NTA ने UGC-NET परीक्षा की तारीख में बदलाव, 18 जून को सिंगल शिफ्ट में होगा UGC-NET एग्जाम, 10 मई तक कैंडिडेट्स अप्लाय करें

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 30 अप्रैल 2024 | जयपुर – दिल्ली – पटना : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने UGC-NET परीक्षा की तारीख में एक बार फिर बदलाव कर दिया है। UPSC प्रीलिम्‍स से हो रही थी डेट क्‍लैश नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने UGC-NET परीक्षा की तारीख में बदलाव कर दिया है। 16 जून 2024 (रविवार) को निर्धारित यह परीक्षा अब 18 जून 2024 (मंगलवार) को होगी। UGC चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर के नई तारीख की जानकारी दी।

NTA ने UGC-NET परीक्षा की तारीख में बदलाव

MOOKNAYAKMEDIA 4 300x195 NTA ने UGC NET परीक्षा की तारीख में बदलाव, 18 जून को सिंगल शिफ्ट में होगा UGC NET एग्जाम, 10 मई तक कैंडिडेट्स अप्लाय करेंएम जगदीश कुमार के ट्वीट के मुताबिक ‘NTA और UGC ने कैंडिडेट्स से मिले फीडबैक के आधार पर तय किया है कि 16 जून को होने वाली UGC नेट की परीक्षा को 18 जून 2024 को होगी।’ NTA एक ही दिन में पूरे भारत में OMR मोड में UGC-NET परीक्षा करेगी। UGC-NET की परीक्षा का टकराव UPSC की प्रीलिम्स परीक्षा के साथ हो रहा था, जिस कारण NTA ने इसके शेड्यूल में बदलाव किया गया है।

10 मई तक कैंडिडेट्स अप्लाय करें

20 अप्रैल से UGC-NET के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस जारी है। 10 मई एप्लीकेशन सब्मिट करने की लास्ट डेट है। एप्लीकेशन फीस जमा करने की लास्ट डेट 11 मई है। जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) या असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए एलिजिबल कैंडिडेट्स इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन अप्लाय कर सकते हैं।

UGC बदल चुका है PHd एडमिशन के नियम

अब 4 साल का ग्रेजुएशन पूरा करके ही स्‍टूडेंट्स ही PhD कर सकेंगे और NET एग्‍जाम दे सकेंगे। इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानी UGC के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने दी है।

ग्रेजुएशन में 75% मार्क्‍स लाने जरूरी होंगे

नए नियम के मुताबिक अब जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के साथ या उसके बिना PHd करने के लिए उम्मीदवारों को अपने चार साल के ग्रेजुएशन में कम से कम 75% नंबर लाने होंगे। अभी तक NET के लिए उम्मीदवार को कम से कम 55% मार्क्‍स के साथ मास्टर्स डिग्री की जरूरत होती थी।

अब स्‍टूडेंट्स ग्रेजुएशन में भी 75% मार्क्‍स स्‍कोर करके NET और PHd कर सकेंगे। जिन कैंडिडेट्स ने 3 साल का ग्रेजुएशन किया है या ग्रेजुएशन में 75% से कम मार्क्स हैं, वे पहले की तरह 55% स्‍कोर के साथ मास्‍टर्स करके NET-PHd कर सकेंगे।

ग्रेजुएशन के सब्जेक्ट से अलग सब्जेक्ट में भी दे सकेंगे NET

इस बारे में बात करते हुए यूजीसी चेयरमैन ने कहा – अब चार साल की ग्रेजुएट डिग्री वाले उम्मीदवार सीधे पीएचडी कर सकते हैं और NET दे सकते हैं। इसके अलावा स्‍टूडेंट्स को किसी भी सब्‍जेक्‍ट के लिए NET एग्‍जाम देने की अनुमति होगी चाहे ग्रेजुएशन में किसी दूसरे स्‍ट्रीम की पढ़ाई की हो।’

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इसका मतलब है कि ग्रेजुएशन में पढ़े सब्‍जेक्‍ट्स में ही NET एग्‍जाम देना जरूरी नहीं होगा। उन्‍होंने आगे कहा कि अब PHd या NET के लिए 4 साल या 8 सेमेस्टर के ग्रेजुएट डिग्री कोर्स में पास होने वाले उम्मीदवारों के पास कुल मिलाकर कम से कम 75% मार्क्‍स या उसके समकक्ष ग्रेड होना चाहिए।

image 1714394530 NTA ने UGC NET परीक्षा की तारीख में बदलाव, 18 जून को सिंगल शिफ्ट में होगा UGC NET एग्जाम, 10 मई तक कैंडिडेट्स अप्लाय करें
यूजीसी चेयरमैन एम जगदीश कुमार का ट्वीट

आरक्षित कैंडिडेट्स को मिल सकती है 5% मार्क्‍स की छूट

UGC के फैसले के अनुसार SC,ST,OBC (नॉन-क्रीमी लेयर), दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए 5% की छूट दी जा सकती है। हालांकि, इस पर अभी UGC ने फैसला नहीं लिया है। नया नियम कब से लागू होगा इसकी जानकारी UGC के आधिकारिक नोटिस में दी जाएगी।

