लोकतंत्र की हत्या के लिए कैंडिडेट कैप्चरिंग बीजेपी का नया हथकंडा, सूरत के बाद इंदौर में भी कांग्रेस प्रत्याशी की कैप्चरिंग

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 30 अप्रैल 2024 | जयपुर – दिल्ली – इंदौर : MP के इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने पर्चा वापस ले लिया। इसके बाद उन्होंने भाजपा जॉइन कर ली। अक्षय नामांकन वापस लेने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। अब इंदौर लोकसभा सीट पर भाजपा के शंकर लालवानी समेत 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।

लोकतंत्र की हत्या के लिए कैंडिडेट कैप्चरिंग बीजेपी का नया हथकंडा

MOOKNAYAKMEDIA 5 300x195 लोकतंत्र की हत्या के लिए कैंडिडेट कैप्चरिंग बीजेपी का नया हथकंडा, सूरत के बाद इंदौर में भी कांग्रेस प्रत्याशी की कैप्चरिंगभाजपा बचे हुए उम्मीदवारों के नामांकन वापस कराकर निर्विरोध जीत हासिल करना चाहती है। हालांकि 23 में से 9 ही उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ‘इससे पहले बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं होती थीं, लेकिन अब तो प्रत्याशियों का कैप्चरिंग, उनका हरण हो रहा है।’

इंदौर लोकसभा सीट से बतौर कांग्रेस प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने वाले अक्षय कांति बम ने सोमवार को पर्चा वापस ले लिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ अक्षय कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। नामांकन वापस लेने के बाद उन्होंने भाजपा भी जॉइन कर ली।

बम की नाम वापसी होते ही भाजपा ने ऑपरेशन सूरत-2 पर काम शुरू कर दिया। प्लान था कि गुजरात की सूरत लोकसभा सीट की तरह बचे हुए उम्मीदवारों के नामांकन वापस कराकर इंदौर में निर्विरोध जीत हासिल की जाए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में दोपहर 3 बजे तक माथापच्ची चलती रही लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। 23 में से 9 ही उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए। अब इंदौर लोकसभा सीट पर भाजपा के शंकर लालवानी समेत 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।

अचानक इंदौर पहुंचे सीएम डॉ. यादव

सीएम डॉ. मोहन यादव सोमवार रात अचानक इंदौर पहुंचे। यहां आने के लिए उन्होंने अपने तय कार्यक्रम निरस्त कर दिए। जिस समय अक्षय कांति बम ने भाजपा जॉइन की तब सीएम झारखंड में चुनाव प्रचार कर रहे थे। यहां से वे भोपाल जाने वाले थे, लेकिन अपना शेड्यूल बदलकर वे झारखंड से सीधे इंदौर पहुंचे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर तो आए, लेकिन आचार संहिता के चलते ज्यादा बोल न सके और उन्होंने भाषण भी नहीं दिया। वे रात करीब 10 के बाद भाजपा कार्यालय पहुंचे और अक्षय कांति बम को गले लगाया। वहीं पार्षद शिवम यादव और विनीता मौर्य का स्वागत भी किया।

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सीएम डॉ. यादव के साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी और अक्षय कांति बम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन कांग्रेसी नेताओ को दिलवाई भाजपा की सदस्यता

1 डॉ. अक्षय कांति बम – लोकसभा इन्दौर प्रत्याशी कांग्रेस 2 राजा मंधवानी – विधानसभा क्षेत्र क्र 4 के कांग्रेस विधायक प्रत्याशी 3 सुनिल चौधरी – आप पार्टी विधानसभा प्रत्याशी महू 4 तत्सम भटट – युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष 5 अनूप शुक्ला – कांग्रेस शहर महामंत्री 6 संजय पालीवाल – पूर्व महासचिव शहर कांग्रेस 7 शिवम यादव – कांग्रेस पार्षद वार्ड 17 8. मुकेश झांझोट (पंक्षी) – प्रदेश सचिव कांग्रेस 9. सलीम पठान – शहर कांग्रेस महामंत्री 10 श्रीमती विनिता धर्मेंद्र मोर्य – कांग्रेस पार्षद वार्ड क्र 23 11 उज्जवल मोटवानी – प्रदेश अध्यक्ष दिव्यांग प्रकोष्ठ मप्र कांग्रेस 12 अनमोल यादव – युवा कांग्रेस के महासचिव शहर 13 धनमोल यादव – शहर युवा कांग्रेस के महासचिव 14 मनी सेंगर – एनएसयूआई महासचिव शहर 15 विनिता पाठक – एडवोकेट 16 सुरजसिंह गोड़ाना – फारेस्ट रिटायर अधिकारी 17 केशव यादव – शहर युवा कांगेस महामंत्री 18 पीयूष सोलंकी – एनएसयूआई महासचिव शहर 19 शेखर वर्मा – कांग्रेस महासचिव सुनकर खटीक समाज के अध्यक्ष 20 अश्विन वर्मा – कांग्रेस महासचिव 21 अशोक जायसवाल – पूर्व कांग्रेस महामंत्री

