गूगल-यूट्यूब पर 2024 में बीजेपी के 102 करोड़ के विज्ञापन, लोकसभा चुनाव 2019 में BJP ने खर्च किए 27 हजार करोड़

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 27 अप्रैल 2024 | जयपुर – दिल्ली – मुंबई : भाजपा गूगल और यूट्यूब पर विज्ञापन के लिए 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने वाली पहली भारतीय पॉलिटिकल पार्टी बन गई है। गूगल की विज्ञापन ट्रांसपेरैंसी रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मई 2018 से 25 अप्रैल 2024 तक भाजपा ने 102 करोड़ रुपए विज्ञापन के लिए खर्च किये हैं।

गूगल-यूट्यूब पर 2024 में बीजेपी के 102 करोड़ के विज्ञापन

MOOKNAYAKMEDIA 48 300x195 गूगल यूट्यूब पर 2024 में बीजेपी के 102 करोड़ के विज्ञापन, लोकसभा चुनाव 2019 में BJP ने खर्च किए 27 हजार करोड़पिछले पांच सालों में पब्लिश्ड गूगल विज्ञापन में भाजपा का हिस्सा करीब 26% है। इस दौरान कुल 390 करोड़ रुपए के पॉलिटिकल विज्ञापन पब्लिश हुए हैं। इस दौरान कुल 2.17 लाख ऑनलाइन ऐड दिए गए हैं। इनमें से कुल 1.61 लाख ऐड (73%) राजनीतिक विज्ञापन कैटेगरी के तहत भाजपा के थे।

भाजपा ने कर्नाटक में सबसे ज्यादा 10.8 करोड़ रुपए के विज्ञापन दिये हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के लिए पार्टी ने 10.3 करोड़, राजस्थान के लिए 8.5 करोड़ और दिल्ली के लिए 7.6 करोड़ रुपए के विज्ञापन दिए हैं। वहीं, लोकसभा चुनाव 2024 के पहले और दूसरे फेज के दौरान (19 से 25 अप्रैल तक) भाजपा से ज्यादा खर्च कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस ने 5.7 करोड़ रुपए, जबकि भाजपा ने 5.3 करोड़ खर्च किए हैं।

कांग्रेस ने सबसे ज्यादा विज्ञापन साउथ के राज्यों में दिए

रिपोर्ट में कहा गया है कि 5992 ऑनलाइन ऐड के साथ कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही। पार्टी ने इन विज्ञापनों पर 45 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। जो भाजपा के ​ऐड का सिर्फ 3.7% है। इसके विज्ञापन अभियान मुख्य रूप से कर्नाटक और तेलंगाना (प्रत्येक पर 9.6 करोड़ रुपए से अधिक खर्च) और मध्य प्रदेश (6.3 करोड़ रुपए) पर केंद्रित थे।

रिपोर्ट के तीन महत्वपूर्ण पॉइंट्स

  • तीसरे स्थान पर तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK है। इसने 2018 से अब तक ऑनलाइन ऐड पर 42 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें इस साल फरवरी से राजनीतिक सलाहकार फर्म पॉपुलस एम्पावरमेंट नेटवर्क द्वारा उसकी ओर से खर्च किए गए 16.6 करोड़ रुपए भी शामिल हैं।
  • तमिलनाडु के बाहर DMK ने कर्नाटक और केरल में डिजिटल विज्ञापनों पर 14 लाख रुपए और 13 रुपए खर्च किए।
  • चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी ने अलग-अलग पार्टियों के लिए 11.2 करोड़ रुपए के विज्ञापन दिए हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 में BJP ने खर्च किए 27 हजार करोड़

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान सबसे ज्यादा पैसे खर्च करने का भी बीजेपी ने रिकॉर्ड बनाया है। इस चुनाव में कुल 60 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए, जिसमें अकेले बीजेपी ने 27 हजार करोड़ रुपए फूंक दिए। कुल खर्च का 45 प्रतिशत हिस्सा अकेले बीजेपी ने खर्च किए हैं। इस चुनाव को दुनिया का अब तक का सबसे महंगा चुनाव भी बताया जा रहा है।

