पर्यटकों के लिए खुशखबरी : जयपुर के स्मारकों पर रात्रिकालीन पर्यटन की होगी शुरूआत

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || सितंबर 26, 2020 || जयपुर : विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को लेकर पुरातत्व विभाग पर्यटकों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। कल से राजधानी जयपुर के स्मारकों पर रात्रिकालीन पर्यटन (Night Life in Jaipur) की शुरूआत करने जा रहा है। आमेर महल और अल्बर्ट हॉल संग्रहालय को विश्व पर्यटन दिवस से फिर से रात्रिकालीन पर्यटन के लिए पर्यटकों के भ्रमण के लिए शुरू करने का निर्णय लिया गया। पर्यटक पहले की तरह ही रात में भी इन ऐतिहासिक इमारतों को निहार सकेंगे। इस दौरान कोविड-19 के चलते केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की पालना की जायेगी। कोरोना संक्रमण के चलते गत 18 मार्च से प्रदेश के सभी स्मारकों और संग्रहालयों को बंद कर दिया गया था। लॉकडाउन में छूट के बाद 2 जून से इन पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के भ्रमण के लिए खोला जायेगा। अब विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रात्रिकालीन पर्यटन के तहत स्मारकों पर पर्यटक भ्रमण कर सकेंगे। पुरातत्व निदेशालय ने एक आदेश जारी कर बताया कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर नाहरगढ़ किले, आमेर महल और अल्बर्ट हॉल को रात्रिकाली भ्रमण के लिए खोलने का निर्णय लिया गया। आमेर महल को रात्रिकालीन समय शाम 7 बजे से रात 9 बजे खोला जायेगा तो वहीं नाहरगढ़ किले को भी रात 10 बजे खोला जायेगा। नाहरगढ़ दुर्ग स्थित माधवेंद्र भवन पर्यटकों के भ्रमण के लिए खोला जा रहा है। नियमानुसार टिकट भी जारी किया जायेगा। अगर रात्रिकालीन पर्यटन सफल रहता है तो अन्य गतिविधियाँ भी यहाँ धीरे-धीरे शुरू की जायेंगी। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किशनपोल बाजार स्थित विरासत संग्रहालय में पर्यटकों के भ्रमण के लिए नई वस्तुओं को डिस्प्ले किया जा रहा है। कई महीनों से बंद संग्रहालय भी 27 सितंबर विश्व पर्यटन दिवस को पर्यटकों के लिए खोला जायेगा। संग्रहालय में लघु चित्र, गैलेरी, प्रतिमा गैलेरी, वस्त्र परिधाम गैलेरी और कास्ट गैलेरी बनायी गयी है, जहाँ कला से संबंधित कलाकारों की कला को प्रदर्शित किया जा रहा है। विश्व पर्यटन दिवस पर राजधानी के सभी स्मारकों और संग्रहालयों को पर्यटकों के लिए निशुल्क रखा जायेगा। इसके लिए पुरातत्व विभाग की ओर से सभी तैयारियाँ कर ली गयी है। स्मारक और संग्रहालयों पर पर्यटकों के पहुँचने पर पर्यटकों को माला, तिलक और पुष्प देकर स्वागत किया जायेगा। साथ ही अल्बर्ट हॉल के प्रथम तल पर ‘द ममी’ को भी डिस्प्ले किया जायेगा, जिससे पर्यटक ‘द ममी’ को निहार सकेंगे। इसके लिए पुरातत्व विभाग ने तीसरी बार द ममी की जगह बदली गयी है। कोविड—19 के चलते केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सभी प्रोटोकॉल की पालना की जायेगी। बिना फेस मास्क के पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा। सेनेटाइज और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना में सभी पर्यटकों को रखना होगा।

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