जलजीवन मिशन के 900 करोड़ के घोटाले में ED-ACB के बाद सीबीआई की एंट्री, एक्सईएन-जेईएन घूस लेते पकड़े गए थे, पूर्व मंत्रियों और ब्यूरोक्रेट्स पर उठी थीं अंगुलियां

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 08 मई 2024 | जयपुर – दिल्ली – जगतपुरा प्रोजेक्ट : जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) में करोड़ों के फर्जीवाड़े (Scam) में अब राजस्थान सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने जलदाय विभाग के एक्स ईएन विशाल सक्सेना, श्याम ट्यूबेल कम्पनी के प्रोप्राइटर पद्म चंद जैन, गणपति ट्यूबेल कंपनी शाहपुरा के प्रोप्राइटर महेश मित्तल के अलावा अज्ञात सरकारी और गैर सरकारी लोगों को भी शामिल माना है। ये सभी पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी (Mahesh Joshi) के नजदीकी बताए जाते हैं।

900 करोड़ के जलजीवन मिशन घोटाले में अब सीबीआई की एंट्री हो गई है। सीबीआई ने सरकार की सिफारिश पर मामला दर्ज किया है। प्रकरण फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर टेंडर लेने से जुड़ा है। जलदाय विभाग के एक्सईएन विशाल सक्सेना, श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी के प्रोपराइटर पदमंचद जैन, श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी शाहपुरा के प्रोपराइटर महेश मित्तल शामिल हैं।

जलजीवन मिशन के 900 करोड़ के घोटाले में ED-ACB के बाद सीबीआई की एंट्री

MOOKNAYAKMEDIA 48 300x196 जलजीवन मिशन के 900 करोड़ के घोटाले में ED ACB के बाद सीबीआई की एंट्री, एक्सईएन जेईएन घूस लेते पकड़े गए थे, पूर्व मंत्रियों और ब्यूरोक्रेट्स पर उठी थीं अंगुलियांसीबीआई ने एफआईआर में अज्ञात सरकारी एवं गैर सरकारी लोगों को भी शामिल माना है। बताया जा रहा है कि यह सभी पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के नजदीकी हैं। सरकार ने 18 मार्च को जांच सीबीआई से करवाने की सिफारिश की थी। 3 मई को सीबीआई ने षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। ईडी पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के यहां भी छानबीन कर चुकी है।

एक्सईएन, जेईएन घूस लेते पकड़े गए थे

एसीबी ने 6 अगस्त को एक्सईएन मायालाल सैनी और जेएईएन प्रदीप कुमार को पदम चंद जैन से 2.20 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। जैन की कंपनी का मैनेजर मलकैत सिंह भी था। जांच में आया कि जेजेएम में ज्यादा काम लेने व घटिया मेटेरियल लगाकर अधिक कमाई के लिए मैसर्स श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी (शाहपुरा) व मैसर्स श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी ने इरकॉन के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगा कर 900 करोड़ के काम हासिल किए थे। 10 महीने से ईडी व एसीबी जांच कर रही है।

फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों से 40 पेयजल प्रोजेक्ट व स्कीमों के कार्य बांटे गए हैं। जयपुर रीजन -प्रथम व जयपुर रीजन-द्वितीय, नागौर प्रोजेक्ट के साथ ही दूसरे रीजन व प्रोजेक्ट विंग द्वारा 2000 करोड़ के काम फर्जी प्रमाण पत्रों से दिए गए हैं। दोनों फर्मों को ब्लैक लिस्ट किया गया था।

केवल जगतपुरा प्रोजेक्ट में लगे प्रमाण पत्रों की जांच करने वाले एक्सईएन विशाल सक्सेना को सस्पेंड कर दिया था। एसीबी को दूदू, सांभर, कोटपूतली, सीकर, उदयपुर, महुआ, अलवर, दौसा में जल जीवन मिशन के टेंडरों व वहां हुए फर्जी भुगतान की जानकारी मिली थी।।

पूर्व मंत्रियों और ब्यूरोक्रेट्स पर उठी थीं अंगुलियां

घोटाले में ईडी ने सितंबर 2023 में जयपुर व अलवर में 9 जगह छापे मारे। महेश मित्तल, प्रॉपर्टी कारोबारी संजय बड़ाया, कल्याण सिंह कविया, एक्सईएन विशाल सक्सेना, मायालाल सैनी, पदम चंद जैन, तहसीलदार सुरेश शर्मा और अमिताभ कौशिक के यहां सर्च किया गया। 2.50 करोड़ नकद, 1 किलो सोने की ईंट और करोड़ों की प्रॉपर्टी के कागजात और कुछ अधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम से लेन-देन के दस्तावेज मिले।

फेक एक्सपीरियंस लेटर से लिए टेंडर

इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक्स ईएन माया लाल सैनी और जयंत प्रदीप कुमार को पद्म चंद जैन से 2 लाख 20 हजार की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था। जांच में आया था कि जल जीवन मिशन में ज्यादा काम लेने व घटिया मटेरियल लगाकर अधिक कमाई के लिए श्री गणपति ट्यूबेल कंपनी और श्री श्याम ट्रेवल कंपनी ने इस्कॉन के फर्जी एक्सपीरियंस प्रमाण पत्र लगाकर 900 करोड़ रुपये काम हासिल किए थे।

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अब सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने केरल में विभिन्न स्थानों का दौरा किया और अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंपनियों ने आईआरसीओएन के लिए पूर्णता प्रमाण पत्र में उल्लेखित कार्य किया। उन्होंने कहा कि दावे कथित तौर पर झूठे पाए गए।

दिसंबर में 9 जगह पर की थी रेड

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने 18 मार्च को इस घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की सिफारिश की थी। इसके बाद 3 मई को सीबीआई ने षडयंत्र और धोखाधड़ी का केस दर्ज करके इस मामले की छानबीन शुरू कर दी। यह पूरा मामला फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर पर टेंडर लेने से जुड़ा हुआ है।

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इस मामले में ईडी ने 2023 सितंबर में जयपुर और अलवर में 9 जगह छापे मारे थे। जिसमें महेश मित्तल, प्रॉपर्टी कारोबारी संजय बढ़ाया, कल्याण सिंह कविया, विशाल सक्सेना, माया लाल सैनी, पद्म चंद जैन, तहसीलदार सुरेश शर्मा और अमिताभ कौशिक के यहां सर्च में 2.50 लाख नगद, एक किलो सोने की ईंट और करोड़ों की प्रॉपर्टी के कागजात और कुछ अधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम से लेन देन के कागजात मिले थे।

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