राजस्थान में 12 लाख कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम का क्या होगा, एनपीएस बहाली के लिए अधिकारियों ने डॉ किरोड़ी के विभाग को ही क्यों टारगेट किया

10 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 28 जनवरी 2024 | जयपुर – दिल्ली : ओल्ड पेंशन स्कीम और न्यू पेंशन स्कीम को लेकर एक बार फिर राजस्थान की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य की भाजपा सरकार लोकसभा चुनाव के बाद गहलोत सरकार के ओल्ड पेंशन स्कीम के फैसले को पलट देगी। भजनलाल सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों को वापस न्यू पेंशन स्कीम के दायरे में लाना चाह रही है।

राजस्थान में 12 लाख कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम का क्या होगा

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यह मुद्दा उठाया और भाजपा पर जमकर आरोप जड़े। राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर रुख स्पष्ट करने को भी कहा। हालांकि, अब तक राज्य सरकार की ओर से सदन में कोई ऑफिशियल जवाब नहीं आया है।

%name राजस्थान में 12 लाख कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम का क्या होगा, एनपीएस बहाली के लिए अधिकारियों ने डॉ किरोड़ी के विभाग को ही क्यों टारगेट कियाइधर, कृषि विभाग के 3 नियुक्ति आदेशों से शुरू हुए इस विवाद से कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा एक्शन मोड में आ गये। लापरवाही के कारण आला अधिकारियों पर नाराजगी जताई और जांच के आदेश दे दिए।

आखिर भजनलाल सरकार के किस विभागीय आदेश के कारण OPS-NPS का मुद्दा छाया ? क्या कोई चूक हुई, जिससे ये कन्फ्यूजन पैदा हुआ? भजनलाल सरकार क्या गहलोत सरकार के OPS के फैसले को पलट सकती है?

सबसे पहले टीकाराम जूली का विधानसभा में ये बयान…

‘इस सरकार में प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात करने के लिए दिल्ली से पर्ची आ चुकी है। सरकार केवल लोकसभा चुनाव का इंतजार कर रही है। सरकार OPS पर अपना रूख स्पष्ट करें। कर्मचारी भी चाहते है कि सरकार OPS पर अपनी मंशा बताए।’

अब वो आदेश जिसका जूली ने हवाला दिया…

RPSC ने सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी के तीन तरह के पदों (रसायनिक, वनस्पति और पौध व्याधि) पर नियुक्ति निकाली थी। परीक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कृषि विभाग को नियुक्ति पत्र जारी करना था।

गत 22 जनवरी को कृषि विभाग ने चयनित सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारियों के नियुक्ति के 3 आदेश जारी किये। कृषि विभाग के इन ऑर्डरों में चयनित सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारियों (रसायनिक, वनस्पति और पौध व्याधि) की नियुक्ति आदेशों में शर्त नंबर 2 में OPS के बजाय NPS का जिक्र था।

ऑर्डरों में नियुक्ति शर्त नंबर 2 के तहत लिखा था…

‘नवनियुक्त अधिकारियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 20.01.2004 एवं 13.03.2006 के अनुसार लागू होगी।’ मतलब यह कि प्रदेश में 2004 से OPS बंद कर NPS लागू की गई थी। लेकिन आदेश की शर्त नंबर 2 कह रही थी कि इन अधिकारियों को OPS के बजाए मार्केट बेस अंशदायी पेंशन योजना यानी NPS का लाभ ही दिया जाएगा।

इन आदेशों के बाद से ही यह मुद्दा सियासी गलियारों में भी उठने लगा और विधानसभा तक पहुंच गया। आमजन में भी इस मुद्दे की चर्चा रही। आदेश में लिखी गई इस लाइन के बाद सारा विवाद शुरू हुआ। इसे लेकर विधानसभा में भी विपक्ष ने हंगामा किया।

कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा तक पहुंची बात, करना पड़ा संशोधन

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा तक जब आदेश संबंधी चर्चा पहुंची कि सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारियों के नियुक्ति आदेश में दी गई सेवा शर्तों में NPS का जिक्र है, तो उन्होंने आला अधिकारियों से जवाब-तलब किया। मंत्री ने अधिकारियों से तुरंत कन्फ्यूजन दूर करने को कहा। हंगामा बढ़ने के बाद कृषि विभाग की ओर से ये संशोधित आदेश जारी किया गया।

