स्वाति मालीवाल से बदसलूकी मामले में सातवें आसमान सियासी पारा, दिल्ली CM आवास के सामने BJP कर रही प्रदर्शन, राज्यसभा सांसद संजय सिंह का बीजेपी पलटवार

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 16 मई 2024 | दिल्ली – जयपुर – लखनऊ (इंडिया अगेंस्ट करप्शन) : स्वाति मालीवाल आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने इसी साल 31 जनवरी को शपथ ली थी। इससे पहले वे दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष थीं। स्वाति मालीवाल ने जनवरी, 2024 में आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। वे 2015 से इस पद पर थीं।

स्वाति मालीवाल से बदसलूकी मामले में सातवें आसमान सियासी पारा

MOOKNAYAKMEDIA 31 Copy 300x196 स्वाति मालीवाल से बदसलूकी मामले में सातवें आसमान सियासी पारा, दिल्ली CM आवास के सामने BJP कर रही प्रदर्शन, राज्यसभा सांसद संजय सिंह का बीजेपी पलटवारआम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल को लेकर दिल्ली में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। शाजिया इल्मी ने कहा कि मैं अन्ना हजारे आंदोलन के दिनों से आप के लोगों के साथ थी तो मैं सभी के चहरों को जानती हूं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि कोई भी निजी सलाहकार स्वाति मालीवाल के साथ कैसे बदसलूकी कर सकता है।

जबकि स्वाति राज्यसभा सांसद हैं और दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख भी रही हैं। सवाल उठाते हुए कहा कि क्या बिना मुख्यमंत्री की जानकारी के विभव बदसलूकी कर सकता है। स्वाति ने इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) आंदोलन की सदस्य से लेकर राज्यसभा सदस्य बनने का सफर तय किया है।

स्वाति मालीवाल का सियासी सफर

स्वाति मालीवाल 4 महीने पहले ही सांसद बनीं, 9 साल DWC की अध्यक्ष रहीं
27 जनवरी को दिल्ली में राज्यसभा की 3 सीटें खाली हुई थीं। इन पर 19 जनवरी को चुनाव हुए। राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं। BJP, कांग्रेस और TMC के बाद सांसदों के लिहाज से AAP चौथी सबसे बड़ी पार्टी है।

स्वाति मालीवाल पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं उन्होंने सामाजिक कार्य करने के लिए टीचर का कार्य चुना था, जिससे वो कम संसाधन प्राप्त बच्चों को पढ़ा सकें। स्वाति इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) आंदोलन की सबसे कम उम्र की सदस्य भी रहीं।

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले ही जनलोकपाल आंदोलन की शुरुआत हुई थी। जिसके तहत ‘आप’ यानी आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आई। स्वाति मालीवाल ने 2015 में दिल्ली महिला आयोग के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी।

इसके बाद हाल ही में दिल्ली की राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में आप ने स्वाति मालीवाल को उम्मीदवार बनाया था। 31 जनवरी को उन्होंने राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण की थी।

स्वाति मालीवाल ने पिता पर यौन शोषण का लगाया था आरोप

पिछले साल मार्च के महीने में दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अपने साथ हुए यौन शोषण को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया था। स्वाति ने कहा था कि मेरे पिता बचपन में मेरा यौन शोषण करते थे।

वह गुस्से में मेरी चोटी को पकड़कर दीवार से टकरा देते थे, इस कारण मैं डर कर पलंग के नीचे छिप जाती थी, कई रातें मैंने ऐसे ही बिताई हैं। जब तक मैं अपने पिता के साथ रही, तब तक ये कई बार हुआ। स्वाति ने एक कार्यक्रम में अपनी यह दर्द भरी आपबीती सुनाई थी।

दिल्ली CM आवास के सामने BJP कर रही प्रदर्शन

आम आदमी पार्टी में स्वाति मालीवाल से ज्यादा तेजतर्रार और बोलने वाला कोई नेता नहीं है। उनके साथ काम कर चुके एक पुराने सहयोगी कहते हैं, ‘हैरानी इसी बात की है कि स्वाति चुप हैं। वे चुप रहने वालों में से नहीं हैं। ये केजरीवाल और उनकी पार्टी के सभी लोगों को पता है।’

