द्रोणाचार्यों का कहर जारी, एमटेक छात्र विकास मीणा फांसी के फंदे से लटका, आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजिनियरिंग, सुइसाइड नोट चोरी एफआईआर दर्ज

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 12 जनवरी 2024 | जयपुर – दिल्ली – कानपुर : आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजिनियरिंग के एमटेक छात्र ने बुधवार देर रात हॉस्टल में फांसी के फंदे से लटक जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। सूत्रों के अनुसार, मौके पर पहुंचे छात्रों को एक सुइसाइड नोट मिला, जिसे उन्होंने परिवार को सौंप दिया।

परिवार ने पुलिस को कहा कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते। गुरुवार को पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कमिश्नर ने बताया कि छात्र अकादमिक वजहों से डिप्रेशन में था। पुलिस को सॉफ्ट कॉपी में एक सुइसाइड नोट मिला है। नोट की सत्यता परखी जा रही है।

मेरठ के विकास कुमार मीणा (30) ने वर्ष 2021 में आईआईटी कानपुर में एमटेक कोर्स में दाखिला लिया था। फाइनल ईयर के सेमेस्टर एग्जाम में विकास फेल हो गए थे। खराब सीपीआई के चलते सीनेट ने विकास को टर्मिनेट कर दिया था। इसकी सूचना मेल पर आई। टर्मिनेशन से बचने के लिए विकास को मेल पर एप्लिकेशन भेजनी थी, लेकिन डिप्रेशन में विकास अपने घर चले गए और मेल नहीं कर पाए। इससे वह काफी परेशान थे।

छात्रों को सॉफ्ट कॉपी में मिला सुइसाइड नोट

बुधवार रात हॉस्टल के रूम की बिजली बंद देख विकास के साथियों का दिमाग ठनका। गेट खटखटाने के बाद कोई जवाब न मिलता देख संस्थान की सिक्यॉरिटी को सूचना दी गई। खिड़की से देखा गया तो विकास फांसी के फंदे से लटका मिला। तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ग्रेड को लेकर विकास डिप्रेशन में थे। सॉफ्ट कॉपी में मिला सुइसाइड नोट साथियों से मिला है।

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आईआईटी-कानपुर द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि विकास “शैक्षणिक रूप से प्रतिभाशाली” था और उसने 2021 में एमटेक कार्यक्रम में दाखिला लिया था। एक फोरेंसिक टीम ने मामले का जायजा लिया है। संस्थान मौत का संभावित कारण निर्धारित करने के लिए पुलिस द्वारा आगे की जांच का इंतजार कर रहा है। विकास के निधन से संस्थान ने एक युवा और होनहार छात्र खो दिया है।”

हॉस्टल के रूम में मफलर से सुसाइड कर खुद को बताया जिम्मेदार

विकास का एक सुइसाइड नोट सामने आया है। इसमें विकास ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। कहा है कि अब परिवार से पैसे लेने में मुझे शर्म आती है। मुझे लगा था कि मुझसे हो जाएगा, लेकिन मुझसे नहीं हो पाया। मैं किसी लायक नहीं था। भरोसा तोड़ने के लिए माफी मांगते हुए कहा कि मां अपना और पापा का ध्यान रखना।

दिसंबर में आईआईटी कानपुर में ही रिसर्च स्कॉलर डॉ. पल्लवी चिल्का ने आत्महत्या कर ली थी। पल्लवी की मौत की वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है। आईआईटी जैसे संस्थानों तक पहुंचने वाले होनहार छात्रों के लिए एक दर्दनाक घटना प्रकाश में आई है। बीते बुधवार रात एरोस्पेस इंजीनियरिंग से एमटेक कर रहे छात्र ने हॉस्टल के रूम में मफलर से सुसाइड कर लिया था।

