सेक्सटॉर्शन का जाल : महिलाएँ पुरुषों को नग्न तस्वीरें भेजती हैं, कहीं आपके बच्चे तो नहीं बन रहे शिकार

8 min read

मूकनायक मीडिया ब्यूरो || 02 जुलाई 2021|| जयपुर-भरतपुर- करौली : दुनिया जितनी तेजी से डिजिटलाइजेशन (Digitization) की ओर बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डिजिटल अपराध (Cyber crime) भी अपने पैर पसार रहे हैं। सबसे गंभीर समस्या यह है कि यह डिजिटल अपराध पहले बड़े-बड़े शहरों के पढ़े लिखे लोग करते थे, लेकिन अब यह गाँवों और कस्बों तक पहुंच गया है। वहाँ के कम पढ़े लिखे लोग इसे ही अपना रोजगार समझने लगे हैं और ऑनलाइन ठगी में पूरा का पूरा गाँव लगा है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी मोबाइल नंबर एक-दूसरे को देते हैं। इंटरनेट आधारित मोबाइल टेक्स्ट मैसेजिंग सेवा पर चैट करते रहते हैं। महिलाएँ पुरुषों को नग्न तस्वीरें पोस्ट करने का वादा करती हैं। कई बार पुरुष महिलाओं की आवाज में बातचीत करते हैं और इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किये जाते हैं। इंटरनेट पर सेक्सटॉर्शन करने के मामले बढ़ते चले जा रहे हैं। दूसरों के न्यूड फोटो चुराने के बाद उन्हें ब्लैकमेल करने और इस तरह का और कॉन्टेंट या पैसे माँगने को सेक्सटॉर्शन कहा जाता है।

एक अमेरिकी थिंक टैंक ने इस बारे में एक रिपोर्ट पेश की है। इस स्टडी में कई चौंकाने वाली बातें सामने आयी हैं। भले ही यह स्टडी अमेरिका में की गई है, मगर दुनिया के अन्य देशों और भारत में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। आगे जानें, क्या है सेक्सटॉर्शन और क्यों इसे लेकर जागरूकता फैलाये जाने की जरूरत है। कानून में अलग से नहीं है व्यवस्था अमेरिका के लॉ एनफोर्समेंट के अधिकारी भी मानते हैं कि इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। इस तरह के कितने मामले सामने आते हैं, इसका रेकॉर्ड कोई एजेंसी या ग्रुप नहीं रखाता। ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूट ने इस पर एक स्टडी पब्लिश की है।

सेक्सटॉर्शन का जाल : महिलाएँ पुरुषों को नग्न तस्वीरें भेजती हैं

sextortion 1 sixteen nine 300x169 सेक्सटॉर्शन का जाल : महिलाएँ पुरुषों को नग्न तस्वीरें भेजती हैं, कहीं आपके बच्चे तो नहीं बन रहे शिकार‘सेक्सटॉर्शन’ वास्तविक शब्द नहीं है, मगर इस तरह के अपराध के लिए अभियोजक इसी स्लैंग को इस्तेमाल करते हैं। मूकनायक मीडिया थिंक टैंक ने रिपोर्ट में लिखा है कि इसकी एक परिभाषा नहीं है। अगर आप अमेरिका में हैं तो ऐसे मामलों में चाइल्ड पॉर्नॉग्रफी, स्टॉकिंग, एक्सटॉर्शन या हैकिंग मानते हुए मुकदमा चलेगा। ‘सेक्सटॉर्शन’ अलग से कोई अपराध नहीं है। रिपोर्ट कहती है, ‘कानूनी तौर पर इसका कहीं अस्तित्व नहीं है।’ सोशल मीडिया है सॉफ्ट टारगेट सेक्सटॉर्शन का मतलब हुआ- किसी के कंप्यूटर में सेंध लगाकर सेक्सी पिक्चर या विडियो चुराना या फिर वेबकैम से ऐसा करना।

फिर विशेष कॉन्टेंट के जरिए विक्टिम को ब्लैकमेल करना, उससे फिरौती माँगना इत्यादि। विक्टिम की तस्वीर चुराने और फिर और ज्यादा डिमाँड करने के लिए अपराधी सोशल मीडिया को इस्तेमाल करते हैं। ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूशन ने कहा कि उसने हाल ही के सालों में 78 ऐसे केसों को स्टडी किया है, जो सेक्सटॉर्शन की परिभाषा के तहत आते थे। इन 78 मामलों की सुनवाई अमेरिका के 29 राज्यों और क्षेत्रों में हुई थी और 3 मामले विदेशी न्यायाधिकार के थे। स्टडी में कहा गया है, ‘इंटरनेट की वजह से किसी को सेक्शुअली धमकाने या डराने के लिए एक ही देश में होना जरूरी नहीं है।’