सूत्रों के अनुसार मंत्री ने कृषि विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी वैभव गालरिया को इस मामले में कृषि आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी की लापरवाही मानते हुए नोटिस देने तक के निर्देश दे दिए। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए और विभाग में हंगामा मच गया। अधिकारियों को अपनी गलती का अहसास हो गया था। अधिकारियों ने आदेशों में दिए गए सेवा शर्त नंबर 2 के लिए संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी।

%name राजस्थान में 12 लाख कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम का क्या होगा, एनपीएस बहाली के लिए अधिकारियों ने डॉ किरोड़ी के विभाग को ही क्यों टारगेट किया

पूरे मामले में मूकनायक मीडिया ने प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा से बात की, जिन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय के  सिंडिकेट सदस्य के रूप में  विश्वविद्यालय में  OPS लागू करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में उन्हीं की पहल पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यभर में पुरानी पेंशन योजना लागू की थी । जानिए प्रोफ़ेसर मीणा क्या कहते हैं…

मूकनायक मीडिया : आपने राजस्थान विश्वविद्यालय में 278 शिक्षकों के लिए ओपीएस कैसे लागू करवाई ?

प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा, एक्सपर्ट : राजस्थान विश्वविद्यालय में 278 शिक्षकों की ओपीएस का मामला 1996 से लंबित था। जब मुझे राजस्थान सरकार ने राजस्थान विश्वविद्यालय की सिंडिकेट में सदस्य नामित किया तो डॉ ओम महला के नेतृत्व में शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल मुझसे मिला। सिंडिकेट की बैठक में राजस्थान हाईकोर्ट के एक निर्णय के आलोक में ओपीएस लागू करने का निर्णय लिया गया।

विश्वविद्यालय के कुछेक शिक्षकों ने इसकी शिकायत महामहिम राज्यपाल से की। फिर राज्यपाल महोदय ने संभवत: इनकी चर्चा  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से की और उन्हों ने मुझे बुलाकर इसके बारे में जानकारी चाही।

मैंने राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए अपनी बात रखी जिसकी मुख्यमंत्री जी ने सराहना की। इस दौरान मैंने मुख्यमंत्री जी के समक्ष राज्य में ओपीएस लागू करने का प्रस्ताव तथ्यामक प्रमाणों सहित रखा, जिससे ओपीएस लागू करने का मार्ग बना।

मूकनायक मीडिया : नई सरकार ने यदि OPS का लाभ रोका, तो क्या प्रक्रिया अपनानी होगी?

प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा, एक्सपर्ट : नई सरकार अपने स्तर पर ही सर्विस रूल्स में बदलाव कर सकती है। सरकार के पास इसका पूरा पावर है। प्रक्रिया के तहत सरकार को सर्विस रूल्स में संशोधन कर विधानसभा में बताना होता है। इस पर किसी तरह की बहस नहीं होती। ये केवल एक प्रक्रिया है बस, इस पर सदन में कोई बहस नहीं होती। केवल विधानसभा को नॉलेज में रखने के लिए सरकार को ऐसा करना पड़ता है।

मूकनायक मीडिया : यदि पिछली सरकार OPS के लिए कानून बना देती तो क्या होता?

प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा, एक्सपर्ट : हां, तब जरूर OPS को रोककर NPS को फिर लागू करने के लिए सरकार की प्रक्रियागत परेशानी बढ़ जाती। सरकार को सदन में सर्विस रूल्स में बदलाव को लेकर संशोधन प्रस्ताव सदन में रखना पड़ता और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच बहस होती। इसके बाद सरकार को बिल पास कराना होता और पास करवाकर बिल राज्यपाल के पास स्वीकृति के लिए भेजना होता। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही सर्विस रूल्स में बदलाव होता।

मूकनायक मीडिया : इससे कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे ? %name राजस्थान में 12 लाख कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम का क्या होगा, एनपीएस बहाली के लिए अधिकारियों ने डॉ किरोड़ी के विभाग को ही क्यों टारगेट किया

प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा, एक्सपर्ट : पेंशन से रिटायर कार्मिक ही नहीं, बल्कि वर्तमान में कार्यरत करीब 7 लाख कार्मिक भी प्रभावित होते हैं। दोनों तरह के कार्मिकों की संख्या 12 लाख से अधिक हो जाती है। ऐसे में यह बहुत बड़ा वर्ग हो जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार एक बड़े वर्ग के विरोध के कारण NPS वापस लागू करने का डिसीजन लेना और इसे लागू करना काफी कठिन हो सकता है।

मूकनायक मीडिया : नियुक्तियों की शर्तों के तहत अंकित बिन्दु संख्या 2 को विलोपित करने का क्या आशय है ?

