न्यूज़ वेबसाइटों और ब्लॉगर की समस्या, हिंदी में क्वालिटी बैकलिंक कैसे बनायें? अच्छा बैकलिंक बनाना बेहद मुश्किल

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 04 जनवरी 2024 | जयपुर – दिल्ली : ब्लॉग हिंदी में हो या अंग्रेजी में दोनों ही भाषाओं में बैकलिंक बनाने का तरीका एक जैसा ही है। जैसा की हम जानते हैं गूगल समेत अन्य किसी भी सर्च इंजन में टॉप रैंकिंग प्राप्त करने के लिए अच्छे कंटेंट के साथ कुछ अच्छे बैकलिंक होने जरूरी होते हैं।

गूगल पांडा का अपडेट आने के बाद अच्छा बैकलिंक बनाना बेहद मुश्किल हो गया। गूगल के अनुसार आपकी वेबसाइट के बैकलिंक स्वाभाविक तरीके से आने चाहिए। अब स्वाभविक का क्या अर्थ होता है ? यहां पर स्वाभाविक का अर्थ है – की आप अपनी वेबसाइट के लिए खुद बैकलिंक ना बनायें बल्कि आपका पाठक ही आपके लिए बैकलिंक बनाये।

अच्छा बैकलिंक बनाना बेहद मुश्किल

आपको थोड़ा अजीब लग रहा होगा की भला पाठक कैसे और क्यों बैकलिंक बनाएगा। यदि आपकी वेबसाइट या ब्लॉग का कंटेंट पाठक की जानकारी को पूर्ण करता है तो वो पाठक आपके लेख को अन्य किसी से भी साझा करेगा। यानि रीडर द्वारा आपकी वेबसाइट का लिंक जितना अधिक डिस्ट्रीब्यूट होगा वही आपके लिए स्वाभाविक बैकलिंक कहलायेगा। जरा आप गौर करें कि – आजतक , भास्कर , दैनिक जागरण आदि जैसी हिंदी न्यूज़ वेबसाइट के लिंक पाठकों द्वारा कितनी भारी मात्रा में शेयर किया जाता होगा। इन न्यूज़ वेबसइट को स्वाभाविक रूप से यूजर के द्वारा बैकलिंक प्राप्त होता है।

इनकमिंग लिंक और ऑउटगोइंग लिंक दोनों का उचित मिश्रण

स्वाभाविक बैकलिंक का एक अन्य रूप भी है और वो है – ‘रेफेरेंस लिंक’। अब ये रेफेरेंस लिंक कैसे काम करता है ? अगर आपने अपने ब्लॉग पर कुछ ऐसा विषय लिखा है जिसकी जानकारी आपने बड़े अच्छे से दी है। उक्त विषय के लिए आपके द्वारा दी गयी बेहतरीन जानकारी को अन्य ब्लॉगर भी पढ़ते हैं देखते हैं।

अब अगर मैं भी उसी विषय पर लेख लिखूं तो मुझे आपके लेख से बेहतर लेख लिंखना होगा। ठीक है, हर ब्लॉगर मेहनत करता है अच्छा लेख लिखने में लेकिन अगर मैं अपने लेख को और विश्वसनीय बनाने के लिए आपके द्वारा लिखे लेख का लिंक यदि मैं अपने कंटेंट में डाल दूँ तो यह एक ‘रेफेरेंस लिंक’ कहलायेगा। अर्थात मैंने लेख तो लिखा है किन्तु मैं अपने पाठक को यह भी बता रहा हूँ की आप ‘नीतू’ के आर्टिकल को भी पढ़ सकते हैं अधिक जानकारी के लिए।

