एक्स ‘ट्विटर’ और भारत निर्वाचन आयोग आमने-सामने, राजनीतिक पोस्ट हटाने के आदेश पर ‘X’ ने असहमति जताई, ‘यह कैसी आज़ादी’ एलन मस्क

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 17 अप्रैल 2024 | जयपुर – दिल्ली – न्यूयार्क : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ ने लोकसभा चुनावों से पहले अपने प्लेटफॉर्म से कई पोस्ट को हटा दिया है। इन राजनैतिक पोस्ट पर रोक एक्स ने भारत के चुनाव आयोग के कहने पर लगाई है। हालांकि कंपनी एक्स ने एक बयान में इस एक्शन पर असहमति जताते हुए ये भी कहा है कि वो पोस्ट हटाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन चुनाव आयोग के आदेश पर उन्होंने ये एक्शन लिया है।

एक्स ‘ट्विटर’ और भारत निर्वाचन आयोग आमने-सामने

MOOKNAYAKMEDIA Copy 32 Copy Copy 300x195 एक्स ट्विटर और भारत निर्वाचन आयोग आमने सामने, राजनीतिक पोस्ट हटाने के आदेश पर X ने असहमति जताई, यह कैसी आज़ादी एलन मस्कElon Musk की कंपनी ‘X’ ने कहा, ‘अभिव्यक्ति की आजादी इन पोस्ट्स और सामान्य रूप से सभी राजनीतिक भाषण पर लागू होनी चाहिए। भारत के चुनाव आयोग ने कुछ नेताओं, चुने हुए प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की ओर से किए गए राजनीतिक पोस्ट्स को कार्रवाई करने के लिए ‘X’ को आदेश जारी किए है।’

आदेशों का पालन करते हुए हमने चुनाव की बाकी अवधि तक इन पोस्ट्स को रोक दिया है। इसके आगे इस बारे में कंपनी ने एक बयान में कहा कि हालांकि हम एक्शन से असहमत हैं। एक्स ने कहा कि इस आदेश से जो यूजर्स प्रभावित हुए हैं उन्हें सूचित कर दिया है और पारदर्शिता को देखते हुए टेकडाउन के आदेश को पब्लिश भी किया।

अपनी पोस्ट में एक्स ने लिखा, ‘भारत के चुनाव आयोग ने एक्स को निर्वाचित राजनेताओं, राजनीतिक दलों और कार्यालय के उम्मीदवारों द्वारा शेयर किए गए राजनीतिक भाषण वाले पोस्ट पर कार्रवाई करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किये हैं। आदेशों के अनुपालन में, हमने बाकि चुनाव अवधि के लिए इन पोस्ट को रोक दिया है।

हालाँकि, हम इन कार्रवाइयों से असहमत हैं और मानते हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इन पोस्ट और सामान्य रूप से राजनीतिक भाषण तक होनी चाहिए। हमने प्रभावित उपयोगकर्ताओं को सूचित कर दिया है और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए हम उस आदेश यहां पोस्ट कर रहे हैं। हम चुनाव आयोग से अपील करते हैं कि वे अपने सभी टेकडाउन आदेशों को प्रकाशित करें।’

राजनीतिक पोस्ट हटाने के आदेश पर ‘X’ ने असहमति जताई

”X’ ने चुनाव आयोग के जिस आदेश को शेयर किया है, उसमें उसे 4 सोशल मीडिया पोस्ट्स को हटाने का आदेश दिया गया था। इसमें YSR कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक-एक पोस्ट्स शामिल हैं। आदेश में लिखा है कि इन पोस्ट्स ने कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसने भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के कानूनी आदेशों के अनुपालन में अपनी वेबसाइट से चार पोस्ट हटा दी हैं, लेकिन वह ‘इस कार्रवाई से असहमत है.’

राजनीतिक पोस्ट को हटाने का आदेश

रिपोर्ट के मुताबिक, एक्स की वैश्विक गवर्नेंस मामलों की टीम ने कहा, ‘चुनाव आयोग ने निर्वाचित नेताओं, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की ओर से साझा किए गए राजनीतिक पोस्ट को हटाने का आदेश दिया है। इस आदेश का पालन करते हुए हमने चुनाव अवधि तक इन पोस्ट  पर रोक लगाए रखने का फैसला लिया है। हालांकि हम इस कार्रवाई से असहमत हैं और मानते हैं कि अभिव्यक्ति की आजादी इन पोस्ट और राजनीतिक बयानों पर सामान्य रूप से लागू होनी चाहिए।’

चुनाव आयोग ने इस आदेश के पीछे आदर्श आचार संहिता के भाग 1 के खंड 2 का हवाला दिया है, जो कहता है कि पार्टियों और उम्मीदवारों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के आधार पर राजनीतिक दलों की आलोचना करने से बचना चाहिए। साथ ही ‘असत्यापित आरोप या तोड़-मरोड़ कर पेश की गई बात’ जिनका कोई आधार नहीं है, यह आदेश उन पर भी रोक लगाता है।

आयोग ने पिछले महीने सभी राजनीतिक दलों को इस संबंध में एक एडवाइजरी भी जारी की है , जिसमें राजनीतिक कार्यकर्ताओं से ऐसी ही मांगें की गई थीं। अब, एक्स ने कहा कि वह ‘पारदर्शिता के हित में’ इन पोस्ट को हटाने के आदेश को प्रकाशित कर रहा है और इसकी जानकारी संबंधित उपयोगकर्ताओं (यूजर्स) को भी दे दी गई है। एक्स ने आगे कहा, ‘हम चुनाव आयोग से भी सभी हटाए गए पोस्ट संबंधी आदेशों को प्रकाशित करने का आह्वान करते हैं।’

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने स्वैच्छिक आचार संहिता को मानने की बात

एक्स को एक ईमेल में आयोग ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने स्वैच्छिक आचार संहिता को मानने की बात कही है। जिसके तहत इसे चुनाव आयोग के कानूनी अनुरोधों पर शीघ्र कार्रवाई करने और इसके प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने की जरूरत है।

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इससे पहले एक्स ने फरवरी में कहा था कि सरकार ने कुछ एकाउंट और पोस्ट को हटाने के लिए कहा है। जिसके बाद ये पोस्ट भारत में नहीं दिखेंगे। तब भी एक्स ने कहा था कि सरकार की इस कार्रवाई से सहमत नहीं हैं। लेकिन उनका आदेश मानेगें। आदेशों के अनुपालन में एक्स ने बताया, ‘हम इन सभी एकाउंट और पोस्ट को केवल भारत में ही रोकेंगे। हालांकि, हम इस कार्रवाइयों से असहमत हैं और मानते हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इन पर भी लागू होनी चाहिए।

‘यह कैसी आज़ादी’ एलन मस्क

एक्स ने आगे कहा कि कानूनी प्रतिबंध भारत सरकार के आदेशों को प्रकाशित करने में एक्स की राह में बाधाएं उत्पन्न करते हैं। बावजूद इसके साइट की धारणा है कि इन्हें प्रकाशित किया जाना चाहिए। इसमें यह नहीं बताया गया कि प्रतिबंध क्या थे।

गौरतलब है कि यह पोस्ट देशव्यापी चिंताओं के बीच आया है, जब एक दर्जन से अधिक एक्स एकाउंट, जो किसान संगठनों और यूनियनों के ‘दिल्ली चलो’ विरोध प्रदर्शन से पहले उनके आधिकारिक पेज के रूप में काम करते थे। उन पर भारत में रोक लगा दी गई है।

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