिष्‍ट। बेर खाने के फायदे वजन कम करने, दिल की सेहत का रखे ख्याल। कैंसर रोकने, बीपी कंट्रोल करे।

सिंघाड़ा सेहत का साथी

सिंघाड़ा सर्दियों के मौसम में बाजार में देखने को मिलता है। सिघाड़े में साइट्रिक एसिड, कर्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, निकोटेनिक एसिड, रीबोफ्लेविन, थायमाइन, विटामिन्स-ए, सी, मैगनीज तथा फास्फोरस आदि होते हैं। सिंघाड़ा सर्दियों में खाये जाना वाला एक अच्छा फल है।

सर्दियों में खाए जाने वाले फलों के नुकसान

सर्दियों के मौसम में किसी भी फल को ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्‍योंकि इन फलों में पोषक तत्‍वों की उच्‍च मात्रा होती है जो पाचन संबंधी समस्‍याओं को बढ़ा सकता है। कुछ लोगों को ज्यादा फल खाने से स्किन और सांस की एलर्जी हो सकती है।

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