राजनीतिक दलों द्वारा डिजिटल स्पेस के महत्व को पहचानने के साथ, इस वर्ष ऑनलाइन विज्ञापन खर्च नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजनीतिक दलों में सबसे अधिक खर्च करने वाली पार्टी बन गई है, जिसका हालिया खर्च 23.04 करोड़ रुपये है। इसमें Google पर 107,718 विज्ञापनों के लिए 19.13 करोड़ रुपये और मेटा पर 3.91 करोड़ रुपये शामिल हैं।

Google पर खर्च किए गए INR 19.13 करोड़ में से, 23.2% (INR 4.43 करोड़) छवि विज्ञापनों के लिए और 76.8% (INR 14.7 करोड़) वीडियो विज्ञापनों के लिए आवंटित किया गया था, जो इंटरनेट उपयोगकर्ताओं द्वारा पसंद किए जाते हैं।

Logo357 300x300 गूगल यूट्यूब पर 2024 में बीजेपी के 102 करोड़ के विज्ञापन, लोकसभा चुनाव 2019 में BJP ने खर्च किए 27 हजार करोड़भाजपा का सबसे अधिक खर्च तमिलनाडु में 2.75 करोड़ रुपये था, साथ ही राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी महत्वपूर्ण राशि खर्च की गई, जो 0.13 करोड़ रुपये से 2.16 करोड़ रुपये के बीच थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में खर्च किए गए 15.87 करोड़ रुपये की तुलना में, इस साल के खर्च में 200% से अधिक की वृद्धि हुई है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) दूसरी सबसे अधिक खर्च करने वाली कंपनी है, जिसने 3,062 विज्ञापनों में 16.07 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और केरल को लक्षित करते हैं। उनके कुल खर्च में से 20.3% छवियों पर और 79.7% वीडियो पर था।

इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्मों पर लघु वीडियो की बढ़ती खपत के साथ, वीडियो प्रारूप सबसे प्रभावशाली बने हुए हैं। अन्य प्लेटफार्मों की तुलना में Google ने राजनीतिक विज्ञापनों पर सबसे अधिक खर्च देखा है, अकेले पिछले महीने में 121,719 विज्ञापनों पर 62.64 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो साल-दर-साल लगभग 92% की वृद्धि दर्शाता है।

पिछले साल गूगल पर राजनीतिक विज्ञापन खर्च 32.64 करोड़ रुपये था। सामाजिक-राजनीतिक अनुसंधान संगठन, पॉपुलस एम्पावरमेंट नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड जैसी अन्य संस्थाएं भी महत्वपूर्ण डिजिटल खर्च करने वाली हैं, जो पिछले 30 दिनों में 7,804 विज्ञापनों पर 14.41 करोड़ रुपये के साथ Google पर तीसरी सबसे अधिक खर्च करने वाली कंपनी है।

भारत में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच को देखते हुए राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल विज्ञापन जरूरी है। जनवरी तक, भारत में 751 मिलियन से अधिक सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जो इसे चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार बनाता है। किफायती और आकर्षक डेटा प्लान के कारण ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है।

राजनीतिक दल अपनी डिजिटल रणनीतियों को परिष्कृत करने और अपने संदेश को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया और प्रभावशाली लोगों का लाभ उठा रहे हैं। इसमें मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए लक्षित संदेश, मीम्स और वीडियो बनाना शामिल है।

विज्ञापन उद्योग के विशेषज्ञों का सुझाव है कि डिजिटल राजनीतिक विज्ञापन सटीक लक्ष्यीकरण की अनुमति देते हैं, पार्टियों को क्षेत्रीय भाषाओं और मतदान चरणों के आधार पर अपने संदेश को अनुकूलित करने के लिए सशक्त बनाते हैं।

विशिष्ट दर्शकों तक पहुंचने के लिए व्हाट्सएप, मेटा (फेसबुक), इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे चैनलों का उपयोग किया जाता है। 2014 के बाद से हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए, बड़ी आबादी तक सीधे पहुंचने की इसकी क्षमता को देखते हुए, डिजिटल विज्ञापन राजनीतिक दलों के लिए अपरिहार्य हो गया है। ऑनलाइन कैंपेन के जरिए वोटर्स को लुभाने की कोशिश की। पहले फेज के चुनाव से पहले पार्टियों ने ऑनलाइन विज्ञापनों के मद में 36.5 करोड़ रुपए खर्च कर दिये।