आम आदमी पार्टी में स्वाति मालीवाल के तीन पुराने सहयोगियों से बात की। इनमें वो लोग भी हैं, जो स्वाति मालीवाल को NGO के दिनों से जानते हैं। वे अपनी पहचान नहीं बताना चाहते, लेकिन उस दिन की कहानी से लेकर स्वाति की चुप्पी और अरविंद केजरीवाल से दूरी पर खुलकर बात की।

4 पॉइंट्स में समझिए उस दिन ऐसा क्या हुआ था, जिसकी वजह से स्वाति को पुलिस कम्प्लेंट करनी पड़ी और फिर क्या हुआ कि उन्होंने चुप्पी साध ली।

1. स्वाति, केजरीवाल से मिलने गईं, बिभव ने कहा- CM बिजी हैं, इंतजार कीजिए

स्वाति मालीवाल 13 मई को अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके घर गई थीं। वे सीधे उनसे मिलना चाहती थीं, लेकिन CM के PA बिभव कुमार ने उन्हें इंतजार करने के लिए कहा। स्वाति ने 15-20 मिनट इंतजार भी किया। फिर बिभव से कहा कि पता करें कि कितना वक्त लगेगा। बिभव ने साफ कह दिया कि CM व्यस्त हैं। इंतजार करना ही होगा। उसके बाद भी वे मिल पाएंगे या नहीं, पक्के तौर पर कुछ नहीं बता सकते।

इससे स्वाति नाराज हो गईं। बिना परमिशन का इंतजार किए वे ड्राइंग रूम से CM के कमरे की तरफ जाने लगीं। बिभव ने रोका तो स्वाति ने उन्हें इस मामले से दूर रहने की हिदायत दी। बिभव को अपनी ड्यूटी करनी थी। उन्हें ऊपर से मिले ऑर्डर का पालन करना था। उन्होंने रास्ता रोका तो स्वाति ने उन पर मारपीट का आरोप लगा दिया और पुलिस को फोन कर दिया।

राज्यसभा सांसद संजय सिंह का बीजेपी पलटवार

संजय सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस उसी डैमेज को कंट्रोल करने की स्ट्रैटजी का हिस्सा थी, जो स्वाति CM और पार्टी के खिलाफ बोलकर कर सकतीं थीं। स्वाति के पास गैर सरकारी संगठन ‘परिवर्तन’ से पार्टी बनने तक और उसके बाद की कई बातें हैं। ये चुनाव के वक्त बाहर आईं तो बड़ा डैमेज हो सकता है।

2000 में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने परिवर्तन नाम से NGO बनाया था। दिसंबर, 2006 में यही NGO पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन के नाम से रजिस्टर्ड हुआ। परिवर्तन रजिस्टर्ड NGO नहीं था। ये NGO अरविंद केजरीवाल ने रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के पैसों से बनाया था। इन दोनों NGO की सर्वेसर्वा स्वाति मालीवाल थीं। केजरीवाल इसका नाम थे, तो चेहरा स्वाति थीं।

दिल्ली में करप्शन के खिलाफ हुए आंदोलन में भी स्वाति मालीवाल अहम रोल निभा रही थीं। मनीष सिसोदिया ने 2012 में कबीर नाम से एक NGO बनाया। ‘कबीर’ पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन का बेबी था। बिभव कुमार इस NGO में स्टाफ थे। स्वाति मालीवाल उस वक्त उन्हें काम असाइन करती थीं। स्वाति के लिए ये सहन करना मुश्किल था कि बिभव, जिनकी वे कभी बॉस थीं, उन्हें CM से मिलने से रोक रहे थे।

2. बेरोकटोक CM से मिलने वाली स्वाति को परमिशन की जरूरत क्यों पड़ी

आम आदमी पार्टी के वर्कर्स के मुताबिक, CM हाउस में स्वाति मालीवाल का बेरोकटोक आना-जाना था। उन्हें कोई नहीं रोक सकता था। केजरीवाल खुद भी स्वाति की बात कम ही काटते थे। वे ऐसी पार्टी कार्यकर्ता थीं, जो अरविंद केजरीवाल के CM बनने के बाद भी उनसे बिना किसी हिचक के पहले की तरह बात करती थीं।

फिर क्या हुआ, जो CM उनसे मिलने से कतरा रहे थे और उस दिन स्वाति क्यों उनसे मिलने पहुंची थीं?

