दौसा : सियासी-जातीय समीकरणों में मुरारी मजबूत, मोदी के रोड शो के बावजूद बीजेपी में हताशा, डॉ किरोड़ी लाल के ‘घाघरी’ वाले बयान से महिलाओं में रोष

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 14 अप्रैल 2024 | दिल्ली – जयपुर – दौसा लोकसभा : दौसा सीट (Dausa Rajasthan Lok Sabha constituency election 2024) पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस ने दौसा से विधायक मुरारीलाल मीणा को टिकट दिया है। जबकि बीजेपी ने बस्सी से पूर्व विधायक कन्हैया लाल मीणा को मैदान में उतारा है। दौसा राजस्थान की बहुचर्चित  लोकसभा सीट है, जहां कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला होगा। दोनों ही पार्टियों ने प्रचार प्रसार में अपनी ताकत झोंक दी है। राजस्थान की दौसा सीट पर इन दिनों मुरारी लाल मीणा (Murari Lal Meena) के नाम पर खूब चर्चा हो रही है। सचिन पायलट (Sachin Pilot) के नजदीकी होने का फायदा मुरारी लाल को बखूबी मिल रहा है।

दौसा : सियासी-जातीय समीकरणों में मुरारी मजबूत

MOOKNAYAKMEDIA Copy 19 Copy 300x195 दौसा : सियासी जातीय समीकरणों में मुरारी मजबूत, मोदी के रोड शो के बावजूद बीजेपी में हताशा, डॉ किरोड़ी लाल के घाघरी वाले बयान से महिलाओं में रोषदौसा सीट पर उम्मीदवार के हिसाब से मुरारीलाल मीणा को मजबूत माना जा रहा है। कन्हैया लाल मीणा अब तक बस्सी से बाहर सक्रिय नहीं रहे। गुर्जर, मीणा, दलित और मुस्लिम वोटर्स के समीकरणों की वजह से कांग्रेस का पक्ष मजबूत दिख रहा है, वहीं बीजेपी में भितरघात की भी आशंका है।

बीजेपी में डॉ. किरोड़ीलाल मीणा फैक्टर भी अहम रहेगा। मुरारीलाल मीणा सचिन पायलट खेमे के नेता हैं। पायलट ने भी इस सीट पर पूरी ताकत लगा रखी है। शुक्रवार को पीएम मोदी के रोड शो के बाद भाजपा की उम्मीदें बढ़ गई हैं। राजस्थान का दौसा ऐतिहासिक, धार्मिक और साहसिक नगरी के रूप में जाना जाता है. दौसा लोकसभा में वो सब है, जो आपको देश, दुनिया में मिलेगा. यहां विश्व प्रसिद्ध स्थल हैं, जिनको देखने के लिए राजस्थान ही नहीं, देश-विदेश के लोग भी आते हैं

सिकराय में सर्वाधिक व महुवा सबसे कम मतदाता

दौसा लोकसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाता सिकराय विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 64 हजार 184 हैं। वहीं सबसे कम मतदाता महुवा विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 21 हजार 268 है। दूसरे नंबर पर लालसोट में 2 लाख 56 हजार 718 वोटर हैं। तीसरे नंबर पर दौसा में 2 लाख 44 हजार 453, चौथे नंबर पर बस्सी 2 लाख 35 हजार 653, पांचवें नंबर पर चाकसू 2 लाख 32 हजार 685, छठे नंबर पर बांदीकुई 2 लाख 22 हजार 888 तथा सातवें नंबर पर थानागाजी 2 लाख 21 हजार 455 मतदाता हैं।

मोदी के रोड शो के बावजूद बीजेपी में हताशा

दौसा ने सियासत के कई रूप देखे हैं। दौसा ने कई दिग्गज नेताओं का सियासी उदय और अंत भी देखा है। मरुधरा की ये लोकसभा सीट कई मायनों में अहम है, क्योंकि यहां लड़ाई सियासत से ज्यादा अहम की होती रही है। इसी सियासी लड़ाई को भेदते हुए राजेश पायलट ने दौसा को कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ बना दिया था। लेकिन वर्तमान में दौसा लोकसभा सीट बीजेपी की नई प्रयोगशाला बन गई है।

यहां पिछले 10 साल से भगवा लहर रहा है। ऐसे में कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां होंगी, लेकिन इस सीट के सियासी इतिहास को देखे तो कांग्रेस के लिए उम्मीद की एक किरण जरूर नजर आती है। दौसा लोकसभा सीट से बीजेपी ने कन्हैयालाल मीणा को अपना प्रत्याशी बनाया है। उनके सामने कांग्रेस के दौसा से विधायक मुरारीलाल मीणा चुनौती दे रहे हैं। दोनों पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। हां, दोनों ही नेता चार-चार बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। दौसा में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा. किसी ने नहीं सोचा नहीं था कि दौसा में प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद भी बीजेपी के हालत नहीं बदलेंगे। 

दौसा लोकसभा चुनाव

दौसा लोकसभा सीट पर पहली बार 1952 में चुनाव हुए थे इस सीट से पंडित नवल किशोर शर्मा, राजेश पायलट, सचिन पायलट, रमा पायलट, किरोड़ी लाल मीणा जैसे कद्दावर नेता सांसद बने हैं जिन्होंने देश की राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ी है दौसा लोकसभा सीट के चुनावी इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो दौसा ने 19 बार लोकसभा के चुनाव देखे हैं

