राजस्थान की राजनीति की ट्विटर पर जंग

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 14 जुलाई 2020 | जयपुर-दिल्ली : राजस्थान में सियासी संकट के बाद अब उपजे ताजा हालात को लेकर प्रियंका गाँधी सोनिया गाँधी से मिलने पहुँची हैं। वहीं, सीएम अशोक गहलोत ने राज्‍यपाल से मुलाकात कर उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है । इस बीच नेताओं की बयानबाजी जारी है। राजस्थान में सियासी भूचाल के बीच बड़ी खबर है। विधायकों के समर्थन पत्र के साथ सीएम अशोक गहलोत राज्यपाल से मिलने जायेंगे। वे राज्यपाल के समक्ष सरकार की स्थिति स्पष्ट करने जायेंगे। जयपुर में विधायक दल की बैठक के बाद ये निर्णय लिया गया है।

पायलट और उनके समर्थक विधायकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया चित्र। वहीं सोशल मीडिया पर पल पल की ख़बरों से अवगत करवाने वाले ट्विटर पर एक जंग देखने को मिल रही है, जिसकी शुरुआत राजस्थान के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडेय ने ट्विटर पर सचिन पायलट के का जवाब देते हुए कहा कि आपने भाजपा के साथ मिलकर सत्य को परेशां किया , लेकिन पराजित नहीं कर पाये न आगे कर पायेंगे। सत्यमेव जयते।

11 जुलाई 2020 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने ट्विट में कहते हैं कि एसओजी को जो कांग्रेस विधायक दल ने बीजेपी नेताओं द्वारा खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी उस संदर्भ में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चीफ व्हिप एवम अन्य कुछ मंत्री व विधायकों को सामान्य बयान देने के लिए नोटिस आए हैं। कुछ मीडिया द्वारा उसको अलग ढंग से प्रस्तुत करना उचित नहीं है। इसी संदर्भ में द हिंदू अहमदाबाद, गुजरात से जुड़े महेश लंगा अपने ट्विट में खुलासा करते हुए सचिन पायलट को इंडोर्स करके कहते हैं कि एसओजी के फोन रिकॉर्ड हैं जिसमें पायलट की भाजपा के साथ बातचीत, विधायकों की मात्रा और संख्या के बारे में बात दर्ज है।

वहीं, राजदीप सरदेसाई अपने ट्विट अशोक गहलोत का जिक्र करते हुए कहते हैं कि ‘यह पूरा खेल भाजपा का है.. हर विधायक को 25-30-35 करोड़ का ऑफर हुआ है.. हमारे पीसीसी चीफ पायलट भी उसनके बंदी है.. पूरे होटल का इंतजाम भाजपा ने किया है! द प्रिंट के संस्थापक शेखर गुप्ता अपने ट्विट में अशोक गहलोत का बचाव करते हुए लिखते हैं कि सचिन पायलट का विद्रोह सिद्धांतों के लिए होना चाहिए, शक्ति के लिए नहीं। गहलोत को निशाना बनाने के बजाय, उन्हें शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बगावत करनी चाहिए जो स्वार्थी, दिशाहीन, असुरक्षित और नियंत्रण-प्रेमी है। ”

राजस्थान में सियासी भूचाल के बीच बड़ी खबर है। विधायकों के समर्थन पत्र के साथ सीएम अशोक गहलोत राज्यपाल से मिलने गये। जयपुर में विधायक दल की बैठक के बाद ये निर्णय लिया गया है। इससे पहले अशोक गहलोत सरकार को संकट से उबारने से लिए हुई मंगलवार को हुई विधायक दल की बैठक में डिप्टी सीएम एवं पीसीसी चीफ सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया गया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गहलोत जी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए सरकार को मजबूत करने का संकल्प पारित हुआ।

सत्यमेव जयते।

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