पहली वजह: स्वाति मालीवाल उस दिन राज्यसभा की अपनी सीट के लिए बात करने पहुंची थीं। उनके पास कुछ वर्कर्स के जरिए ये मैसेज पहुंचाया गया था कि स्वाति सीट छोड़ दें। उन्हें हम पार्टी में एडजस्ट कर लेंगे।

बताया जाता है कि ये सीट अरविंद केजरीवाल का केस लड़ रहे एडवोकेट मनु सिंघवी के लिए खाली करनी है। इस पर स्वाति सीधे CM से बात करने गई थीं। अरविंद केजरीवाल को पता था कि आमने-सामने बातचीत में वे कई मुद्दे उठाएंगीं।

दूसरी वजह: पार्टी के कार्यकर्ताओं के भीतर इस बात पर भी कानाफूसी हो रही है कि स्वाति मालीवाल दरअसल इस मुद्दे को भी उठाने वाली थीं कि सुनीता केजरीवाल को CM का उत्तराधिकारी क्यों प्रोजेक्ट किया जा रहा है। AAP का हमेशा से कहना रहा है कि एक परिवार से एक ही व्यक्ति पार्टी में रहेगा। अंदरखाने चर्चा ये भी है कि वे खुद को CM का उत्तराधिकारी मानती हैं।

3. CM ने स्वाति से इतनी दूरी क्यों बनाई

अरविंद केजरीवाल के जेल जाने से लेकर उनके बाहर आने तक स्वाति मालीवाल न तो किसी आंदोलन में थीं और न सोशल मीडिया पर एक्टिव रहीं। उनका एक ट्वीट जरूर आया कि वे बहन के इलाज के लिए विदेश में हैं। अरविंद केजरीवाल और उनके करीबियों को ये बात अच्छी नहीं लगी।

दरअसल, चर्चा है कि स्वाति BJP के संपर्क में हैं। अगर आम आदमी पार्टी से उन्हें झटका मिला, तो BJP के खाते से राज्यसभा की सांसद बनी रहेंगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को अंतरिम जमानत दी है। वे 39 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए हैं।

4. पिता पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली स्वाति चुप क्यों

पहले स्वाति मालीवाल के फोन पर रिंग जा रही थी, लेकिन वे फोन नहीं उठा रही हैं। बाद में फोन स्विच ऑफ हो गया। दरअसल, अब संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल स्वाति के संपर्क में हैं। उन्हें पुराना कार्यकर्ता होने के नाते चुप रहने के लिए कहा गया है। राज्यसभा सांसद के तौर पर वे फिलहाल बनी रहेंगी।

विवादित बयानों से रहा है नाता ‘पिता ने बचपन में यौन शोषण किया’

स्वाति मालीवाल ने नवंबर, 2023 में खुलासा किया था कि ‘बचपन में मेरे पिता मेरा यौन शोषण करते थे। इस वजह से मैं अपने ही घर में डरकर रहती थी। वे बिना वजह मुझे पीटते थे, चोटी पकड़कर सिर दीवार से टकरा देते थे। डर की वजह से मैंने कई रातें तो बिस्तर के नीचे छिपकर बिताई हैं।’ स्वाति मालीवाल ने ये बातें DCWAwards कार्यक्रम के दौरान कही थीं।

