गुर्जर आंदोलन की आड़ में कर्नल बैंसला की पुत्र को राजनीति में लाने की तैयारी,मलारनाडूंगर पर महापंचायत

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || अक्टूबर 05, 2020 || जयपुर : कोरोना काल में जहाँ अभी राज्य सरकार डूंगरपुर उग्र आंदोलन से पूरी तरह उभरी नहीं है। वहीं इसी बीच एक और आदोंलन की तैयारी ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। ये है गुर्जर आंदोलन। जी हाँ, राजस्थान में एक बार फिर गुर्जर आंदोलन शुरू हो सकता है। एक बार फिर गुर्जरों ने गुर्जर आरक्षण के लिए आंदोलन की हुंकार भर ली है। इस संबंध में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रमुख कर्नल किरोडी सिंह बैंसला ने सीधे संकेत भी दे दिये हैं। वहीं सरकार को भी बैंसला ने साफतौर पर आंदोलन की अल्टीमेटम दे दिया है।

सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर पर महापंचायत आपको बता दें कि आरक्षण ना मिलने से बैसला काफी नाराज है। उन्होंने यह जानकारी दी है कि 17 अक्टूबर को सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में महापंचायत होगी, वहीं से आंदोलन का बिगुल बज सकता है। बैसला ने कहना है कि समाज ने सरकार को माँगें पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया था जो 27 सितंबर को पूरा हो गया। अब न्यौता नहीं, लेंगे नियुक्तियाँ बैसला ने सरकार को सीधे शब्दों में चुनौती देते हुए कहा कि इस बार हम न्यौते से नहीं नियुक्तियों से मानेंगे। पौने दो साल से सरकार से समझौते की पालना कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक हमारे मुद्दों को सॉल्व नहीं किया गया। अब समाज में आक्रोश है। समाज चुप नहीं बैठेगा। मेरा सरकार से अनुरोध है कि सरकार जल्द से जल्द इस मामले में फैसला लें। हम सरकार को आश्वासन है कि पूरा सहयोग करेंगे पर हमें न्याय मिलना चाहिए। अन्यथा मुझे ऐसा दिख रहा है कि आंदोलन निश्चित है। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की पुत्र विजय सिंह को राजनीती में लाँच करने की तैयारी राजस्थान में एक बार फिर गुर्जर आंदोलन (Gurjar Agitation Again in Rajasthan) शुरू हो सकता है। इस संबंध में आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने संकेत दे दिये हैं। साथ ही 17 अक्टूबर को सवाई माधोपुर में महापंचायत जुटाने का फैसला भी लिया है। सूत्रों का कहना है कि गुर्जर आंदोलन की आड़ में कर्नल बैंसला अपने पुत्र विजय सिंह बैंसला को राजनीतिक प्लेटफ़ॉर्म देने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। ये पहली बार नहीं है जब कर्नल किरोड़ी बैंसला सियासी मैदान में उतरकर अपनी ताकत घोक रहे हैं, बल्कि इससे पहले भी वह चुनाव लड़ चुके हैं। किरोडी सिंह बैंसला 2009 में सवाई माधोपुर सीट से बीजेपी के लिए लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि इसमें उन्हें हार झेलनी पड़ी थी, इससे पहले भी वह जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार कर्नल बैंसला की तो दूसरी पारी होगी, लेकिन उनके बेटे यानि विजय बैंसला की ये पहली सियासी पारी है।

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