गोरखधंधा : 500से अधिक निजीस्कूल्स को फर्जी तरीके से मान्यता,जिला शिक्षा अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका

3 min read

‘328 स्कूलों में 161 वो स्कूल थे, जिनके मानदंड पूरे नहीं हो रहे थे, सर्वाधिक 161 स्कूल जयपुर में है’ मूकनायक मीडिया ब्यूरो || 05 जुलाई 2021|| जयपुर- बीकानेर : माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पहली बार मान्यता के कागजातों की जाँच इस तरह की है। अब तक ऐसे हजारों स्कूलों को इसी निदेशालय के आदेश से मिलती रही है। छोटे-छोटे घरों में चल रही स्कूलों को विभाग मान्यता दे चुका है। फिलहाल ये तय नहीं है कि इन स्कूलों पर आगे कोई कार्रवाई होगी या नहीं? इन फर्जी स्कूलों के कारण मानदंडों का पालन करेन वाले स्कूल्स को नुकसान होता है। राज्य पाँच सौ से अधिक प्राइवेट स्कूल्स को फर्जी तरीके से मान्यता दिलाने के मामले में आठ जिला शिक्षा अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल इन DEO को कारण बताओ नोटिस दिये गये हैं और इनके जवाब आने पर आगे सख्त कार्रवाई की जायेगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने दैनिक भास्कर को बताया कि बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, चूरू व नागौर के DEOको नोटिस जारी कर दिये गये हैं। जवाब आने के बाद तथ्यों के साथ मिलान किया जायेगा। अगर दोषी होंगे तो सख्त कार्रवाई की जायेगी। मामला क्या है दरअसल, प्राइवेट स्कूल्स को मान्यता देने से पहले DEO से अनुमोदन करवाया जाता है। एक टीम स्कूल की जाँच करती है और सिफारिश करती है कि मान्यता दी जा सकती है या नहीं। जिन स्कूल्स के कमरों के आकार मानदंडों से छोटे हैं, जिनके पास तय वर्ग मीटर में जमीन नहीं है, जिन स्कूल के पास साइंस लेब नहीं है, खेल मैदान नहीं है। उनकी मान्यता के लिए सिफारिश कर दी गयी। कमेटी की रिपोर्ट को देखने के बाद ही जिला शिक्षा अधिकारी को अनुमोदन करना था। आरोप है कि तय मानदंडों को दरकिनार कर जानबूझकर मान्यता के लिए सिफारिश की गयी। पहली बार मंगवाई फाइल आमतौर पर DEO कार्यालय में ही फाइल जमा होती है, वहीं से अनुमोदन के बाद शिक्षा निदेशालय से मान्यता आदेश जारी कर दिये जाते हैं। इस बार इन जिलों से आवेदन करने वाले सभी स्कूलों की फाइल मंगवायी गयी। इससे पता चला कि मानदंड अधूरे होने के बाद भी DEO सिफारिश कर रहे हैं। कहाँ कितने स्कूलों को फर्जी मान्यता का प्रयास निदेशालय की जाँच में करीब पाँच सौ स्कूलों को फर्जी तरीके से मान्यता दिलाने की कोशिश की गयी। इसमें सर्वाधिक 161 स्कूल जयपुर में है। यहाँ 328 स्कूलों की फाइल आयी थी, जिसमें 161 वो स्कूल थे, जिनके मानदंड पूरे नहीं हो रहे थे। इतना ही नहीं बीकानेर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी गड़बड़ हो रही थी। जहाँ शिक्षा का मुख्यालय है। यहाँ 55 स्कूलों का अनुमोदन किया गया, जिसमें 33 में गड़बड़ी पायी गयी है। इसी तरह सीकर में 62 में से 41, अलवर में 107 में से 47, चूरू में 75 में से 57 और नागौर में 83 में से 60 स्कूलों में मानदंड अधूरे थे। इसके बाद भी मान्यता की सिफारिश की गयी। कई जिलों में हुई है धांधली आठ जिलों में तो DEO को नोटिस दिया गया है लेकिन शेष जिलों में भी स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। वहाँ भी कुछ स्कूलों में ऐसे ही सिफारिश की गयी है। आठ जिलों में संख्या ज्यादा होने के कारण नोटिस दिये गये हैं, जबकि अन्य जिलों में स्कूलों की पड़ताल की जा रही है। डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। उम्मीद है आप बिरसा फुले अंबेडकर मिशन से अवश्य जुड़ेंगे, सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

डॉ अंबेडकर की बुलंद आवाज के दस्तावेज : मूकनायक मीडिया पर आपका स्वागत है। दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला के हक़-हकुक तथा सामाजिक न्याय और बहुजन अधिकारों से जुड़ी हर ख़बर पाने के लिए मूकनायक मीडिया के इन सभी links फेसबुक/ Twitter / यूट्यूब चैनलको click करके सब्सक्राइब कीजिए… बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के “Payback to Society” के मंत्र के तहत मूकनायक मीडिया को साहसी पत्रकारिता जारी रखने के लिए PhonePay या Paytm 9999750166 पर यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दीजिए…
उम्मीद है आप बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन से अवश्य जुड़ेंगे !

बिरसा अंबेडकर फुले फातिमा मिशन के लिए सहयोग के लिए धन्यवाद्

Recent Post

Live Cricket Update

Rashifal

You May Like This