प्रोफ़ेसर राम लखन मीणा, एक्सपर्ट : कृषि विभाग ने 23 जनवरी को स्थिति स्पष्ट की और संशोधन आदेश से अंकित बिन्दु संख्या 2 को विलोपित करना सरकार की मंशाओं को साफ तौर पर जाहिर कर देता है कि सरकार की मंशा में अभी भी खोट है।

’22 जनवरी को सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (रसायनिक), सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (वनस्पति) और सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (पौध व्याधि) के पदों पर नियुक्ति आदेश जारी किए थे। इन आदेशों में नियुक्तियों की शर्तों के तहत अंकित बिन्दु संख्या 2 को विलोपित किया जाता है।’

पेंशन के कॉलम को विलोपित करने पर तो नियुक्ति की शर्तें ही अधूरी रह जायेंगी। नियुक्ति-पत्र में साफ तौर पर लिखना चाहिए कि कौनसी पेंशन योजना लागू रहेगी। मतलब साफ है कि कृषि विभाग ने संशोधन आदेश में तीनों पदों पर निकाली गए नियुक्ति आदेश से शर्त नंबर 2 को हटा दिया गया है। इससे कन्फ्यूजन दूर हो गया कि NPS के बजाय इन पदों पर नियुक्त होने वाले अधिकारियों को OPS का ही लाभ मिलेगा।

एक दिन पूर्व आए संधोधित आदेश के बावजूद बुधवार को विधानसभा में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ और विपक्ष ने भी शक जताया कि नई सरकार लोकसभा चुनाव के बाद OPS को बंद कर NPS लागू करने की मंशा रखती है।

सरकार के खजाने पर बढ़ेगा कई गुना बोझ : RBI

RBI ने अक्टूबर 2022 में अपनी मासिक रिपोर्ट इकोरैप में कहा था कि यदि राज्य OPS लागू करते हैं तो संबंधित राज्य के सरकारी खजाने पर बोझ 4 गुना तक बढ़ जाएगा। यदि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड की बात करें, तो OPS लागू करने पर इन तीन राज्यों के खजाने पर 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का भार आएगा।

यदि सभी राज्यों में OPS फिर लागू हो जाए, तो यह बोझ 31.04 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा। योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक अहलूवालिया ने पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर कहा था कि कुछ राज्य सरकारों द्वारा पुरानी पेंशन योजना को फिर से शुरू करना वित्तीय दिवालियापन की रेसिपी है।

एनपीएस बहाली के लिए अधिकारियों ने डॉ किरोड़ी के विभाग को ही क्यों टारगेट किया

राजस्‍थान में ओपीएस बंद होने से लाखों सरकारी कर्मचारियों को तगड़ा झटका लगा है, क्‍योंकि अब उनके लिए सरकार नई पेंशन योजना (एनपीएस) लेकर आ रही है, जो कम फायदेमंद है। राजस्‍थान तक वेबसाइट के अनुसार राजस्थान सरकार के कृषि विभाग के एक आदेश से पुरानी पेंशन योजना (OPS) बंद करने को लेकर सवाल खड़े हो गए थे।M026 300x200 राजस्थान में 12 लाख कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम का क्या होगा, एनपीएस बहाली के लिए अधिकारियों ने डॉ किरोड़ी के विभाग को ही क्यों टारगेट किया

पर सबसे दीगर सवाल यह है कि राजस्‍थान तक वेबसाइट के अनुसार राजस्थान सरकार के कृषि विभाग के एक आदेश से पुरानी पेंशन योजना (OPS) बंद करने को लेकर सवाल खड़े हो गए थे।

आदेश में लिखा था कि नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों को अंशदायी पेंशन योजना से पेंशन दी जाएगी। अब सरकार की ओर से पेंशन वाला बिंदु नए आदेश में हटा कर संशोधित कर दिया गया है।

