लोकसेवा गारंटी फुस्स : कानून की जमकर उड़ी धज्जियाँ, 10साल में 8करोड़ शिकायतें,अफसरों पर जुर्माना 31000

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो || 04 जुलाई 2021|| जयपुर- जोधपुर : प्रदेश में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी जनता का काम करने में कितनी कोताही बरत रहे हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दस सालों काम समय से न होने की आठ करोड़ से ज्यादा सरकार के पास पहुँची हैं। पिछले 10 सालों में अफसरों ने इस कानून की जमकर धज्जियाँ उड़ाई हैं। यह दीगर है कि शिकायतें करने के बाद काम हो रहे हैं। अभी भी 82 हजार शिकायतें पेंडिंग हैं। लोगों को विभिन्न कार्यालयों में सरकारी सेवा समय पर उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2011 में राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम लागू किया गया था। शिकायतों के मामलों में टॉप 2 जिले जयपुर और जोधपुर है। राजस्थान लोक सेवा प्रदान करने की गारंटी अधिनियम में काम करने की अवधि तय इसलिए की गई थी ताकि भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं मिले। साथ ही अधिकारी जनता के काम तय समय में ही पूरा करें। अफसरों पर लगा महज 31 हजार जुर्माना तय समय में काम नहीं होने पर अधिकारी पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि समय पर काम नहीं होने की शिकायतों की इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद महज 31 हजार 750 रुपये हजार रुपए का जुर्माना अफसरों पर लगाया गया है। तय समय पर सुनवाई नहीं होने पर 500 से 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। 25 विभागों की 221 सेवाएं दायरे में कांग्रेस शासन में 14 नवंबर, 2011 को राजस्थान लोक सेवा प्रदान करने की गारंटी अधिनियम-2011 को लागू किया गया था। सरकार ने 25 विभागों की 221 सेवाओं को इस कानून के दायरे में शामिल किया है। प्रदेश में 14 नवम्बर 2011 से 31 मई 2021 तक 8 करोड़ 80 लाख 55 हजार 985 शिकायतें जन अभियोग निराकरण विभाग में दर्ज हुई। विभाग का दावा है कि 8 करोड़ 79 लाख 73 हजार 561 का निस्तारण कर दिया गया। वर्तमान में केवल 82 हजार 424 शिकायतें ही लंबित है। सरकारी अधिकारी—कर्मचारी नहीं है गंभीर सरकार ने पवित्र मंशा से आमजन को गुड गवर्नेंस देने के लिए राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम लागू किया। लेकिन अफसरशाही के सुस्त और लापरवाह छवि के कारण समय सीमा पर शिकायतों की सुनवाई नहीं हो रही है। टेबल पर बैठा अफसर टेबल के उस पार बैठे व्यक्ति की समस्याओं के निस्तारण प्रति गंभीर दिखाई नहीं दे रहे है। जिलों में यूडीएच, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,राजस्व एवं उपनिवेशन, नगरीय विकास, गृह विभाग और वित्त विभाग से जुड़े प्रकरण लंबित चल रहे हैं। डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। उम्मीद है आप बिरसा फुले अंबेडकर मिशन से अवश्य जुड़ेंगे, सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…

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