चौंकाने वाले हैं आँकड़े स्टडी के मुताबिक 78 मामलों में 1,379 लोग शिकार बने थे। अभियोजकों ने अपराधियों के शिकारों की सही संख्या पता लगाने की कोशिश नहीं की, वरना इन 78 मामलों के शिकारों की वास्तविक संख्या 3000 से 6500 के बीच हो सकती है, और इससे भी कहीं ज्यादा। इसी थिंक टैंक की एक और रिपोर्ट में बताया गया है कि इस तरह के मामलों में दोषियों को सजा भी अलग-अलग हुई, क्योंकि कुछ पर मुकदमा फेडरल कोर्ट में चला तो कुछ पर स्टेट कोर्ट में। 22 छोटे लड़कों को शिकार बनाने वाले एक अपराधी पर स्टेट कोर्ट में मुकदमा चला और उसे एक साल की सजा हुई।

मगर एक अन्य शख्स पर फेडरल कोर्ट में मुकदमा चला और उसे 12 साल की सजा हुई। शर्म के मारे चुप रह जाते हैं विक्टिम सेक्सटॉर्शन के शिकार लोगों में ज्यादातर कम उम्र के होते हैं। इस तरह के अपराध को अंजाम देने वाले क्रिमिनल्स में ज्यादातर पुरुष ही होते हैं। व्यस्क विक्टिम्स में महिलाओं की संख्या ज्यादा होती है। इस तरह के हमलों के शिकार हुए लोग शर्म की वजह से चुपचाप रह जाते हैं। ज्यादातर विक्टिम नाबालिग होते हैं इस तरह के मामलों के शिकार बच्चे ज्यादा होते हैं, क्योंकि वे घबराकर इन अपराधियों के जाल में फंसते चले जाते हैं।

इस अपराध पर पहली रिपोर्ट बताती है कि सेक्सटॉर्शन किस तरह से होता है। इसकी शिकार हुई एक को एक दिन अज्ञात शख्स से ईमेल मिला। इसमें उस महिला के आपत्तिजनक फोटो, जॉब की जानकारी, हज्बंड और तीन बच्चों के नाम लिखे हुए थे। साथ में कहा गया था कि एक दिन के अंदर अपना पॉर्न विडियो भेजो, वरना इन तस्वीरों को पब्लिश कर दिया जायेगा और परिवार को तुम्हारी जिंदगी के स्याह पहलू के बारे में बता दिया जायेगा। अलग से सख्त कानून बनना चाहिए रिपोर्ट में कहा गया है कि इस पर लगाम लगाने के लिए अलग से एक कड़ा कानून बनना चाहिए, जिसमें सेक्शुअल अबयूज़, एक्टॉर्शन, चाइल्ड पॉर्नॉग्रफी वगैरह को शामिल किया जाये।

आरोपियों ने यह वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर ली, फिर उन्होंने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर मचिंद्र पंडित का कहना है कि पीड़ित ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर शर्मिंदगी से बचने के लिए उसने 18,000 रुपये ट्रांसफर कर दिये। आवाज बदलने वाले सॉफ्टवेयर का करते हैं यूज पुलिस ने बताया कि आम तौर पर पुरुष (संदिग्ध) सोशल मीडिया साइटों पर महिलाओं के रूप में फर्जी और भ्रामक प्रोफाइल बनाते हैं। कुछ पुरुष इन रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लेते हैं और फिर संदिग्ध अपनी पहचान बताये बिना साइट पर उनके साथ चैट करना शुरू कर देते हैं।

संदिग्ध वॉयस मॉड्यूलेटर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं, जो पुरुषों की आवाज को महिलाओं में बदल देता है। ऐसे जाल में फंसाते हैं पुलिस ने बताया कि आरोपी मोबाइल नंबर एक-दूसरे को देते हैं। इंटरनेट आधारित मोबाइल टेक्स्ट मैसेजिंग सेवा पर चैट करते रहते हैं। महिलाएँ पुरुषों को नग्न तस्वीरें पोस्ट करने का वादा करती हैं। इसके बाद संदिग्ध पीड़ितों के लिए डाउनलोड किये गये वीडियो ऑनलाइन चलाते हैं और बाद वाले को नग्न अवस्था में पोज देने के लिए कहते हैं। एक बार जब कोई पीड़ित नग्न अवस्था में वीडियो कॉल करता है, तो वे यह कॉल रिकॉर्ड कर लेते हैं। 50,000 रुपये तक करते हैं डिमांड उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के चार-पाँच जिले (मथुरा, मेवात, भरतपुर, करौली जिले में सपोटरा और टोडाभीम इत्यादि) इन दिनों उत्तर भारत में ऑनलाइन ठगी का सबसे बड़ा केंद्र बन चुके हैं।