ये हमेशा आप याद रखें –
  • गूगल, इनकमिंग लिंक और ऑउटगोइंग लिंक दोनों का उचित मिश्रण पसंद करता है।
  • अपने पाठक को ज्यादा से ज्यादा जानकारी मुहैया कराने का प्रयास करना चाहिए।
  • अगर आपके लेख से मिलता जुलता विषय किसी अन्य ब्लॉगर ने लिखा है तो आप उसके लिंक को अपने लेख में शामिल करके विश्वसनीयता दर्शायें।
  • अगर आपके लेख से मिलता जुलता विषय कहीं विकिपीडिया पर है तो आप उसके लिंक को शामिल करें।
  • अगर आपके विषय से मिलता कोई ताज़ा लेख किसी बहुत सम्मानीय वेबसाइट पर हो तो आप उसके लिंक को शामिल करें।
गूगल की विश्वसनीयता को कायम रखें

कहने का अर्थ ये की, केवल आप बैकलिंक प्राप्त करने की फ़िराक में ना रहें। आप अपनी वेबसाइट, ब्लॉग से भी अन्य वेबसाइट को रेफेरेंस लिंक देकर पाठक की जानकारी बढ़ायें और गूगल की विश्वसनीयता को कायम रखें। गूगल इसी को नेचुरल लिंक बिल्डिंग कहता है; यानि आपकी वेबसाइट पर आने वाले लिंक और आपकी वेबसाइट से किसी अन्य वेबसाइट पर जाने वाले लिंक का उचित मिश्रण आपकी वेबसाइट को विश्वसनीय बनाता है जिसे नेचुरल लिंक बिल्डिंग कहते हैं।

बैकलिंक क्या है ? #Backlinks_Kya_Hai

बैकलिंक (Backlinks) किसी वेबपेज पर आने वाले आगामी लिंक्स (incoming links) होते है जो एक वेबसाइट को दूसरे वेबसाइट से जोड़ता है। आसान भाषा में कहें तो जब कोई वेबसाइट या ब्लॉग अपने किसी आर्टिकल में आपके किसी आर्टिकल को लिंक करता है तो आपको बैकलिंक मिलता है, इसे हीं बैकलिंक कहते है।

बैकलिंक्स किसी भी वेबपेज की रैंकिंग के लिए प्रमुख मीट्रिक हैं। बहुत सारे बैकलिंक्स वाला पेज गूगल मेंअच्छा रैंक करता है। यहाँ मैं आपको नीचे backlinks से जुड़ी कुछ टर्म बताने वाला हूँ जो आपको backlinks के बारे में और अच्छे से समझने में मदद करेगा।

  • Internal Links – जब आप अपनी पोस्ट में अपने किसी दूसरे पोस्ट का लिंक add करते है, तो उसे internal linking कहते है।
  • External Links – जब आप अपनी पोस्ट में किसी दूसरे साइट की लिंक को add करते है, तो उसे external linking कहते है।
  • Link Juice – जब कोई Web page आपके आर्टिकल या होमपेज को लिंक करता है, तो वह link juice pass करता है। ये link juice आपकी साइट ranking और Domain Authority को बढ़ाने में मदद करते है।
  • No-follow Links – जब कोई साइट किसी वेब पेज को लिंक करती है लेकिन उसके लिए no follow टैग सेट कर देती है, तो वह link juice pass नही करता है। No-follow tag खासकर spammy या unrelated साइट के लिए उपयोग किया जाता है। ये वेबसाइट रैंकिंग में कोई भूमिका नहीं निभाते है।
  • Do-follow Links – जब आप अपनी साइट में कोई वेबपेज लिंक करते है, तो वह डिफ़ॉल्ट रूप से do-follow होते है। ये link juice pass करते है।
  • Low Quality Links – ये links आपकी साइट रैंकिंग को बहुत नुक्सान पहुँचते है और इस तरह के लिंक्स harvested sites, automated sites और spam sites से आते है।
  • Anchor Text – ये hyperlink के रूप में clickable text होते है। ये विजिटर और सर्च इंजन दोनों को relevant information प्रदान करते है। साथ ही आपकी रैंकिंग को भी improve करते है।
  • Linking Root Domain – आपकी वेबसाइट पर linking unique domain की संख्या को बताता है। जब कोई साइट किसी साइट से 10 बार लिंक करती है, तो उसे फिर भी एक linked root domain माना जायेगा।
High Quality Backlinks के क्या लाभ है

