गहलोत केबिनेट का फैसला : पंजाब की तर्ज पर कृषि संबंधी तीनों काले कानूनों के खिलाफ लायेंगे विधेयक

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || अक्टूबर 22, 2020 || जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि राजस्थान सरकार भी केंद्र द्वारा हाल ही में पारित कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ विधेयक लायेगी और इसके लिए जल्द ही राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जायेगा। राज्य मंत्री परिषद की मंगलवार शाम को हुई बैठक में यह फैसला किया गया। मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा किसानों से संबंधित विषयों पर बनाये गये तीन नए कानूनों से राज्य के किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गयी। बैठक के बाद जारी सरकारी बयान के अनुसार मंत्री परिषद ने राज्य के किसानों के हित में यह निर्णय किया कि किसानों के हितों को संरक्षित करने के लिए शीघ्र ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाये। मुख्यमंत्री गहलोत ने ट्वीट किया, ”आज पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इन कानूनों के विरुद्ध विधेयक पारित किये हैं और राजस्थान भी शीघ्र ऐसा ही करेगा।” बयान के अनुसार, राज्य मंत्री परिषद ने फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की अनिवार्यता पर जोर दिया। साथ ही, व्यापारियों द्वारा किसानों की फसल खरीद के प्रकरण में विवाद होने की स्थिति में उसके निपटारे के लिए दीवानी अदालत के अधिकारों को बहाल रखने पर भी चर्चा की। मंत्री परिषद का मत है कि राजस्थान में ऐसे प्रकरणों में फसल खरीद के विवादों के मण्डी समिति या दीवानी अदालत के माध्यम से निपटारे की व्यवस्था पूर्ववत रहनी चाहिए। मंत्रीपरिषद ने माना कि नए कृषि कानूनों के लागू होने के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सामान्य परिस्थितियों में विभिन्न कृषि जिन्सों के भंडार की अधिकतम सीमा हटाने से कालाबाजारी बढ़ने, अनाधिकृत भंडारण तथा कीमतें बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। बैठक में यह भी चर्चा की गयी कि अनुबंध कृषि अधिनियम में न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान रखना प्रदेश के किसानों के हित में होगा। पंजाब में केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विधेयक
पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा बनाये गये तीन कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ सदन में प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में कहा गया कि ये तीनों कानून किसान विरोधी थे। इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में तीन विधेयक भी पेश किये। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए व्यवस्था की गयी है कि यदि कोई किसानों को MSP से कम कीमत पर उत्पाद बेचने के लिए मजबूर करेगा तो उसे तीन साल तक की जेल हो सकती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पेश किये तीन विधेयक, किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विशेष प्रावधान और पंजाब संशोधन विधेयक 2020, आवश्यक वस्तु (विशेष प्रावधान और पंजाब संशोधन) विधेयक 2020 और किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा (विशेष प्रावधान और पंजाब संशोधन) विधेयक 2020 हैं।

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