गुरूवार को छात्र विकास मीणा का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। कानपुर पुलिस कमिश्नर पुलिस अखिल कुमार घटना की जांच करने के लिए आईआईटी पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मृतक छात्र के साथियों और प्रफेसर से घटना के संबंध में बात की। एमटेक छात्र के साथियों ने बताया कि विकास मीणा का सुसाइड नोट गायब है।

एमटेक छात्र विकास मीणा मूलरूप से मेरठ के कंकरखेड़ा के रहने थे। आईआईटी कानपुर से एरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। एमटेक का फाइनल ईयर था। जानकारी के मुताबिक विकास की तीसरी बार बैक लग गई थी, जिसकी वहज से उसे टर्मिनेट किया गया था। टर्मिनेट होने की वजह से विकास डिप्रेशन में चला गया था।

वहीं, विकास के पिता नेमचंद्र मीणा का कहना है कि जब बेटे को टर्मिनेट किया गया था, तो इसकी जानकारी परिजनों को क्यों नहीं दी गई, उसे काउंसलिंग की जरूरत थी। पिता का आरोप है कि बेटे का सुसाइड नोट चोरी कर लिया गया है। फिलहाल कल्यानपुर पुलिस सुसाइड नोट की तलाश कर रही है।

डॉक्टरों ने मृत घोषित किया %name द्रोणाचार्यों का कहर जारी, एमटेक छात्र विकास मीणा फांसी के फंदे से लटका, आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजिनियरिंग, सुइसाइड नोट चोरी एफआईआर दर्ज

साथी छात्रों के मुताबिक बुधवार शाम से ही विकास रूम के बाहर नहीं दिखा था। कमरे की जलती हुई लाइट देखकर साथ के छात्रों विकास के कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से किसी तरह की आहट नहीं मिली, इसके बाद कमरे के पीछे से खिड़की का कांच तोड़कर देखा गया, तो विकास का शव पंखे से मफलर के सहारे लटक रहा था। छात्रों ने इसकी सूचना वार्डन और आईआईटी प्रशासन को दी।

किसी तरह से उसे आईआईटी हेल्थ केयर सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विकास को हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहीं, हैलट के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चर्चा थी कि एमटेक छात्र विकास मीणा ने आत्महत्या से पहले एक सुइसाइड नोट लिखा था।

लेकिन विकास का सुइसाइड नोट गायब है। जिसे लेकर परिजनों और पुलिस ने भी हैरानी जताई थी। कानपुर पुलिस कमिश्नर ने आईआईटी कैंपस पहुंच कर चेतावनी दी थी, कि यदि सुइसाइड नोट नहीं मिला तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

अब कानपुर सीपी अखिल कुमार ने सुइसाइड नोट की तलाश के लिए कल्यानपुर पुलिस को लगाया है। इसी बीच गुरुवार रात सोशल मीडिया पर एक सुइसाइड नोट वायरल है। लेकिन हैरानी की बात है कि सुइसाइड नोट की मूल कॉपी अभी भी गायब है। सुइसाइड नोट पुलिस तक नहीं पहुंचा है। सोशल मीडिया पर वायरल सुइसाइड नोट विकास ने ही लिखा है या फिर किसी और की लिखावट है यह जांच का विषय है।

आईआईटी के खिलाफ नाराजगी अब तक हुईं खुदकुशी की घटनाएं

एमटेक छात्र के पिता नेमचं्रद मीणा आरएमएस के ऑफिस से रिटायर सुप्रीमटेंडेंट हैं। उन्होंने बताया कि विकास ने पंजाब से बीटेक किया था। इसके बाद आईआईटी कानपुर में 2021 में दाखिला लिया था। आईआईटी प्रशासन की तरफ से उसे बीते 4 जनवरी को टर्मिनेट किया गया था। आईआईटी प्रशासन यदि टर्मिनेट करने की बात बता देता, तो बेटे की जान बच जाती। विकास घर का इकलौता चिराग था। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां भुनेश्वरी देवी की हालत बिगड़ गई है। बड़ी बहन मीनू मौसम वैज्ञानिक है।

