गुजरात मॉडल की इंतहा : गुजरात में 71 दिन में 1.23 लाख डेथ सर्टिफिकेट जारी हुए; सरकार ने बताये 4218

4 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो || मई 17, 2021 || अहमदाबाद – जयपुर : गुजरात में कोरोना के नए मामले और मौतों के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भावनगर, जामनगर जैसे जिलों में हालात ऐसे हैं कि शवगृहों में लाइन लग रही है। इसके बावजूद सरकार कोरोना से मरने वालों के सही आंकड़े छिपाने की कोशिश कर रही है। दैनिक भास्कर ने 1 मार्च 2021 से 10 मई 2021 तक के डेथ सर्टिफिकेट के डेटा खंगाले तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। इसमें पता चला कि राज्य के 33 जिलों और 8 निगमों द्वारा सिर्फ 71 दिनों में ही 1 लाख 23 हजार 871 डेथ सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। जबकि सरकारी आंकड़ों में कोरोना से मरने वालों की संख्या सिर्फ 4,218 ही बताई गई है। ऐसे में सवाल ये है कि सिर्फ 71 दिनों में करीब सवा लाख लोगों की मौत कैसे हो गई? पिछले साल की तुलना में इस साल दोगुनी मौतें
डेथ सर्टिफिकेट्स के मुताबिक इस साल मार्च में ही राज्य में 26,026, अप्रैल में 57,796 और मई के शुरुआती 10 दिनों में 40,051 मौतें हुई हैं। अब इन आंकड़ों की तुलना 2020 से करें तो मार्च 2020 में 23,352, अप्रैल 2020 में 21,591 और मई 2020 में 13,125 मौतें दर्ज की गई थीं। यानी कि पिछले साल की तुलना में इस साल के 71 दिनों में ही मरने वालों का आंकड़ा दोगुना हो चुका है। 5 महानगर, जहां 71 दिनों में 45,211 डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए शहर सरकारी आंकड़े में कोरोना से मौतें डेथ सर्टिफिकेट जारी अहमदाबाद 2,126 13,593 सूरत 1,074 8,851 राजकोट 288 10,887 वडोदरा 189 7,722 भावनगर 134 4,158 बड़े 5 जिले, जहां 71 दिनों में 21,908 डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए जिला सरकारी आंकड़े में कोरोना से मौतें डेथ सर्टिफिकेट जारी मेहसाणा 132 3,150 राजकोट 418 7,092 जामनगर 341 2,783 अमरेली 36 5,449 नवसारी 9 3,434 छोटे 5 जिले, जहां 71 दिनों में 1,947 डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए जिला सरकारी आंकड़े में कोरोना से मौतें डेथ सर्टिफिकेट जारी छोटा उदेपुर 28 78 नर्मदा 9 368 महीसागर 41 419 डांग 13 556 पाटण 51 526 कोरोना से मरने वालों में 80% हाइपरटेंशन के मरीज
डॉक्टर्स और मरीजों के परिजन से मिली जानकारी के मुताबिक मार्च, अप्रैल और मई 2021 के 71 दिनों में जो मौतें हुईं हैं उनमें से 80% मरीज कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों से भी पीड़ित थे। राज्य में सबसे ज्यादा 38% मौतें हाइपरटेंशन के मरीजों की हुई हैं। वहीं, 28% कोरोना मरीजों को डायबिटीज, किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियां थीं। कोरोना संक्रमण के बाद जान गंवाने वालों में 14% वे लोग थे, जिन्हें दूसरी छोटी बीमारियां थीं। ब्लड क्लॉटिंग के चलते हार्ट अटैक से 4% मौतें
राज्य के अलग-अलग अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना मृतकों में 4% वे मरीज भी थे जो कोरोना से तो रिकवर हो चुके थे, लेकिन ब्लड क्लॉटिंग के चलते हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। ऐसे मृतकों की संख्या 3,500 से 4,000 के बीच होने का अनुमान है। डॉक्टर्स के मुताबिक, लंबे समय तक इलाज कराने के चलते कई मरीजों को ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हुई थी। 60% मौतें 45+ उम्र वाले कोरोना मरीजों की
सरकारी विभाग ने जो डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं, उनकी जांच करने पर एक चौंकाने वाली जानकारी यह भी मिली कि कोरोना मृतकों में 60% मरीज 45 साल से अधिक उम्र के थे। वहीं 20% मृतकों की उम्र 25 साल से कम भी थी। मृतकों के सही आंकड़े छिपाने के आरोपों पर हाल ही में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा था कि सरकार मौतों के आंकड़े छिपा नहीं रही है। मौतों में प्राथमिक और द्वितीयक दोनों वजहें हैं। जिनकी मौतें को-मॉर्बिडिटी की वजह से हुईं, उन्हें कोरोना से मरने वालों में शामिल नहीं किया जा रहा है। यानी कि अगर किसी व्यक्ति को कोरोना हुआ है और वह डायबिटीज, हार्ट या किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों से पीड़ित है तो उसकी मौत कोरोना से नहीं मानी जाती। साभार : दैनिक भास्कर मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग दीजिए… उम्मीद है आप मिशन अंबेडकर से अवश्य जुड़ेंगे आप सब जानते हैं अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक ! मूकनायक मीडिया आपके लिए ले कर आता है, वे न्यूज़-स्टोरीज जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहाँ से जहाँ वे हो रही हैं।

मूकनायक मीडिया यह सब तभी कर सकता है जब आप सभी बाबासाहब डॉ अंबेडकर के इस मिशन से आत्मीयता से जुड़ें !

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरें आप तक पँहुचाने के लिए हमारा आर्थिक सहयोग करें।

आप सब दानवीर हैं इसलिए आपसे मिशन अंबेडकर को आगे बढ़ाने हेतु आर्थिक मदद माँग रहे हैं। अत: अपनी इच्छानुसार PhonePay या Paytm 9999 750 166 पर 100, 500, 1000 या अपनी हेसियत के मुताबिक आर्थिक सहयोग दीजिए..

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This