कैसे-कैसे लोग : पाखंड और अंधविश्वास की ऑनलाइन डिलीवरी, झांसे में अधिकतर दलित-आदिवासी और अशिक्षित

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || मई 27, 2021 || नागौर-जयपुर : कोरोना काल में मंदिरों में सन्नाटा पसरा है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया है। लॉकडाउन के चलते शादी समारोह के अलावा सामूहिक रूप से आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों पर भी पूर्ण रूप से रोक है। कोविड गाइडलाइन के तहत सभी प्रकार की धार्मिक कथा वाचन भी बंद है। ऐसे में इस आपदा काल में ऑनलाइन माध्यम से गीता परिवार प्रतिदिन जूम ऐप व वॉट्सऐप ग्रुप पर भागवत गीता से जुड़े पाठ भेजते हैं और गीता परिवार से जुड़े शिक्षक ऑनलाइन ही कई देशों में हजारों लोगों को गीता ज्ञान के नाम पर पाखंड दे रहे हैं। तार्किकता कहीं खो गयी है, ऑनलाइन ठगी का आलम यह है कि इस पर अब देशव्यापी बहस छिड़ी हुई है; सोशल मीडिया में इस के पक्ष-विपक्ष में अजब-अजब तर्कों-कुतर्कों की भरमार दिख रही है; आरोप-प्रत्यारोप के बादल गहराते, बरसते जा रहे हैं; उनके भक्त अपनी बात रख रहे हैं तो विरोधी अपने आरोपों को सत्य करने में लगे हैं। रोज सुबह 6 से रात 10 बजे तक अलग-अलग बेच में होता है पाठ मूकनायक मीडिया सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आपदा काल में विश्व शान्ति व लोगों को धर्म अध्ययन कराने के के नाम पर गीता परिवार से जुड़े 500 से ज्यादा शिक्षक ऑनलाइन अनेक देशों में तक़रीबन हजारों-हजार लोगों से ठगी हो रही है। प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक अलग-अलग बेच में लोगों को गीता पाठ कराया जाता है। प्रत्येक बैच की 40 मिनट की क्लास होती है। अनेकों ढोंगियों के द्वारा हर सप्ताह गीता के नए अध्याय का पाठ किया जाता है व कथा प्रवचन सुनने वालों की सुविधा के लिए इसे यू-ट्यूब व फेसबुक पर अपलोड कर दिया जाता है। एक और नाम धर्म-कर्म में उछलकर सामने आया है, साथ में परिपाटी सा बनाये रखा हुआ एक सम्मानित शब्द जोड़कर; कुछ ‘बापू’ जोड़कर सामने आये, कुछ ‘बाबा’ लगाकर, कुछ ‘साध्वी’ के साथ आये तो ये ‘माँ’ जोड़कर भक्तों के सामने प्रकट हुए हैं। धर्म के नाम पर पाखण्ड फैलाते ये साधु, संत, साध्वियाँ जितने दोषी हैं उनसे कहीं कम वे लोग भी नहीं हैं जो इनके दरबारों को सजाने में लगे रहते हैं; इनके क्रियाकलापों को देव-क्रिया मानकर उनका अनुसरण करने लगते हैं; उन्हीं को भगवान समझकर उनके आगे नतमस्तक हो जाते हैं। भक्ति के आनंद के नाम पर अश्लीलता भक्ति के आनंद के नाम पर अश्लीलता परोसते हैं। भंग के नशे की गोलियाँ खिलाकर पसरों ही जयपुर के भांकरोटा में खुद को भगवान बताने वाले तपस्वी बाबा योगेंद्र मेहता को जयपुर पुलिस ने बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया था। बाबा के खिलाफ 4 पीड़िताओं ने बलात्कार किये जाने के आरोप लगाये थे। कई भक्तों ने तो यहाँ तक आरोप लगाये हैं कि उनके भक्ति दरबार में अश्लीलता का माहौल रहता है, उनकी और शिष्यों-भक्तों की भाव-भंगिमाएँ भी अश्लील होती हैं। कुछ इसी तरह के अन्य दूसरे आरोपों के चलते क्षेत्र में उनके प्रवेश को निषिद्ध कर दिया गया और इधर खबर मिली है कि उनके विरुद्ध सम्मन जारी किया जा रहा है। रोजाना सपरिवार सुनते हैं भागवत कथा ढोंगियों का तर्क है कि इस कठिन दौर में सामूहिक रूप से धार्मिक कथा नहीं हो सकती है पर ईश्वर की भक्ति भी जरूरी है। ऐसे में रोजाना सपरिवार दोपहर के समय गीता परिवार द्वारा चलाये जा रहे इस ऑनलाइन कथा कार्यक्रम में जुड़कर श्रीमद् भगवत गीता का पाठ सुनते हैं। इससे मन को संतुष्टि मिलती है और लॉकडाउन के इस खाली समय में ईश्वर आराधना भी होने के अपने-अपने मत है। पाखंड की ऑनलाइन डिलीवरी सबसे पहले आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर ने ऑनलाइन माध्यम से ही शुभारम्भ हुई और फिर चैन जुड़ती चली गयी। सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बेच में नागौर जिले के 100 से ज्यादा सदस्य ऑनलाइन पाठ की चपेट में हैं। एक दायित्व सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तियों का भी बनता है सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाले प्रदूषकों के रूप में सामने आते हैं. ऐसे लोगों के विरोध के साथ-साथ चर्चा छिड़ जाती है कि गैर-हिन्दू धर्म के पाखंडियों को क्यों नहीं पकड़ा जाता है? क्यों नहीं गैर-हिन्दू धार्मिक व्यक्तियों को कानूनी शिकंजे में जकड़ा जाता है? क्यों नहीं हिन्दू धर्म की कुरीतियों के नाम पर जबरन धर्मान्तरण करवाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाती है? ऐसे अन्य दूसरे सवाल भी समाज में विभेद पैदा करते हैं। एक दायित्व सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तियों का भी बनता है कि वे समाज में अपने क्रियाकलापों, धार्मिक अनुष्ठानों, धर्म के नाम पर लोगों को बहकाने वाले ढोंगियों का पर्दाफाश करें। लोगों को धर्म के नाम पर पाखंड कर रहे व्यक्तियों की वास्तविकता से परिचित करवाकर धर्म के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोकने में मददगार बनें। ऐसा सबको समवेत रूप से करना होगा, भले ही वो किसी भी धर्म,जाति का ही क्यों न हो? मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग दीजिए… उम्मीद है आप मिशन अंबेडकर से अवश्य जुड़ेंगे मूकनायक मीडिया बिरसा फुले अंबेडकार मिशन हम तभी जारी रख सकते हैं जब आप सभी बाबासाहब डॉ अंबेडकर के इस मिशन से आत्मीयता से जुड़ें ! मिशनरी कार्य आप तक पँहुचाने के लिए हमारा आर्थिक सहयोग करें। आप सब दानवीर हैं इसलिए आपसे मिशन अंबेडकर को आगे बढ़ाने हेतु आर्थिक मदद की जरुरत हैं। अत: अपनी इच्छानुसार PhonePay या Paytm 9999750166 पर 200, 500, 1000, 2000, 5000, 10000, 20000 या इससे भी इससे भी अधिक अपनी हेसियत के मुताबिक नीचे Donate link पर जाकर आर्थिक सहयोग दीजिए ताकि बिरसा फुले अंबेडकार मिशन का कारवाँ जारी रह सके। जैसे-जैसे संसाधन बढ़ेंगे.. आपका मूकनायक मीडिया आगे बढ़ेगा..

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