सेक्सटॉर्शन से लेकर बैंक फ्रॉड तक देशभर में ज्यादातर मामले यहीं के गिरोह ऑपरेट कर रहे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री की बेटी को भी यहीं के अपराधियों ने ठगा था। संदिग्ध आमतौर पर 15,000-25,000 रुपये की माँग करते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह राशि लगभग 50,000 रुपये रही है। सभी पीड़ितों की उम्र 22 से 55 साल के बीच है। कुल 275 मामलों में से लगभग 150 मामलें इन दो आरोपियों से जुड़े हैं। लेकिन, आपको जानकर हैरानी होगी कि केवल यह एक ही गाँव नहीं है जो ऐसा कर रहा था। इनकी एक लंबी लिस्ट है, जो हर राज्य में है।

लेकिन देश में तीन जिले ऐसे हैं जहाँ रहने वाले शातिर अपराधियों ने दुनिया भर के बड़े-बड़े हैकरों को भी पीछे छोड़ दिया है। ये चारों जिले अलग-अलग राज्यों में हैं, पहला हरियाणा का मेवात, दूसरा राजस्थान का भरतपुर एवं करौली और तीसरा उत्तर प्रदेश का मथुरा। भले ही यह चारों जिले अलग-अलग राज्यों में हों लेकिन यह चार जिले तीनों राज्यों की सीमाएँ जोड़ते हैं और इस पूरे इलाके को मेवात का इलाका कहा जाता है। इन चारों जिलों के शातिर अपराधी ठगी बिल्कुल एक जैसे तरीके से करते हैं।

अश्लीलता का यह कारोबार राजस्थान के अन्य जिलों को भी अपनी जद में ले रहा है और नाबालिग युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। कैसे ऑपरेट करता है गैंग ये ठग कई तरह से ऑपरेट करते हैं। कभी सस्ते ऑनलाइन सामान के खरीद का लालच देते हैं, कभी बताते हैं कि आपका एटीएम ब्लॉक हो गया है, उसे अपडेट करने के लिए ओटीपी दे दीजिए, कभी OLX पर सामान बेचने और खरीदने को लेकर, तो कभी ये फेक वेबसाइट बनाकर ठगी करते हैं। लेकिन इन दिनों जो सबसे ज्यादा चर्चित मामले सामने आ रहे हैं वह हैं सेक्सटॉर्शन (Sextortion) के मामले। यानि पहले ये ठग आपसे सोशल मीडिया (Social Media) पर ऑनलाइन जुड़ते हैं फिर आपसे बातचीत कर आपके करीब आते हैं और फिर आपको वीडियो कॉल कर आपकी अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल करते हैं।

कई मामलों में नाबालिग लड़के विशेष वॉयस सॉफ्टवेयर से लड़कियों की आवाज में अश्लील बाते करते हैं और अश्लील सामग्री परोसते हैं। सेक्सटॉर्शन के ज्यादा तर मामले लड़कियों के आईडी से किये जाते हैं, खास तौर से अधेड़ उम्र के पुरुषों के साथ। हालांकि युवा भी अब इस जाल में तेजी से फंस रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन ठगी के आँकड़े लगातार बढ़ रहे हैं, मथुरा, मेवात और भरतपुर के साथ-साथ करौली जिले में सपोटरा और टोडाभीम में ऐसे ठग सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

मूकनायक मीडिया सूत्रों के मुताबिक, अकेले भरतपुर में सेक्सटॉर्शन के हर महीने तकरीबन 40 से 50 मामले आते हैं। बड़ी बात यह है कि ज्यादातर मामले दूसरे राज्यों के होते हैं। और दूसरे राज्यों की पुलिस यहाँ आकर राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करती है। पुलिस का कहना था कि ये केवल 10 फिसदी मामले होते हैं, बाकी के मामलों में लोग बदनामी के डर से FIR ही दर्ज नहीं कराते।

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। उम्मीद है आप बिरसा फुले अंबेडकर मिशन से अवश्य जुड़ेंगे, सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए…

बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This