Google विज्ञापनों पर कांग्रेस ने खर्चे 12 करोड़

खर्च के विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने Google विज्ञापनों पर 14.7 करोड़ रुपये खर्च किए। BJP पहले चरण के चुनाव से पहले डिजिटल प्रसार करने के मामले में सबसे आगे रही। वहीं, कांग्रेस और उसके सहयोगी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने Google एड्स के जरिए वोटरों को लुभाने पर 12 करोड़ रुपए खर्च किए। बीजेपी ने जहां अपने गूगल पर कुल विज्ञापनों का 81 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया, वहीं कांग्रेस ने इस प्लेटफॉर्म पर अपने डिजिटल प्रचार मद का 78 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया।

डिजिटल प्रचार पर खर्च में पीछे नहीं YSR कांग्रेस

दिलचस्प बात यह है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी कुल ऑनलाइन विज्ञापन खर्च में तीसरे स्थान पर है। YSR कांग्रेस ने भी मुख्य रूप से Google और Meta Platform के जरिए डिजिटल प्रचार पर जोर दिया। इसके साथ ही ममता बनर्जी की अगुवाई वाली TMC, ओडिशा के सीएम नवीन पटनाइन की अगुवाई वाली  BJD और टीडीपी पार्टी ने भी जमकर डिजिटल प्रचार किया।

YouTube विज्ञापन पर किसने बहाया कितना पैसा

विज्ञापन रणनीतियों पर करीब से नजर डालने पर पता चलता है कि बीजेपी ने अपने डिजिटल प्रचार बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, लगभग 9.5 करोड़ रुपये, केवल YouTube विज्ञापन पर खर्च किया है। कांग्रेस ने YouTube एड्स पर 7.4 करोड़ रुपए, डीएमके ने 6.8 करोड़ रुपए और वाईएसआर कांग्रेस ने 2.4 करोड़ रुपए खर्च किए। दूसरी पार्टियों ने भी टेक सेवी और युवाओं को टारगेट करने के मकसद से YouTube विज्ञापनों पर मोटी रकम खर्च की।

पार्टियों ने कुछ यूं मैनेज किया अपना ऑनलाइन कैंपेन

ऑनलाइन विज्ञापन के लिए आउटसोर्सिंग के जरिए पैसे खर्च किए गए। अपने ऑनलाइन कैंपेन को मैनेज करने के लिए राजनीतिक पार्टियों ने पेशेवर एजेंसियों को काम पर रखा। डीएमके के लिए डिजिटल प्रचार का कैंपेन डिजाइन करने, किस प्लेटफॉर्म पर कितनी रकम खर्च की जानी है, इसकी रणनीति बनाने की जिम्मेदारी पॉपुलस एम्पाॅवरमेंट नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने निभाई। वहीं, टीएमसी और वाइएसआर कांग्रेस ने इस काम करने के लिए I-PAC काे हायर किया।

अब जानिए किन मुद्दों पर रहा पार्टियों का फोकस

इसके अलावा, राजनीतिक विज्ञापनों ने खास मुद्दों और एक विशेष वोटर वर्ग को टारगेट किया। भाजपा ने मोदी सरकार की उपलब्धियों, युवा सशक्तिकरण, विकास पहल, राम मंदिर मुद्दा और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर जोर दिया।

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इसके विपरीत, कांग्रेस ने अपने विज्ञापनों में बेरोजगारी, नौकरी की सुरक्षा, अपने घोषणापत्र के वादे, विकास, लीक हुए दस्तावेजों और किसानों से जुड़े मुदों के जरिए वोटरों को जाेड़ने की कोशिश की। द्रमुक ने अपना ऑनलाइन कैंपेन संविधान को बीजेपी से बचाने, भारत की रक्षा करने, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की नीतियों को बढ़ावा देने और “द्रविड़ मॉडल” को अन्य राज्यों में फैलाने पर केंद्रित किया।

किस पार्टी ने किया कितना खर्च

पार्टी का नाम खर्च (करोड़ रुपए में)    प्लेटफॉर्म
भारतीय जनता पार्टी (BJP) 14.7 गूगल, यूट्यूब
कांग्रेस 12.0 गूगल, यूट्यूब
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) 12.0 गूगल, यूट्यूब
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी 2.8 गूगल, मेटा प्लेटफार्म
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