  • 19 अप्रैल 2018: फिरोजाबाद निवासी पीएचडी छात्र भीम सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या की।
  • 30 दिसंबर 2019: संस्थान में सिक्योरिटी गार्ड आलोक श्रीवास्तव ने फांसी लगाकर जान दे दी।
  • 09 जुलाई 2020: आईआईटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रमोद सुब्रमण्यन ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
  • 12 मई 2021: संस्थान में असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुरजीत दास ने फांसी लगाकर आत्महत्या की।
  • 07 सितंबर 2022: वाराणसी निवासी पीएचडी छात्र प्रशांत सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या की।
  • 12 दिसंबर 2023: जैविक विज्ञान और बायोइंजीनियरिंग विभाग में शोध स्टाफ सदस्य डॉ पल्लवी ने फंदा लगाकर की थी आत्महत्या।

पिछले साल, देश के आईआईटी परिसरों कई छात्रों ने आत्महत्या की। इनमें से अधिकांश दलित-आदिवासी समाज से आते थे और उनके साथ जातीय उत्पीड़न किया गया था।

  • 12 फरवरी: केमिकल इंजीनियरिंग के 18 वर्षीय छात्र दर्शन सोलंकी ने अपने छात्रावास की इमारत की 7वीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
  • 13 फरवरी: महाराष्ट्र के 27 वर्षीय रिसर्च स्कॉलर स्टीफन सनी के आईआईटी मद्रास में आत्महत्या करने के बाद साल की दूसरी आत्महत्या की सूचना मिली।
  • 14 मार्च: आईआईटी मद्रास में बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र पुष्पक का शव अलकनंदा छात्रावास के अपने कमरे में लटका मिला।
  • 31 मार्च: मध्य प्रदेश के रहने वाले 20 वर्षीय केदार सुरेश ने आईआईटी मद्रास में आत्महत्या कर ली।
  • 9 जुलाई: गणित और कम्प्यूटिंग विभाग से संबंधित चौथे वर्ष के छात्र आयुष आशना ने आईआईटी-दिल्ली में आत्महत्या कर ली।
  • 1 सितंबर: अनुसूचित जाति से आने वाले छात्र अनिल कुमार ने आईआईटी दिल्ली में आत्महत्या कर ली।

सीपी पहुंची आईआईटी

कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार कानपुर आईआईटी पहुंचे। उन्होंने बताया कि बुधवार को सूचना मिली थी कि एमटेक स्टूडेंड से सुसाइड कर लिया है। प्रथम दृष्टया यह सुसाइड का केस नजर आ रहा है, लेकिन हम कई बिंदुओं पर इसकी जांच कर रहे हैं। आईआईटी कानपुर के डॉयरेक्टर भी इसकी जांच करा रहे हैं। घटना क्यों और कैसे हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। एक सुसाइड नोट की बात सामने आ रही है। यदि मिलता है तो उसको वेरीफाई किया गया जाएगा।

‘न अच्छा बेटा बन सका न अच्‍छा स्‍टूडेंट’

आईआईटी एमटेक छात्र विकास मीणा का सोशल मीडिया पर वायरल सुइसाइड नोट बेहद मार्मिक है। विकास ने अपनी मौत का जिम्मेदार किसी को नहीं ठहराया है। वायरल नोट में लिखा है कि मैंने ट्राई किया, मेरे से नहीं हो पाया। आज इस उम्र में मुझे अपने घर वालों को सपोर्ट करना चाहिए था। घर वालों से रुपए लेते हुए मुझे शर्म आती है। मैं यह स्टेप ले रहा हूं, किसी को ब्लेम नहीं करना चाहता हूं। जो सब हुआ मेरी वजह से हुआ, हर किसी ने मुझे प्यार दिया। ना मैं अच्छा बेटा बन पाया और नहीं स्टूडेंट। मैं सिर्फ एक फेलियर हूं, इससे ज्यादा कुछ नहीं। मां अपना ध्यान रखना और पापा का भी।

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