नैंसी को सलाम : ब्रेनडेड हुई 32वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर नैंसी शर्मा के अंगदानसे 9लोगों को नई जिंदगी

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || जून 07, 2021 || फरीदाबाद – जयपुर : फरीदाबाद ब्रेन डेड हुई 32 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर नैंसी शर्मा की वजह से 9 लोगों को नयी जिंदगी मिली। नैंसी के ब्रेन डेड घोषित होने पर उनके पिता अशोक शर्मा ने अपनी बेटी के अंगदान करने का निर्णय लिया। नैंसी का हार्ट, किडनी, आँख, लीवर 9 लोगों को लगे। नैंसी के भाई डॉ सौरभ शर्मा ने बताया कि 12 मार्च को उनकी बहन अम्बाला अपने पिता से मिलने गयी थी। वहाँ कुछ तकलीफ हुई। नैंसी को एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि नैंसी का ब्रेन डेड हो गया है। इसके बाद नैंसी को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया। कई दिन इलाज चला। डॉक्टरों ने कहा कि नैंसी की बचने की उम्मीद नहीं है, हालांकि ब्रेन डेड के बावजूद बाकी अंग काम कर रहे थे। दुनिया मुझे हमेशा याद रखेगी डॉक्टरों ने कहा अगर उनके बाकी अंग दान कर दिये जाते हैं तो कई लोगों को नयी जिन्दगी मिल सकती है। पिता को बेटी की कही हुई बातें याद आयी जिसमें वे कहती थी, ऐसा काम करूँगी कि लोग याद रखेंगे। नैंसी अक्सर कहती थी-पापा देखना एक दिन में ऐसा काम करूँगी की दुनिया मुझे हमेशा याद रखेगी। वो ऐसा कर भी गयी। बेटी का चले जाने का दुख हमेशा रहेगा, लेकिन सुकून है कि उसका दिल दुनिया में धड़क रहा है। उसकी आँखें आज दुनिया को देख रही हैं। नैंसी पेशे से सॉफ्टेवयर इंजीनियर थी। पति अनुदीप शर्मा भी गुड़गांव में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सात साल का बेटा है। बेटी ब्रेन डेड हुई तो दामाद से बात की। नैंसी का हार्ट 13 साल की बच्ची को प्रत्यारोपित 6 अप्रैल को परिवार की सहमति से बेटी के अंग दान करने के लिए निर्णय लिया, लेकिन जब पेपर पर सिग्नेचर करने का समय आया तो हाथ काँपने लगे। नैंसी का हार्ट 13 साल की बच्ची को प्रत्यारोपित किया गया। किडनी भी दो लोगों को दी गयी। लीवर के चार पार्ट भी चार लोगों को डोनेट किये गये। आँखों से दो लोगों को रोशनी मिली। इससे पहले शायद ही किसी के इतने अंग दान हुए हों। इसमें डॉक्टरों का योगदान भी सराहनीय रहा। मोहाली एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इन अंगों को हवाई जहाज से नोएडा, दिल्ली और चंडीगढ़ जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाकर ट्रांसप्लांट कराया। बेटी जाते-जाते समाज को भी यह संदेश दे गयी कि बेटियाँ वरदान हैं। नैंसी ने बेटी होने का वह फर्ज अदा किया है, जो शायद बेटे भी पूरा न कर सकें। परिजनों ने फरीदाबाद पहुँचकर नैंसी की तेरहवीं मनायी। इसमें हर शख्स ने नैंसी को सलाम किया। मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग दीजिए… उम्मीद है आप मिशन अंबेडकर से अवश्य जुड़ेंगे मूकनायक मीडिया बिरसा फुले अंबेडकार मिशन हम तभी जारी रख सकते हैं जब आप सभी बाबासाहब डॉ अंबेडकर के इस मिशन से आत्मीयता से जुड़ें ! मिशनरी कार्य आप तक पँहुचाने के लिए हमारा आर्थिक सहयोग करें। आप सब दानवीर हैं इसलिए आपसे मिशन अंबेडकर को आगे बढ़ाने हेतु आर्थिक मदद की जरुरत हैं। अत: अपनी इच्छानुसार PhonePay या Paytm 9999750166 पर क्रमशः मासिक / अर्द्धवार्षिक / वार्षिक 200, 600, 1200, 2400 या एकमुश्त 5100, 11000, 21000 दीजिए। या इससे भी इससे भी अधिक अपनी हेसियत के मुताबिक नीचे Donate link पर जाकर आर्थिक सहयोग दीजिए ताकि बिरसा फुले अंबेडकार मिशन का कारवाँ जारी रह सके। जैसे-जैसे संसाधन बढ़ेंगे.. आपका मूकनायक मीडिया आगे बढ़ेगा.. डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक / Twitter / यूट्यूब चैनल को click करके सब्सक्राइब कीजिए।

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