हॉस्टल में दो गर्ल्स दलित स्टूडेंट की मौत, परिजन बोले सुसाइड नहीं मर्डर, फांसी लगाई तो हाथ और पीठ में चोट के निशान कैसे

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 06 जनवरी 2024 | जयपुर – दिल्ली – हैदराबाद : हैदराबाद के पास के जिले भुवनगिरी में रेड्डीवाड़ा गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ने वालीं भाव्या और वैष्णवी हॉस्टल लौटीं। दोनों सीधे कमरे में गईं और दरवाजा बंद कर लिया। दोनों हॉस्टल की ट्यूशन क्लास और फिर शाम का नाश्ता लेने नहीं पहुंचीं, तो टीचर ने एक स्टूडेंट को उन्हें बुलाने भेजा। यह तीन फरवरी, शनिवार की बात है।

हॉस्टल में दो गर्ल्स दलित स्टूडेंट की मौत

बार-बार खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। स्टूडेंट ने खिड़की से अंदर झांका। उसने देखा कि भाव्या और वैष्णवी फंदे से लटकी हैं। स्टूडेंट वापस भागी और हॉस्टल के स्टाफ को बताया। स्टाफ ने पंखे से लटकी भाव्या और वैष्णवी की बॉडी उतारी और डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले गए। हॉस्पिटल में डॉक्टर ने बताया कि दोनों की मौत हो गई है।

भाव्या और वैष्णवी शेड्यूल कास्ट से आती हैं। उनकी मौत के बाद इसकी वजह की तलाश शुरू की गई। हॉस्टल स्टाफ के मुताबिक दोनों ने सुसाइड की है। भाव्या और वैष्णवी के कमरे से ये सुसाइड नोट भी मिला है। इस पर दोनों के साइन हैं। परिवार का आरोप है कि दोनों के साइन किसी एक ही व्यक्ति ने किए हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।

परिजन बोले सुसाइड नहीं मर्डर

वहीं, परिवार का आरोप है कि सुसाइड नोट प्लांट किया गया है और दोनों साइन किसी एक ही व्यक्ति ने किए हैं। परिवार का आरोप है कि हॉस्टल की वार्डन दोनों को परेशान करती थीं। वहीं वार्डन का कहना है कि भाव्या और वैष्णवी हॉस्टल में लड़कियों की रैंगिंग लेती थीं। 4 फरवरी को दोनों लड़कियों का पोस्टमॉर्टम किया। 5 फरवरी को आई प्राइमरी रिपोर्ट में पता चला कि दोनों के शरीर पर चोट के निशान थे।

सुसाइड नोट में लिखा- हमें साथ में दफनाना, यही हमारी आखिरी इच्छा

दो दलित स्टूडेंट की सुसाइड की खबर मिलते ही पुलिस की एक टीम डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल पहुंची। दूसरी टीम ने हॉस्टल के कमरे की जांच शुरू की। कमरे की तलाशी लेते हुए पुलिस को टेबल पर एक सुसाइड नोट मिला।सुसाइड नोट में लिखा था, ’हम इस दुनिया से जा रहे हैं। इसका हमें बहुत दुख है। हमने कुछ गलत नहीं किया है, तो हम उन शब्दों को स्वीकार नहीं कर सकते, जो हमारे लिए कहे जा रहे हैं। शैलजा मैडम के अलावा किसी ने भी हम पर भरोसा नहीं किया। हम बिना किसी को अपना दर्द बताए, ऐसे ही दुनिया से जा रहे हैं। हम दोनों को एक ही जगह दफना देना। यही हमारी आखिरी इच्छा है।’

फ्रेंड बोली- टीचर से झगड़े के बारे में सुना था, पर ज्यादा नहीं पता

फंदे से लटकी वैष्णवी और भाव्या की बॉडी सबसे पहले उनकी फ्रेंड भुवनेश्वरी ने देखी थी। भुवनेश्वरी बताती हैं, ‘रात के 8 बजे थे। टीचर ने मुझे भाव्या और वैष्णवी को बुलाने भेजा था। मैं कमरे पर पहुंची और दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई। 10 मिनट बाद खिड़की से देखा, तब पता चला कि दोनों पंखे से लटकी हैं।’

फांसी लगाई तो हाथ और पीठ में चोट के निशान कैसे

भाव्या के भाई गोपी का आरोप है कि भाव्या के पेट, हाथ और पैर पर दांत से काटने के निशान मिले हैं। वे पूछते हैं कि जब मेरी बहन ने फांसी लगाकर सुसाइड की, तो पीठ, हाथ और चेहरे पर चोट कैसे लगी। उन्होंने खुदकुशी नहीं की है। खुद को बचाने के लिए वार्डन ने सुसाइड नोट तैयार किया और उसे कमरे में प्लांट कर दिया।’

बहन का आरोप- पोस्टमॉर्टम से पहले चेहरा नहीं दिखायाM581 300x169 हॉस्टल में दो गर्ल्स दलित स्टूडेंट की मौत, परिजन बोले सुसाइड नहीं मर्डर, फांसी लगाई तो हाथ और पीठ में चोट के निशान कैसे