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लेकिन समय बदलने के साथ ही कांग्रेस ने फिर सीट जीत ली और राजेश पायलट 1991 में फिर सांसद बने। 1996 में राजेश पायलट यहां से फिर नेता चुने गए. 1998 और 1999 में भी राजेश पायलट सांसद बने। वर्ष 2000 में राजेश पायलट की मृत्यु के बाद यहां हुए चुनाव में कांग्रेस ने उनकी पत्नी रमा पायलट को उम्मीदवार बनाया. रमा पायलट ने भी जीत दर्ज की।

2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट को मैदान में उतारा और सचिन पायलट यहां से जीतकर पहली बार संसद पहुंचे। 2009 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किरोड़ी लाल मीणा ने जीत दर्ज की। 2014 में बीजेपी के हरीश मीणा ने जीत दर्ज की। वर्तमान में यहां से बीजेपी की जसकौर मीणा सांसद हैं जो टिकिट कटने से खासी नाराज हैं।

दौसा लोकसभा क्षेत्र

दौसा लोकसभा क्षेत्र में 3 जिलों दौसा, जयपुर और अलवर की 8 विधानसभा सीटें आती हैं इनमें 5 पर बीजेपी और 3 पर कांग्रेस का कब्जा है दौसा विधानसभा से कांग्रेस के मुरारीलाल मीणा विधायक हैं लालसोट विधानसभा से बीजेपी के रामबिलास मीणा, महुवा से बीजेपी के राजेंद्र मीणा, सिकराय से बीजेपी के विक्रम बंसीवाल, बांदीकुई से बीजेपी के भागचंद टांकड़ा, थानागाजी से कांग्रेस के कांतिलाल मीणा, बस्सी से कांग्रेस के लक्ष्मण मीणा और चाकसू से बीजेपी के रामावतार बैरवा विधायक हैं

1 लाख 69 हजार 15 मतदाता बढ़े

दौसा लोकसभा क्षेत्र में इस बार कुल 18.99 लाख से अधिक मतदाता मतदान करेंगे। अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है। गत चुनाव की तुलना में इस बार 1 लाख 69 हजार 15 मतदाता बढ़े हैं। वहीं 65 हजार 918 से मतदाता पहली बार लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

प्रमुख मुद्दे 

  • बेरोजगारी सबसे बड़ा  मुद्दा है  जो युवा मतदाताओं पर अच्छा खासा प्रभाव डालेगा 
  • केंद्र की योजनाओं का गरीबों को मिले योजना का ळाभ
  • महिला सुरक्षा
  • बढ़ाते अपराधों पर लगाम  लगाना 
  • ईआरसीपी; सिंचाई और पिने का पानी उपलब्ध नहीं
  • संविधान बदलने की आहट से युवाओं में रोष

युवाओं को लुभाने का प्रयास

लोकसभा चुनाव में सत्ता की चाबी युवा वर्ग के हाथों में रहेगी। लोकसभा क्षेत्र में 18 से 39 उम्र के युवा मतदाताओं की संख्या 9 लाख 83 हजार 534 है, जो कुल मतदाताओं की संख्या के अनुसार 51.78 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में प्रत्येक राजनीतिक दल व दावेदार युवाओं को लुभाने का प्रयास कर रहा है। प्रचार में भी प्रत्याशी युवाओं को रोजगार दिलाने के वादे कर रहे हैं। सोशल मीडिया का उपयोग भी युवा वर्ग को रिझाने के लिए खूब किया जा रहा है।

दौसा मतदाताओं का जातीय समीकरण

दौसा की सियासत बड़ी मुश्किल है भले ही इस सीट को कांग्रेस और बीजेपी अपना मजबूत गढ़ बता रही हो, लेकिन परिसीमन के बाद हुए 2009 के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस, दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी और निर्दलीय के रूप में किरोड़ी लाल मीणा जीत गये जबकि जम्मू-कश्मीर से चुनाव लड़ने आये एक अनजान व्यक्ति कमर रब्बानी चेची को भी करीब पौने तीन लाख वोट मिले जो अप्रत्याशित थे

डॉ किरोड़ी लाल के घाघरी वाले बयान से महिलाओं में रोष

दौसा लोकसभा सीट पर करीब 19 लाख मतदाता हैं इनके लिए 1965 मतदान केंद्र भी बनाये गये हैं दौसा लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा मीणा मतदाता हैं यहां मीणा वोटरों की संख्या साढ़े 7 लाख है एससी और ब्राह्मण मतदाता भी 4-4 लाख हैं इनके अलावा करीब ढाई-ढाई लाख गुर्जर-माली और शेष अन्य जातियों के मतदाता हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौसा में रोड शो के बाद कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल मीणा के बीच रिश्तों की सियासी तकरार शुरू हो गई है। मंत्री किरोड़ीलाल ने रोड शो के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुरारीलाल मेरे फूफा हो सकते हैं। लेकिन, रिश्ता पगड़ी का होता है, घाघरी का नहीं। यह महिलाओं का घोर अपमान है, जो डॉ किरोड़ी कि हताशा को बता रहे हैं जो अपने भाई को टिकिट नहीं दिलवा पाना का बड़ा कारन है

81 हजार 790 महिला मतदाता बढ़ी

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने में महिलाओं भी पीछे नहीं रही हैं। गत लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार 81 हजार 790 महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2019 के चुनाव में क्षेत्र में कुल 8 लाख 14 हजार 428 महिला मतदाता थी, वहीं इस बार 8 लाख 96 हजार 218 महिला वोटर हैं। इसी तरह गत चुनाव में 9 लाख 15 हजार 859 पुरुष मतदाता थे, वहीं अब 10 लाख 3 हजार 82 मतदाता पुरुष हैं। कुल 87 हजार 223 पुरुषों की संख्या बढ़ी है। वहीं ट्रांसजेंडर मतदाता पहले 2 थे, जो अब 4 हो गए हैं।

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