नाम वापसी पर भड़के निर्दलीय उम्मीदवार, कहा- हमने नाम वापस नहीं लिया

निर्दलीय उम्मीदवार व पूर्व सैनिक धर्मेंद्र सिंह झाला और दिलीप ठक्कर ने कहा, ‘हम दोनों के फर्जी साइन करके नाम वापसी करा ली गई है। हमने वीडियोग्राफी दिखाने की मांग की है।’ एक और निर्दलीय प्रत्याशी लीलाधर चौहान ने कहा, ‘मैंने फॉर्म उठाया ही नहीं। यह जानकारी आपको किसने दी? मैं तो गया ही नहीं, ये कैसे हो गया?’ ठक्कर और झाला ने कलेक्टर कार्यालय में धरना भी दिया।

कलेक्टर ने कहा- प्रक्रिया का पालन किया

वहीं, कलेक्टर आशीष सिंह ने मूकनायक मीडिया से कहा, ‘नियम है कि प्रत्याशी स्वयं, उनके प्रस्तावक या एजेंट में से कोई भी आकर नाम वापस ले सकता है। इस मामले में प्रस्तावक ने नाम वापस लिया है। फॉर्म में संबंधित प्रत्याशी धर्मेंद्र सिंह झाला के भी साइन हैं, जो सामान्यत: सही प्रतीत होते हैं। हैंड राइटिंग चेक करने की हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है।

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यदि उन्हें कोई संशय है तो कोर्ट में ही चैलेंज किया जा सकता है। हमने प्रक्रिया का पालन किया है, पूरी वीडियोग्राफी कराई गई है।’ प्रियंका गांधी के साथ अक्षय कांति बम। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2023 में इंदौर-4 सीट से टिकट मांगा था, तब हाईकमान ने इंतजार करने के लिए कहा था।

सूरत के बाद इंदौर में भी कांग्रेस प्रत्याशी की कैप्चरिंग

भाजपा ने सूरत के बाद इंदौर में भी कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। गुजरात के सूरत की तरह ही मध्य प्रदेश के इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम ने सोमवार को बड़ा सियासी बम फोड़ा। उन्होंने नाम वापसी के अंतिम दिन 29 अप्रैल को अपना पर्चा वापस ले लिया। साथ ही वे चुनाव मैदान से बाहर हो गए और अब भाजपा में शामिल हो गए. इंदौर में 13 मई को चुनाव होना है. ऐसे में चुनाव से 15 दिन पहले ही कांग्रेस इंदौर के चुनावी मैदान से बाहर हो गई है।

new project 1714376524 लोकतंत्र की हत्या के लिए कैंडिडेट कैप्चरिंग बीजेपी का नया हथकंडा, सूरत के बाद इंदौर में भी कांग्रेस प्रत्याशी की कैप्चरिंगपटवारी बोले- अक्षय को धमकाया, यातना दी

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘इंदौर में लोकतंत्र का चीर हरण हुआ है। भाजपा खास तौर पर नरेंद्र मोदी के राज में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। इससे पहले बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं होती थीं लेकिन अब तो प्रत्याशियों का कैप्चरिंग, उनका हरण हो रहा है। इंदौर शहर के हित में जो निर्णय होगा, कल शाम तक आपको बताएंगे। कांग्रेस लोकतंत्र को और जनता को जिंदा रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करेगी।’

इससे पहले उन्होंने सोमवार सुबह ग्वालियर में कहा, ‘अक्षय कांति बम पर तीन दिन पहले एक पुराने मामले में 307 की धारा बढ़वाई गई। डराया गया। धमकाया गया। रातभर यातना दी गई। आज उसको साथ ले जाकर फॉर्म वापस निकलवा लिया गया। इंदौरवासियों, ये मैसेज है कि आपको वोट के अधिकार का इस्तेमाल नहीं करना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि आपको अगर लोकतंत्र में विश्वास है तो इस तानाशाही के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा।’

पीसीसी चीफ ने ये बात ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले करैरा कस्बे में कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण पाठक के समर्थन में ली गई जनसभा में कही।

विजयवर्गीय ने होटल में की पूरी प्लानिंग

सूत्रों के अनुसार, मंत्री विजयवर्गीय ने हाईकमान को भरोसे में लेकर एक होटल में इसकी प्लानिंग की। अक्षय ने नाम वापसी पर अनहोनी की आशंका जताई। कहा- कांग्रेसी बवाल कर देंगे। इसके बाद प्लान में भाजपा विधायक रमेश मेंदोला की भी एंट्री कराई गई। अक्षय को फॉर्म वापस लेने भी मेंदोला के साथ भेजा, विजयवर्गीय खुद बाहर डटे रहे। फिलहाल, अक्षय कांति बम के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंत्री विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम का भाजपा में स्वागत है।’

अक्षय पर हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाई गई थी

अक्षय कांति बम पर 3 अलग-अलग केस चल रहे हैं। 3 दिन पहले एक केस में उनके खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) बढ़ाई गई थी। यह मामला 17 साल पुराना है। उधर, अक्षय ने भाजपा जॉइन करने के बाद मीडिया से सिर्फ इतना ही कहा, ‘मैं राष्ट्र हित, देश प्रेम और सनातन धर्म के प्रचार के लिए भाजपा में शामिल हुआ हूं। मैं शुरू से इसी रास्ते पर चला हूं।’

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