यदि आप ब्लॉगिंग में सफलता हासिल करना चाहते है, तो आपके वेबसाइट या ब्लॉग पर organic traffic होना बहुत जरूरी है और organic ट्रैफिक के लिए quality backlinks की जरूरत पड़ती है। जैसा कि मैंने पहले ही आपको कहा, Backlinks आपकी वेबसाइट ट्रैफिक और रैंकिंग में बड़ा बदलाव ला सकते है। आपकी साइट पर backlinks की संख्या जितनी ज्यादा होगी, आपकी साइट सर्च इंजन में उतना ही अच्छा परफॉर्म करेगी और अधिक ट्रैफिक प्राप्त करेगी।

Backlinks आपकी वेबसाइट ट्रैफिक और रैंकिंग में बड़ा बदलाव ला सकते है। यदि आप अपनी साइट के लिए high quality backlinks बनाते है, तो आपकी वेबसाइट ट्रैफिक और वेबसाइट रैंकिंग दोनो बहुत अच्छी हो जायेगी। क्वालिटी बैकलिंक (quality Backlinks) SEO के लिए बहुत जरूरी है। वे सर्च इंजन (search engine) पर आपकी वेबसाइट को दिखाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है । सबै बड़ा सवाल यह है कि क्वालिटी बैकलिंक (quality backlinks) क्यों जरूरी हैं:

अच्छी सर्च रैंकिंग (better search ranking) और उच्च गुणवत्ता (high-quality) वाले बैकलिंक Backlinks वाली वेबसाइटें search results में उच्च रैंक पर होती हैं, जिससे अधिक organic traffic आपको मिलता है।

बेहतरीन विश्वसनीयता (increased reliability) प्रोफेशनल वेबसाइटों के Backlinks आपकी वेबसाइट की विश्वास और विश्वसनीयता को बढ़ाते हैं। रेफरल ट्रेफिक में बढ़ोतरी (Increased Referral Traffic) प्रोफेशनल बैकलिंक्स अन्य वेबसाइटों से रेफरल ट्रैफ़िक लाते हैं, जिससे संभावित रूप से अच्छे conversion होते हैं।

फ़ास्ट इंडेक्सिंग (Faster Indexing) search engine backlinks के माध्यम से वेबसाइटों को Crawl करते हैं, जिससे नई content को अधिक तेज़ी से Indexed किया जा सकता है।

बैकलिंक (Backlinks) के लाभ 

1. सर्च इंजन आपके साइट को Fast Index और बेहतर Crawl करते है
यदि आप अपने ब्लॉग पर quality कंटेंट पब्लिश करते है, लेकिन आपके ब्लॉग पर Backlinks नहीं है, तो आपके कंटेंट को सर्च इंजन में index होने में कुछ समय ले सकते हैं। वही दूसरी तरफ आपकी साइट पर बहुत सारी quality backlinks है, तो आपकी कंटेंट कुछ मिनटों में सर्च इंजन में Index हो जायेगी।

इसके अलावा backlinks आपके कंटेंट को बेहतर तरीके से समझने में मदद करते है आपकी कंटेंट किस बारे में है। मान लीजिए आप YouTube पर कोई कंटेंट लिख रहे है जब आप उसमें YouTube की link add करेंगें, तो Search engine आसानी से समझ जाएंगे। आपकी पोस्ट YouTube के बारे में है।

2. आपकी Search Ranking को Improve करता है
Backlinks आपकी सर्च रैंकिंग को बेहतर बनाने में मदद करती है। यदि आपकी साइट या ब्लॉग high quality sites से dofollow backlinks प्राप्त करती है, तो आपकी साइट सर्च रिजल्ट में अच्छा परफॉर्म करेगी।

