सचिन पायलट का काफिला एक बार फिर जयपुर से दौसा-अलवर होते हुए दिल्ली पहुँचा, अबकी बार आर या पार

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || जून 21, 2021 || जयपुर – दिल्ली : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच में जो वर्चस्व की लड़ाई चल रही है उसे लेकर कांग्रेस हाईकमान भी अलर्ट है। दूसरी तरफ सचिन पायलट भी एक कदम पीछे हटने को तैयार नहीं है । कांग्रेस नेतृत्व ने अशोक गहलोत को समझाने की कोशिश की, लेकिन अब तक कामयाबी नहीं मिली है। उधर सचिन पायलट गुट का दावा है कि जिस तरह गहलोत जिद कर रहे हैं, उससे विवाद को सुलझाने में और दिक्कत होगी।

राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से कड़ा स्टैंड लेने के बाद अब मामला और पेचीदा होता जा रहा है। सूत्रों की ओर से पार्टी नेतृत्व भी गहलोत से अपने रूख में लचीलापन लाने की गुजारिश कर रहा है। इस मसले पर दोनों नेताओं को विश्वास में लेकर कोई फैसला करना चाहता है, लेकिन गहलोत अब पायलट गुट की माँग मानने को तैयार नहीं है। पायलट गुट का तर्क पार्टी का सीनियर नेतृत्व पायलट गुट की इस बात से सहमत दिखता है कि साल भर बाद भी विवाद को सुलझाने में उतनी पहल नहीं हुई जितनी होनी चाहिए थी।

उधर सचिन पायलट ने कहा कि जैसा कि खबरें बतायी जा रही हैं कि समझौते के तहत उन्होंने मंत्री पद माँगे हैं वह बिल्कुल सही नहीं है। वे बस चाहते हैं कि जो भी नेता उनके साथ थे, उन्हें उचित जगह और सम्मान मिले और सभी मिलकर कांग्रेस को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सके। उधर सचिन गुट के एक नेता के अनुसार विवाद सुलझाने के लिए बनी समिति ने भी साल भर बीतने के बाद भी पंजाब की तरह इसे सुलझाने के लिए सकारात्मक कोशिश नहीं की। पायलट गुट का तर्क है कि अगर यही तत्परता राजस्थान में दिखायी गयी होती तो अब तक मामला सुलझ गया होता। उधर सचिन पायलट गुट इस बात से भी इनकार कर रहा है कि उनके साथी छोड़कर गहलोत के पाले में जा रहे है।

कांग्रेस छोड़ने का विकल्प नहीं इस गुट के नेताओं ने कहा कि उनके सामने कांग्रेस छोड़ने का कभी विकल्प नहीं था और उनका पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भरोसा तब भी था और आज भी है लेकिन पार्टी का ही एक धड़ा चाहता है कि वे कांग्रेस छोड़ें। मालूम हो कि सचिन गुट के नेताओं को मंत्री बनाने की खबरों के बीच गहलोत ने खुद को दो महीने के लिए क्वांटरटीन कर दिया। मंत्रिमंडल विस्तार-फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुई बयानबाजी के बीच प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और डिप्टी सीएम रहे सचिन पायलट रविवार को अलवर दौरा करने के बाद शाम को दिल्ली पहुँच गये।

मूकनायक मीडिया सूत्रों का कहना है कि पायलट अब 3 से 4 दिन दिल्ली में ही रहेंगे, जहाँ पर पार्टी के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। पायलट के दिल्ली दौरे को लेकर एक बार फिर सभी की निगाहें दिल्ली पर ही टिकी हैं।

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