प्लम्बिंग,इलेक्ट्रीशियन व फिटर ट्रेड में 15000 प्रति ट्रेड के हिसाब से कुल 45000युवाओं को प्रशिक्षण

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || अक्टूबर 07, 2020 || जयपुर : राजस्थान सरकार द्वारा मंगलवार को जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशियन एवं फिटर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जाने के लिए एक एमओयू किया गया। इस एमओयू के अन्तर्गत राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम द्वारा चयनित प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशियन एवं फिटर ट्रेड में 15000 प्रति ट्रेड के हिसाब से कुल 45000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जायेगा। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) एवं वाटर सेनिटेशन सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएसएसओ), राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन राजस्थान द्वारा एमओयू किया गया। एमओयू पर आरएसएलडीसी की ओर से प्रबंध निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक (आईएएस) एवं डब्ल्यूएसएसओ की ओर से निदेशक अमिताभ शर्मा ने हस्ताक्षर किये। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के अध्यक्ष नीरज के पवन ने बताया कि ‘वाटर सेनिटेशन सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन, राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन राजस्थान और राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के संयुक्त प्रयासों से राज्य के प्राथमिकता वाले जिलों में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण स्तर पर प्लम्बिंग, इलेक्ट्रीशियन एवं फिटर जैसी आधारभूत सेवाओं के सेवा प्रदाताओं का अभाव है। जिसके लिए ग्रामीण अंचल के लोगों को शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। दूसरी ओर गांव का युवा उच्च शिक्षा की तरफ न बढ पाने एवं बेरोजगारी की समस्या से ग्रस्त है। जल जीवन मिशन में ग्रामीण व स्थानीय युवाओं को इन क्षेत्रों में आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाकर इस खाई को पाटने के प्रयास किये जायेगें। सभी जिलों में चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना के तहत प्रदेश के 33 जिलों में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इनमें 22 जिलों अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चित्तौडगढ, चूरू, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, जालोर, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, पाली, नागौर, राजसमंद, सीकर, सिरोही एवं उदयपुर में शीघ्र ही प्राथमिकता से प्रशिक्षण आयोजित किये जाने है। प्रशिक्षण हेतु ग्राम सभा द्वारा चयनित प्रशिक्षणार्थियों की सूची जन स्वास्थ्य एवं अभियान्त्रिकी विभाग द्वारा आरएसएलडीसी को जिलेवार उपलब्ध करायी जायेगी। इन प्रशिक्षणों में महिला आशार्थियों को प्राथमिकता दी जायेगी। तीन दिवसीय प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षणार्थियों की योग्यता न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं अधिकतम आयु 45 वर्ष होगी। पीएचईडी के साथ पहले से कार्यरत आशार्थियों को आयु में अधिकतम 5 वर्ष छूट देय होगी। वहीं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास होगी।

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