भाव्या की चचेरी बहन रम्या बताती हैं, ‘हमारे पास रात 11 बजे फोन आया था। तब तक स्टाफ के लोग भाव्या को हॉस्पिटल ले गए थे। हमारा सवाल यही है कि आखिर फैमिली के आने का इंतजार क्यों नहीं किया गया। हम हॉस्पिटल पहुंचे तब तक लड़कियों को पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ था। स्टाफ ने हमें उनका चेहरा भी नहीं दिखाया। हमने पुलिसवालों से कहा, तब भी परमिशन नहीं मिली। लग रहा था कि सभी मिले हुए हैं।’

सुसाइड नोट पर सवाल उठाते हुए रम्या कहती हैं, ’आप सुसाइड नोट की भाषा देखिए। लग रहा है कि पूरा नोट बहुत शांति से बैठकर लिखा गया है। दोनों लड़कियों के सिग्नेचर भी एक जैसे हैं। कोई भी मरने से पहले अपनी वार्डन की तारीफ में क्यों लिखेगा। पूरे नोट में मम्मी-पापा या उन्हें कौन परेशान कर रहा था, इसकी जिक्र नहीं है।’

पिता का आरोप- वार्डन और ऑटो ड्राइवर के बीच संबंध थे, ये बेटी को पता चल गया था

घटना के अगले दिन रविवार को सैकड़ों लोग भुवनगिरी पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए हॉस्टल की वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए। भाव्या के पिता सुकेश ने कहा कि हॉस्टल की वार्डन के एक ऑटो ड्राइवर के साथ अवैध संबंध थे। वैष्णवी और भाव्या को इसके बारे में पता चल गया था। इसके बाद वार्डन उन्हें परेशान करने लगी थी।

वार्डन ने कहा- दोनों लड़कियां रैगिंग करती थीं

सूत्रों के मुताबिक, हॉस्टल की वार्डन शैलजा ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि छात्राओं की आत्महत्या की वजह स्टूडेंट्स के बीच चल रहा झगड़ा था। कुछ दिन पहले 7वीं क्लास की कुछ छात्राओं ने दोनों लड़कियों के खिलाफ रैगिंग का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। भव्या और वैष्णवी के अलावा कुछ और छात्राओं पर भी रैगिंग के आरोप लगे थे। मामला छोटा था, इसलिए हमने इसे सुलझा दिया था।

वैष्णवी ने घर में बताया था कि ऑटो ड्राइवर के साथ झगड़ा हुआ

वैष्णवी के चाचा गोपालन कहते हैं, ‘एक ऑटो ड्राइवर अक्सर हॉस्टल में आता था। भव्या ने अपने मम्मी-पापा को फोन करके बताया था कि ऑटो ड्राइवर के साथ उसका झगड़ा हुआ है। वैष्णवी ने ये भी कहा था कि मैं अब यहां नहीं रह सकती, मुझे यहां से ले जाएं। इस पर मम्मी-पापा ने कहा था कि दो महीने बाद एग्जाम हैं। पेपर होते ही घर आ जाना।’

मरने से पहले वैष्णवी ने मां से 5 हजार रुपए मांगे थे

वैष्णवी की मां सुवर्णा कहती हैं, ‘शनिवार दोपहर वैष्णवी ने मुझसे 5 हजार रुपए मांगे थे। मैंने उसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर दिए थे। मैंने उसे ये पूछने के लिए फोन किया कि पैसे मिले या नहीं। उसने मेरी कॉल का जवाब नहीं दिया। शाम तक उसकी कॉल नहीं आई, तो मैंने उसकी टीचर सुजाता को फोन किया। उन्होंने कहा कि मैं बिजी हूं, कुछ देर बाद वैष्णवी से बात करवा दूंगी।

फिर रात 11 बजे एक टीचर ने मुझे फोन किया और बताया कि मेरी बेटी घायल है और उसे हॉस्पिटल ले जा रहे हैं। मैंने फिर सुजाता मैडम को कॉल किया, उन्होंने बताया कि वैष्णवी ने भव्या के साथ फांसी लगा ली है। मेरा सवाल ये है कि अगर मेरी बेटी सुसाइड करने वाली थी, तो उसने मुझसे 5 हजार रुपए क्यों मांगे थे। उसने आत्महत्या नहीं की, उसकी हत्या की गई है।’

हत्या और सुसाइड दोनों एंगल से जांच कर रही पुलिस

परिवार की शिकायत पर पुलिस ने वार्डन शैलजा, ऑटो ड्राइवर अंजनेयु, टीचर सुजाता, सुलोचना, प्रतिभा और ट्यूशन टीचर भुवनेश्वरी के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल सभी हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या लड़कियों की मौत के पीछे अवैध संबंध तो कारण नहीं है। पुलिस सुसाइड लेटर के आधार पर भी जांच कर रही है।

जांच कर रहे इंस्पेक्टर सुरेश के मुताबिक, दोनों लड़कियां वारंगल जिले के नरसामपेट की रहने वाली हैं। इसमें से एक का परिवार हैदराबाद के हबसीगुडा में रहता है। हमें फोन पर पता चला कि दोनों लड़कियों ने फांसी लगाई है। हम सभी एंगल से जांच कर रहे हैं। कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है।

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी नारायण रेड्डी बताते हैं, ‘शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों छात्राओं के खिलाफ जूनियर क्लास की कुछ स्टूडेंट ने शिकायत की थी। इसके बाद वार्डन ने दोनों लड़कियों की काउंसलिंग की थी। उस समय मामला सुलझ गया था, लेकिन सुसाइड नोट देखकर ऐसा लगता है कि लड़कियां इस बात से परेशान थीं। मामले की अलग से भी जांच कराई जा रही है।’

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