एनपीएस बहाली के लिए अधिकारियों ने डॉ किरोड़ी के विभाग को ही क्यों टारगेट किया ? आदेश में लिखा था कि नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों को अंशदायी पेंशन योजना से पेंशन दी जाएगी।

अब सरकार की ओर से पेंशन वाला बिंदु नए आदेश में हटा कर संशोधित कर दिया गया है। भाजपा की सरकार बनते ही पुरानी सरकार की योनजाएं बंद होने लगी हैं।

लापरवाही जानबूझकर हुई तो नोटिस देंगे : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने बताया कि मुझे जब कृषि विभाग के इन आदेशों के बारे में पता चला, तो मैने प्रिंसिपल सेक्रेटरी वैभव गालरिया को बुलाया और उनके इस आदेश के बारे में पूछा। इसके बाद मैने संशोधन आदेश निकलवाया। मैने आदेश दिए कि कृषि आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी से पूछें कि आखिर ये लापरवाही कैसे हुई?

लापरवाही अनजाने में हुई या जानबूझकर, इसकी जांच करवाकर उचित कार्रवाई करेंगे। लापरवाही जानबूझकर हुई है, तो नोटिस देंगे। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा तक जब आदेश संबंधी चर्चा पहुंची तो उन्होंने अधिकारियों से तुरंत कन्फ्यूजन दूर करने को कहा।

सरकार की मंशा जाहिर हो गई : प्रोफ़ेसर मीणा

news 300x193 राजस्थान में 12 लाख कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम का क्या होगा, एनपीएस बहाली के लिए अधिकारियों ने डॉ किरोड़ी के विभाग को ही क्यों टारगेट कियाप्रोफ़ेसर राम लखन मीणा का कहना है कि राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही राज्य कार्मिकों को आशंका है कि यह सरकार OPS बंद करेगी। कृषि विभाग की नियुक्ति में राज्य सरकार की मंशा जाहिर हो गई है।

राज्य में आक्रोश के कारण आदेश में NPS के बिन्दु को बदल दिया। भाजपा की सरकार पेंशन स्कीम में बदलाव की मंशा नहीं है तो वित्त मंत्री को आगे आकर OPS लागू रहने देने और विधानसभा में OPS को लेकर कानून लेकर आने की बात कहनी चाहिए।

पुरानी पेंशन (OPS) बहाल होगी या जारी रहेगा नई पेंशन (NPS)

एक फरवरी को लोकसभा में पेश होने वाले अंतरिम बजट में ओपीएस/एनपीएस को लेकर, सरकार अपनी स्थिति को स्पष्ट कर सकती है। ये तय है कि केंद्र सरकार, ओपीएस बहाली नहीं करेगी, लेकिन एनपीएस को ज्यादा से ज्यादा आकर्षक बनाने का मसौदा सामने आ सकता है। एनपीएस में जमा हो रहा कर्मियों का दस फीसदी पैसा और सरकार का 14 फीसदी पैसा, इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

केंद्र सरकार, पुरानी पेंशन को लेकर बहुत जल्द अंतिम फैसला लेने जा रही है। जानकारों की मानें, तो छह दिन बाद ही यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि सरकारी कर्मी, पुरानी पेंशन के दायरे में आएंगे या एनपीएस ही जारी रहेगा। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार ने कर्मियों के साथ टकराव से बचने का रास्ता निकाल लिया है।

एक फरवरी को लोकसभा में पेश होने वाले अंतरिम बजट में ओपीएस/एनपीएस को लेकर, सरकार अपनी स्थिति को स्पष्ट कर सकती है। ये तय है कि केंद्र सरकार, ओपीएस बहाली नहीं करेगी, लेकिन एनपीएस को ज्यादा से ज्यादा आकर्षक बनाने का मसौदा सामने आ सकता है।

एनपीएस में जमा हो रहा कर्मियों का दस फीसदी पैसा और सरकार का 14 फीसदी पैसा, इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। साथ ही पुरानी पेंशन में जिस तरह से ‘गारंटीकृत’ शब्द, कर्मियों को एक भरोसा देता है, कुछ वैसा ही एनपीएस में भी जोड़ा जा सकता है। डीए/डीआर की दरों में बढ़ोतरी होने पर एनपीएस में उसका आंशिक फायदा, कर्मियों को कैसे मिले, इस पर कुछ नया देखने को मिल सकता है।

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This