3. Referral Traffic को Boost करता है
Backlinks आपके साइट पर referral ट्रैफिक को बूस्ट करने में मदद करते है। जो ट्रैफिक आपके ब्लॉग पर search engine से नहीं बल्कि किसी और ब्लॉग के link से आते हैं, उन्हें Referral Traffic कहते है। ये ट्रैफिक बहुत ज्यादा targeted होते है और आपकी साइट के Bounce Rate को कम करने में मदद करते है।

4. आपके Brand Awareness को बढ़ाता है
जब कोई वेबमास्टर आपके कंटेंट को अपनी कंटेंट के साथ लिंक करता है, तो उसके विजिटर को आपके साइट के बारे भी पता चलता है। लेकिन आपकी कंटेंट बहुत ही अच्छी और helpfull होनी चाहिए तभी कोई आपके कंटेंट को अपनी कंटेंट के साथ लिंक करेगा।

5. दूसरे वेबसाइट के साथ Relationship बनाने में मदद करते है
Backlinks की सबसे अच्छी बात यह है कि वे दूसरे वेबसाइट के साथ नया relationship बनाने में मदद करते है। जब आप किसी साइट की लिंक अपनी साइट में add करते है, हो सकता है वह वेबसाइट owner आपको भी return में backlinks दें।

6. Promotion का काम करते है
Backlink का उपयोग आप Blog Promotion के रूप में कर सकते है। मान लीजिए आपका कोई friend है जब आप उसकी वेबसाइट को अपनी वेबसाइट में link करके अपने विजिटर के साथ introduced कराते है, तो यह एक तरह का प्रोमोशन हो जाता है।