‘मैडम थाने आई थीं लेकिन शिकायत नहीं की’ दिल्ली पुलिस 

DCP (नॉर्थ) मनोज मीना ने बताया, ‘हमें सुबह 9:34 बजे एक PCR कॉल मिली। कॉल करने वाले ने कहा कि उसके साथ CM आवास के अंदर मारपीट की गई है। उसके बाद लोकल पुलिस और SHO ने कॉल का जवाब दिया। कुछ समय बाद, सांसद स्वाति मालीवाल पुलिस स्टेशन सिविल लाइंस आईं। इस मामले में उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है।’

दिल्ली पुलिस ने बताया कि कॉलर ने अपना नाम AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल बताया। कॉल करने वाली महिला ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री का PA बिभव कुमार पीट रहा है। ये कॉल CM हाउस से की गई। ये दिल्ली पुलिस की PCR की लॉगशीट है। इसमें स्वाति मालीवाल की शिकायत दर्ज है।

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केजरीवाल की परछाई जैसे हैं बिभव कुमार, वीडियो एडिटर से CM के PA बने

बिभव कुमार का नाम अरविंद केजरीवाल के क्लोज्ड सर्कल में शामिल है। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक बिभव कुमार ही मैनेज करते हैं कि केजरीवाल समय से दवाइयां, इंसुलिन और खाना खाते रहें।

केजरीवाल के लिए इतने अहम होने की वजह से बिभव को केजरीवाल का ‘मैन फ्राइडे’ तक कहा जाता है। अंग्रेजी के इस टर्म का मतलब होता है सबसे करीबी और भरोसेमंद सहयोगी। केजरीवाल ने बिभव कुमार को 27 फरवरी, 2015 को पर्सनल सेक्रेटरी के तौर पर नियुक्त किया था।

हालांकि, मार्च 2024 में बिभव को इस पद से बर्खास्त कर दिया गया। स्पेशल सेक्रेटरी विजिलेंस वाईवीवीजे राजशेखर ने आदेश जारी कर कहा था कि बिभव की सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं। उनकी नियुक्ति के लिए तय प्रक्रिया और नियमों का पालन नहीं किया गया था। इसलिए उनकी नियुक्ति अवैध और शून्य करार दी जाती है।

स्वाति के पूर्व पति ने AAP पर उठाए सवाल 

स्वाति मालीवाल के पूर्व पति और AAP के पूर्व नेता नवीन जयहिंद ने कहा, ‘संजय सिंह खुद किस तरह से राज्यसभा गए हैं, ये बात वो भी जानते हैं और मैं भी। वे केवल अरविंद केजरीवाल के ‘तोते’ हैं जो उनके इशारे पर काम करते हैं। संजय सिंह को पहले ही इस घटना के बारे में पता था कि ऐसा होगा। वे एक्टिंग कर रहे हैं। ये भाजपा-कांग्रेस या AAP का मामला नहीं है। आप (संजय सिंह) तो स्वाति मालीवाल को छोटी बहन कहते थे। जब ये घटना हुई तो वहां पर मौजूद सभी लोगों पर FIR होनी चाहिए।’

दिल्ली पुलिस ने की स्वाति से संपर्क की कोशिश 

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने स्वाति मालीवाल से संपर्क करने की कोशिश की है। स्वाति मालीवाल ना तो अपने आवास पर मौजूद थीं और ना ही चितरंजन पार्क इलाके में अपनी रिश्तेदार के घर पर मौजूद थीं। बता दें कि स्वाति मालीवाल ने सोमवार सुबह सीएम आवास पर बिभव कुमार पर मारपीट का आरोप लगाया था। 

क्या है पूरा मामला

आप की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल बीते सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके आवास पर पहुंची थीं। स्वाति ड्राइंग रूम में अरविंद केजरीवाल का इंतजार कर रही थीं। इस बीच आवास के स्टाफ में से विभव कुमार पहुंचे और स्वाति मालीवाल के साथ अभद्रता और बदतमीजी की थी। इसको लेकर कल यानी मंगलवार को आप ने भी खेद प्रकट किया था।

यह भी पढ़ें : केजरीवाल को जमानत तो आदिवासी नेता हेमंत सोरेन को क्यों नहीं

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