बीते दिनों UGC ने 2024-25 सेशन से PhD एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्‍ट यानी NET स्‍कोर कंपल्सरी कर दिया था। इससे पहले तक PhD कोर्सेज में दाखिले के लिए यूनिवर्सिटीज अलग-अलग एडमिशन टेस्‍ट आयोजित करते हैं। ऐसे में नई व्‍यवस्‍था से अब PhD कैंडिडेट्स को एडमिशन के लिए एक से ज्‍यादा एग्‍जाम्स नहीं देने होंगे।

ये फैसला NEP 2020 के तहत लिया गया है। 13 मार्च को आयोजित UGC की 578वीं बैठक में ये फैसला लिया गया। इसका सुझाव एक एक्‍सपर्ट कमेटी द्वारा दिया गया था। हालांकि, PhD एडमिशन के लिए, मेरिट लिस्‍ट बनाने में UGC NET स्कोर को 70 प्रतिशत और इंटरव्‍यू को 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।

CUET-UG और UGC-NET जैसे एग्जाम के पैटर्न में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। हाल ही में UGC चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने कहा है कि अब हर सब्जेक्ट के लिए एक सिंगल शिफ्ट में एक ही दिन एग्जाम कंडक्ट कराया जाएगा। इससे स्कोर नॉर्मलाइजेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अब तक अलग-अलग दिन और अलग-अलग शिफ्टों में एग्जाम होने की वजह से स्कोर को नॉर्मलाइज करने के बाद रिजल्ट डिक्लेयर करने के लिए एक कॉमन मेरिट लिस्ट बनाई जाती थी।

15 से 24 मई के बीच हाइब्रिड मोड में होगा CUET-UG एग्जाम

इस साल 15 से 24 मई के बीच CUET-UG एग्जाम होंगे। इस बार 7 दिनों के अंदर 16 शिफ्ट्स में टोटल 63 सब्जेक्ट्स में हाइब्रिड मोड में एग्जाम लिए जाएंगे। इसका मतलब है कि CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) और पेन-पेपर मोड दोनों तरीके से एग्जाम कंडक्ट कराए जाएंगे। 48 सब्जेक्ट्स में ऑनलाइन CBT मोड में एग्जाम लिया जाएगा जबकि 15 सब्जेक्ट्स में पेन-पेपर मोड में ये एग्जाम होगा। दिसंबर 2018 से अब तक UGC-NET CBT मोड में ऑनलाइन होता आ रहा था। जून 2024 सेशन में होने वाला एग्जाम पेन पेपर मोड में लिया जाएगा।

टोटल नंबर ऑफ स्टूडेंट्स और क्वेश्चन पेपर की डिफिकल्टी से होता है नॉर्मलाइजेशन

दरअसल, अलग-अलग सेशन में एग्जाम देने वाले टोटल नंबर ऑफ स्टूडेंट्स और क्वेश्चन पेपर के डिफिकल्टी लेवल के बेसिस पर स्कोर को नॉर्मलाइज किया जाता है। दरअसल, लंबे समय से स्टूडेंट्स का एक हिस्सा नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ था। कुछ स्टूडेंट्स का मानना था कि इससे उनके स्कोर पर खराब असर पड़ता है। हालांकि, UGC ने साफ किया है कि नॉर्मलाइजेशन एक साइंटिफिक प्रोसेस है और इससे रिजल्ट जारी करने में आसानी होती है।

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पेन पेपर मोड में एग्जाम होने से एग्जाम सेंटर बनाने में आसानी होगी: UGC चेयरमैन

UGC चेयरमैन ने ये भी कहा कि इस साल एग्जाम ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन (OMR) शीट में मल्टीप्ल चॉइस क्वेश्चन के फॉर्मेट में एग्जाम लिए जाएंगे। इससे एक ही दिन सिंगल शिफ्ट में एग्जाम कराना आसान हो जाएगा। इसके अलावा पेन पेपर मोड में टेस्ट होने से देश के पिछड़े इलाकों तक एग्जाम सेंटर बनाए जा सकेंगे और ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स एग्जाम दे पाएंगे।

CUET-UG के सब्जेक्ट्स में 1 लाख से ज्यादा एप्लिकेशन होने पर पेन पेपर मोड में होगा एग्जाम

एजुकेशन टाइम्स से बात करते हुए UGC चेयरमैन ने कहा CUET-UG एग्जाम में जिन सब्जेक्ट्स में 1 लाख से ज्यादा एप्लिकेशन हों, उन सब्जेक्ट्स का एग्जाम OMR टेक्नोलॉजी की मदद से पेन-पेपर मोड में लिया जाएगा। वहीं, जिन सब्जेक्ट्स में 1 लाख से कम एप्लिकेशन हों उनका एग्जाम CBT मोड में कंडक्ट कराया जा सकता है। जगदीश कुमार ने कहा- एग्जाम किसी भी मोड में हो, इससे एग्जाम के स्कोर और एसेसमेंट पैटर्न पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दोनों मोड में क्वेश्चन पेपर में MCQ टाइप क्वेश्चन ही होंगे।

18 जून को सिंगल शिफ्ट में होगा UGC-NET एग्जाम

UGC-NET का एग्जाम भी एक ही दिन सिंगल शिफ्ट में कराया जाएगा। इससे ओवरऑल टेस्टिंग विंडो कम होगा और एग्जाम कंडक्ट कराने की प्रोसेस आसान हो जाएगी। पेन-पेपर मोड में टेस्ट होने से कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम सेंटर बनाने की जरूरत नहीं होगी और ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स एग्जाम दे सकेंगे। UGC चेयरमैन ने बताया कि इस साल UGC देश भर में यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों के साथ खासतौर पर कोलैब भी किया है।

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