हिंदी वेबसाइट (website) ब्लॉग (blog) का क्वालिटी बैकलिंक (backlink) कैसे बनाये ?
महत्वपूर्ण तथ्य 
  • आप जिस विषय पर लिख रही हैं, हो सकता है उस विषय पर पहले ही किसी अन्य ब्लॉगर (bloger ने लिखा हो। आप अपने लेख को अपने ब्लॉग पर प्रकाशित करने के बाद; दूसरे ब्लॉगर से संपर्क करें और उनसे कहें की मेरा लेख आपके लिखे हुए लेख से मिलता है। अतः आप मेरे लिखे आर्टिकल लिंक को अपने लिखे आर्टिकल लिंक (article link) में शामिल कर लें। अगर दूसरा ब्लॉगर कहे की आप भी मेरा लिंक शामिल करें तो आप दोनों एक दूसरे से उस आर्टिकल के लिए लिंक साझा कर सकते हैं।
  • आप किसी अच्छे विषय पर एक बढ़िया लेख बनायें। अपने लिखे आर्टिकल को किसी अच्छे ब्लॉगर के ब्लॉग पर प्रकाशित करने को कहें। दूसरा ब्लॉगर जब आपका लेख अपने ब्लॉग पर प्रकाशित करने को मान जाय तो उससे आप अपने ब्लॉग का लिंक लगाने को कहें। यहाँ आप दूसरे ब्लॉगर के लिए ऑथर ब्लॉगर कहलायेंगी किन्तु आपको बैकलिंक मिलने का फायदा हो जायेगा। ध्यान रहे, ऑथर ब्लॉगर और गेस्ट ब्लॉगर में अंतर होता है।
  • आप फ्री गेस्ट ब्लॉगर (free guest bloger) की हैसियत से किसी गेस्ट ब्लॉग्गिंग वेबसाइट (guest bloging website) पर अपना कंटेंट (content) प्रकाशित कर सकती हैं अपने ब्लॉग लिंक के साथ। गेस्ट ब्लॉग्गिंग का कार्य कम करना चाहिए क्योंकि ज्यादातर गेस्ट ब्लॉग की वेबसाइट फालतू बेकार हैं जो उल्टा प्रभाव छोड़ती हैं आपके ब्लॉग अथवा साइट के लिए।
  • अपने ब्लॉग को सभी अच्छी ब्लॉग कम्युनिटी (blog community) में लिस्ट करके रखें जैसे – indiblogger.com इंडीब्लॉगर डॉट इन , blogarama.com ब्लॉगनामा डॉट कॉम आदि।
  • अगर किसी यूटूबर (youtube) का वीडियो ठीक आपके लिखे ब्लॉग आर्टिकल के विषय पर आधारित है तो आप उस यूटूबर से संपर्क करके उसके डिस्क्रिप्शन डिटेल में अपना लिंक लगाने का आग्रह कर सकते हैं।
  • क्वोरा (quara) पर यदि किसी ने ऐसा प्रश्न पूछा है जिसका जवाब आपने पहले ही अपने ब्लॉग पर दिया हुआ है तो आप उस लिखे हुए लिंक को क्वोरा पर पूछे गए प्रश्न के जवाब के रूप में साझा कर सकते हैं।
  • अपने किसी अच्छे आर्टिकल को अन्य किसी अच्छी ऑनलाइन हिंदी पत्रिका (online hindi) को फ्री में सौंप दें। उसने कहें की आप मेरा यह लेख अपनी ऑनलाइन पत्रिका में शामिल करें और नीचे मेरे ब्लॉग का नाम लिख दें।
  • अगर आपके पास पैसा है तो आप अपने ब्लॉग पर उपहार व ईनाम जैसी प्रतियोगिता चला सकती हैं। इससे फायदा ये होता है की आपके ब्लॉग का नाम तेज़ी से फैलने लगता है और सोशल मीडिया (social media) पर अधिक से अधिक लोग शेयर करने लगते हैं।
  • हर समय केवल अपने ब्लॉग पर लिखते रहना ठीक नहीं। कुछ लेख आप क्वोरा मंच या ब्लॉग के लिए लिखें और अपने ब्लॉग का लिंक लगा दें। यही काम आप ‘लिंक्डइन डॉट कॉम’ जैसी वेबसाइट पर करें। ऐसा करके आपके ब्लॉग का बैकलिंक ख्याति प्राप्त वेबसाइट से मिलने लगेगा।
  • सोशल मीडिया पर लिंक शेयर (link share) करना तो अब आम हो चला उसमें कुछ बताने जैसा नहीं है। हां किन्तु फेसबुक पर लेखन करके अपने ब्लॉग का लिंक देना एक अच्छा आईडिया है अपने ब्लॉग लिंक को पब्लिक में साझा करने का।
  • फेसबुक पर उपलब्ध बड़े हिंदी ग्रुप और हिंदी लेखक ग्रुप का मेंबर बनें और वहां भी अपना लेख लिखें।

Backlink से संबंधित अक्सर पूछ जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण Q & A निम्नलिखित हैं।

Q1 – Backlink क्या है?

जब कोई ब्लॉगर अपने ब्लॉग पोस्ट में किसी दूसरे ब्लॉग या ब्लॉग पोस्ट का लिंक Add करता है, तो यह उसके लिए External Link तथा जिस ब्लॉग का लिंक Add करता है। इसके लिए बैकलिंक होता है।

Q2 – किस प्रकार के Backlink महत्वपूर्ण होते हैं।

Do-Follow Backlink बहुत पॉवरफुल और महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इनमें Link Juice पास होता है।

Q3 – एक महीने कितने बैकलिंक बनाना Safe है?

आप महीने में 100 से 150 बैकलिंक बना सकते हैं। इससे आपके ब्लॉग पर कोई बुरा फर्क नहीं पड़ेगा। ऐसा करने से आपका ब्लॉग जल्दी से Grow करेगा।

Q4 – क्या आज भी बैकलिंक काम करती हैं?

जी हाँ! आज भी बैकलिंक काम करती हैं, लेकिन हाँ गूगल के Algorithm आज के समय में कंटेंट की क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

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